मजीठिया की गिरफ्तारी पर भड़के सुखबीर-हरसिमरत बादल, पंजाब सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी के लिए 1 जून को अमृतसर और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद अकाली दल के शीर्ष नेताओं ने पंजाब सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप लगाते हुए तीखा पलटवार किया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस की यह कार्रवाई मजीठा थाने पर हुए कथित हमले के बाद शुरू हुई। आरोप है कि बिक्रमजीत सिंह मजीठिया और उनके समर्थकों ने पुलिस हिरासत से जोबनप्रीत नाम के एक आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया था। इसी आधार पर मजीठिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज की गई।
सुखबीर बादल की प्रतिक्रिया
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, 'बिक्रम सिंह मजीठिया के ऊपर इन्होंने जो केस डाला है, यह पूरी तरह बदले की राजनीति है। यह सोचते हैं कि बिक्रम मजीठिया को केस डालकर डरा देंगे और अकाली दल के कार्यकर्ताओं को डरा देंगे। यह गलतफहमी में हैं। हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।'
सुखबीर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को सीधे चुनौती देते हुए कहा, 'जितने केस डालने हैं, डाल दो। पंजाब की जनता इन्हें चार महीने में जवाब देगी।'
हरसिमरत कौर बादल का आरोप
अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, 'राज्य के मुख्यमंत्री बौखला चुके हैं। बिक्रम सिंह मजीठिया जब आजाद घूमते हैं तो मुख्यमंत्री को एक्सपोज करते हैं। इनकी धांधलियों को एक्सपोज करते हैं। जनता को लॉ एंड ऑर्डर का हाल बताते हैं। यह मुख्यमंत्री से बर्दाश्त नहीं होता।'
हरसिमरत कौर बादल ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी अकाली दल के एक निर्दोष कार्यकर्ता को उठा ले गए थे और एसएचओ ने उसे अपने घर पर बंदी बनाकर रखा था — उसके मुंह पर पट्टी और हाथ रस्सी से बंधे थे। उन्होंने कहा कि मजीठिया ने उस कार्यकर्ता को छुड़ाने का प्रयास किया और मांग की कि यदि गिरफ्तारी करनी है तो एफआईआर दर्ज कर थाने ले जाया जाए — इसी के चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी पंजाब सरकार की इस कार्रवाई की निंदा की। पंजाब भाजपा के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, 'बिक्रम सिंह मजीठिया पर छापे मारे जा रहे हैं। पहले दिन से ही मैं कहता आ रहा हूं कि यह बदले की राजनीति है और मैं इसके सख्त खिलाफ हूं। भारतीय जनता पार्टी भी इसका कड़ा विरोध करती है।' उन्होंने कहा कि पंजाब असली मुद्दों — विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, किसान और युवाओं की समस्याओं — को नजरअंदाज कर बदले की राजनीति में उलझ गया है।
आगे क्या होगा
मजीठिया अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और उनकी गिरफ्तारी की कोशिशें जारी हैं। यह मामला आने वाले महीनों में पंजाब की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बनने की संभावना है, खासकर जब सुखबीर बादल ने 'चार महीने में जनता का जवाब' का संकेत दिया है।