हरसिमरत कौर का बड़ा आरोप: CM मान की पत्नी ने ₹5 करोड़ लेकर दुष्कर्म आरोपी को बचाया
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने 2 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर गंभीर आरोप लगाए। हरसिमरत ने कथित तौर पर दावा किया कि डॉ. गुरप्रीत कौर ने ₹5 करोड़ लेकर एक दुष्कर्म के आरोपी को न केवल जेल से बाहर निकलवाया, बल्कि उसे विदेश भागने में भी मदद की। यह आरोप पंजाब की राजनीति में बड़े विवाद का कारण बन गए हैं।
मुख्य आरोप और हरसिमरत का बयान
हरसिमरत कौर ने पत्रकारों के सामने कहा, 'पंजाब में हमेशा महिलाओं के सम्मान की बात होती है, लेकिन असलियत यह है कि यहाँ औरतों का सत्कार होने के बजाय बलात्कार हो रहा है और मुख्यमंत्री की पत्नी दोषियों को बचा रही हैं।' उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब की पीड़ित बेटियाँ जब देखती हैं कि जिन लोगों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए, उन्हें पैसे के बदले बचाया जा रहा है, तो वे न्याय के लिए कहाँ जाएँ।
हरसिमरत ने आगे कहा, 'यह मामला पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। भ्रष्टाचार तो पहले से ही बहुत ज़्यादा था, लेकिन अब जब राज्य के मुख्यमंत्री और उनका परिवार पैसे के बदले रेप करने वाले को बचाने में शामिल हैं, तो पंजाब के लोग, यहाँ की बेटियाँ और रेप पीड़ितों के परिवार आखिर कहाँ जाएँ?'
आरोपी की कानूनी स्थिति पर सवाल
हरसिमरत कौर ने दावा किया कि आरोपी एक कथित सीरियल बलात्कारी है और उसके खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज है। उनके अनुसार, पीड़ित ने अदालत में धारा 164 के तहत बयान दिए थे, जिसके बाद कानूनन बिना ट्रायल के ज़मानत संभव नहीं होनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा, 'यह जेल में बंद था। पीड़ित ने अदालत में 164 के बयान दिए। कानून यह कहता है कि 164 के बयान के बाद किसी हालत में ट्रायल के बिना उस आरोपी को बेल नहीं मिल सकती।' यह आरोप, यदि सत्यापित हों, तो न्यायिक प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करते हैं।
मई में गिरफ्तारी, जुलाई में विदेश — कैसे?
हरसिमरत ने सबसे चौंकाने वाला सवाल यह उठाया कि जो आरोपी मई में गिरफ्तार हुआ था, वह जुलाई तक जेल से बाहर आकर विदेश कैसे पहुँच गया। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि यह सब मुख्यमंत्री की पत्नी द्वारा कथित तौर पर लिए गए ₹5 करोड़ की वजह से संभव हुआ।
गौरतलब है कि ये सभी आरोप अभी तक विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान या उनकी पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पंजाब की राजनीति में असर
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर विपक्ष के निशाने पर है। शिरोमणि अकाली दल लगातार राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर हमलावर रहा है।
आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आरोप — चाहे सिद्ध हों या नहीं — राज्य में पीड़ित महिलाओं के न्याय के प्रति जनता के भरोसे को कमज़ोर करते हैं। मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग विभिन्न नागरिक संगठनों की ओर से भी उठ सकती है। आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की संभावना है।