3 सितंबर 2026
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एसआईआर विवाद: उपेंद्र कुशवाहा का राहुल गांधी पर तंज — 'बिहार में भी विरोध किया, क्या नतीजा निकला?'

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एसआईआर विवाद: उपेंद्र कुशवाहा का राहुल गांधी पर तंज — 'बिहार में भी विरोध किया, क्या नतीजा निकला?'

सारांश

राहुल गांधी के एसआईआर और 'वोट चोरी' वाले बयान पर उपेंद्र कुशवाहा ने सीधा तंज कसा — बिहार और महाराष्ट्र में विरोध का कोई असर नहीं हुआ। एनडीए के भीतर आरक्षण पर बयानबाज़ी और चिराग पासवान को कथित धमकी ने बिहार की राजनीति को एक साथ कई मोर्चों पर गरमा दिया है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 2 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए एसआईआर और 'वोट चोरी' का मुद्दा फिर उठाया।
उपेंद्र कुशवाहा ने पलटवार किया — ' बिहार में भी एसआईआर विरोध किया, कोई नतीजा नहीं निकला।' कुशवाहा ने कहा कि इस तरह के बयान एनडीए के वोट बढ़ाने में मदद करते हैं।
बिहार बाढ़ पर कुशवाहा ने राज्य सरकार की सक्रियता का बचाव किया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने चिराग पासवान को मिली कथित धमकी पर कड़ी सजा की माँग की।
पारस ने कमज़ोर वर्गों के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण की वकालत की।

लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 2 सितंबर 2026 को एक बार फिर एसआईआर (SIR) का मुद्दा उठाते हुए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के उदाहरण दिए और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया। उनके इस बयान पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने तीखा पलटवार किया और कहा कि राहुल गांधी के विरोध का जनता पर कोई असर नहीं पड़ता।

राहुल गांधी का आरोप — 'वोट चोरी से बनी सरकार'

राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि BJP पर 'वोट चोरी' से सरकार बनाने का आरोप है, इसीलिए वह न तो जनता की सुनती है और न ही उसके आदेश का पालन करती है। उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में एसआईआर के विरोध को अपने तर्क का आधार बनाया। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है।

उपेंद्र कुशवाहा का पलटवार

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने राहुल गांधी के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार में भी एसआईआर का विरोध किया था, लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। कुशवाहा के अनुसार, महाराष्ट्र में भी जनता ने राहुल गांधी की बातों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान एनडीए के वोट बढ़ाने में ही मददगार होते हैं।

कुशवाहा ने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें जनता के मौलिक सवालों — किसानों और युवाओं के मुद्दों — पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि इस तरह के राजनीतिक आरोपों पर।

बिहार बाढ़ और सरकार की सक्रियता

बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नदियों का जलस्तर बढ़ना चिंता का विषय है, लेकिन राज्य सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव उपाय कर रही है।

आरक्षण और एनडीए के आंतरिक मतभेद

कुशवाहा ने कहा कि आरक्षण की हर 10 वर्ष में समीक्षा का संवैधानिक प्रावधान है। उन्होंने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी से आपस में नहीं उलझने की अपील की और कहा कि वे चिराग पासवान के रुख से सहमत हैं। गौरतलब है कि एनडीए के भीतर आरक्षण को लेकर बयानबाज़ी ने हाल के दिनों में नई बहस छेड़ दी है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को मिली कथित धमकी पर कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान दलित समाज के प्रमुख नेता हैं और आरक्षण के पक्षधर हैं। पारस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आरक्षण की वकालत की थी और कमज़ोर वर्गों को 15 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए।

आगे क्या

एसआईआर को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में और तीखा होने की संभावना है। बिहार में चुनावी माहौल के बीच आरक्षण, बाढ़ राहत और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे राजनीतिक दलों के लिए केंद्रीय एजेंडा बने रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

एनडीए के भीतर आरक्षण पर चिराग पासवान, मांझी और कुशवाहा के अलग-अलग सुर यह संकेत देते हैं कि गठबंधन की एकजुटता दिखावटी हो सकती है। बिहार चुनाव की आहट में ये अंतर्विरोध और मुखर होंगे।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (SIR) विवाद क्या है और राहुल गांधी इसे क्यों उठा रहे हैं?
एसआईआर (SIR) एक चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा है जिसे राहुल गांधी 'वोट चोरी' से जोड़ते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के उदाहरण देकर BJP पर आरोप लगाया कि 'वोट चोरी' से बनी सरकार जनता की नहीं सुनती।
उपेंद्र कुशवाहा ने राहुल गांधी पर क्या तंज कसा?
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि राहुल गांधी ने बिहार और महाराष्ट्र में भी एसआईआर का विरोध किया, लेकिन जनता ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया और कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान एनडीए के वोट बढ़ाते हैं।
बिहार बाढ़ की स्थिति पर कुशवाहा ने क्या कहा?
उपेंद्र कुशवाहा ने माना कि नदियों का जलस्तर बढ़ना चिंता का विषय है, लेकिन उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्रिय है और हर संभव उपाय किए जा रहे हैं।
चिराग पासवान को मिली कथित धमकी पर पशुपति कुमार पारस ने क्या कहा?
पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कहा कि चिराग पासवान को मिली कथित धमकी के दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने चिराग पासवान को दलित समाज का प्रमुख नेता और आरक्षण का पक्षधर बताया।
आरक्षण समीक्षा पर उपेंद्र कुशवाहा का क्या रुख है?
कुशवाहा ने कहा कि संवैधानिक प्रावधान के अनुसार आरक्षण की हर 10 वर्ष में समीक्षा होती है। उन्होंने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी को आपस में नहीं उलझने की सलाह दी और कहा कि वे चिराग पासवान के रुख से सहमत हैं।
राष्ट्र प्रेस
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