श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा, देवरिया के गांव भोपतपुरा में जश्न
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति ने उनके पैतृक गांव भोपतपुरा, देवरिया में उत्सव का वातावरण बना दिया है। भारतीय वायु सेना में करीब 39 वर्षों की सेवा के बाद 27 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए मिश्रा को इस ऐतिहासिक धार्मिक संस्थान की कमान सौंपी गई है, जिसे ग्रामीण पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बता रहे हैं।
नियुक्ति का विवरण और पृष्ठभूमि
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना की पश्चिमी वायु कमान में वरिष्ठ जिम्मेदारी संभालते हुए एयर मार्शल के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के कुछ ही समय बाद उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया — यह पद ट्रस्ट के इतिहास में अब तक रिक्त था। यह नियुक्ति ऐसे समय में आई है जब ट्रस्ट अयोध्या में राम मंदिर परिसर के विस्तार और प्रबंधन को पेशेवर ढाँचे में ढालने की दिशा में काम कर रहा है।
सैन्य सेवा और सम्मान
ग्रामीणों के अनुसार, जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर अत्यंत गौरवशाली रहा है। कारगिल युद्ध के दौरान उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुए वायु अभियानों में उनकी भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्वारा 'सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल' से सम्मानित किया गया — हालांकि यह दावा ग्रामीणों का है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि अपेक्षित है। इसके अतिरिक्त, उन्हें सैन्य सेवा के दौरान 'विशिष्ट सेवा मेडल' और 'अति विशिष्ट सेवा मेडल' से भी नवाज़ा जा चुका है।
गांव में उत्साह और परिजनों की प्रतिक्रिया
भोपतपुरा में जितेंद्र मिश्रा के चाचा श्रीराम प्यारे मिश्रा, जो मालवीय इंटर कॉलेज में बड़े बाबू रह चुके हैं, के घर पर ग्रामीणों का तांता लगा रहा। श्रीराम प्यारे मिश्रा ने कहा कि परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में इस नियुक्ति को लेकर विशेष प्रसन्नता है। उन्होंने अपने भतीजे को 'ईमानदार और सक्रिय व्यक्ति' बताते हुए उम्मीद जताई कि वह ट्रस्ट की यह नई जिम्मेदारी भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे।
एक ग्रामीण ने कहा कि राम जन्मभूमि विश्व स्तर पर आस्था और पहचान का केंद्र है, और ऐसे महत्वपूर्ण संस्थान में अपने गांव के व्यक्ति को CEO की जिम्मेदारी मिलना गर्व की बात है। एक अन्य ग्रामीण ने उम्मीद जताई कि इस नियुक्ति से क्षेत्र को पहचान मिलेगी और गांव के विकास को लेकर नई संभावनाएं खुलेंगी।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट देश के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में से एक के प्रबंधन की देखरेख करता है, जहाँ प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु आते हैं। एक अनुभवी सैन्य अधिकारी को CEO नियुक्त करना ट्रस्ट की प्रशासनिक दिशा में एक उल्लेखनीय बदलाव का संकेत देता है। मिश्रा के नेतृत्व में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और श्रद्धालुओं के अनुभव में क्या बदलाव आता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।