मजीठिया के अमृतसर आवास पर पंजाब पुलिस का छापा, SAD ने लगाया राजनीतिक बदले का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस ने 1 जून 2026 को तड़के सुबह अमृतसर के ग्रीन एवेन्यू स्थित शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई एक स्थानीय थाने में हुए विवाद और हंगामे के बाद दर्ज एफआईआर के सिलसिले में की गई। SAD ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए कड़ी निंदा की है।
छापेमारी की पृष्ठभूमि
अमृतसर पुलिस ने थाने में हुई झड़प के बाद बिक्रम सिंह मजीठिया और शिरोमणि अकाली दल के कई कार्यकर्ताओं के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की। मामले में नामजद आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने 12 विशेष टीमें गठित कीं और कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इसी अभियान के तहत मजीठिया के ग्रीन एवेन्यू आवास पर भी छापेमारी की गई।
SAD अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल वरिष्ठ अकाली नेता के विरुद्ध राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रहा है। बादल ने कहा कि चुनाव के दौरान भी मजीठिया को कई बार निशाना बनाने की कोशिश की गई, लेकिन वे चुनाव जीते। उनका दावा है कि अब उन्हें कानूनी मामलों में उलझाने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है।
सांसद हरसिमरत कौर बादल के आरोप
SAD सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी जांच प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को पहले बिना किसी कार्रवाई के थाने से छोड़ दिया गया और कथित तौर पर उसे बिना वारंट एवं बिना एफआईआर के एसएचओ के आवास पर अवैध रूप से रखा गया था। हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि उस व्यक्ति को 'बचाने' के बाद पुलिस ने मजीठिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की — और इसी आधार पर उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
राजनीतिक संदर्भ
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में सत्तारूढ़ दल और विपक्षी SAD के बीच तनाव पहले से ऊँचा है। गौरतलब है कि मजीठिया पंजाब की राजनीति में एक प्रमुख और विवादास्पद चेहरा रहे हैं, और उनके विरुद्ध पहले भी कानूनी कार्रवाइयाँ हो चुकी हैं। आलोचकों का कहना है कि पुलिस की यह कार्रवाई विपक्षी आवाज़ों को दबाने के व्यापक पैटर्न का हिस्सा हो सकती है, हालाँकि पुलिस ने इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
आगे क्या होगा
अमृतसर पुलिस ने दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। SAD ने निष्पक्ष जांच की माँग की है और मामले को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कानूनी और राजनीतिक, दोनों मोर्चों पर घटनाक्रम तेज़ होने की संभावना है।