22 अगस्त 2026
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भगवंत मान की पत्नी पर रेप केस दबाने के आरोप: NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से माँगी रिपोर्ट

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भगवंत मान की पत्नी पर रेप केस दबाने के आरोप: NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से माँगी रिपोर्ट

सारांश

NHRC ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर ₹5 करोड़ में रेप केस दबाने के कथित आरोपों का संज्ञान लिया है। सेवानिवृत्त जज जस्टिस रंजीत सिंह के हवाले से दर्ज इस शिकायत पर आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से दो सप्ताह में रिपोर्ट माँगी है।

मुख्य बातें

NHRC ने 22 अगस्त 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर ₹5 करोड़ में रेप केस दबाने के कथित आरोपों का संज्ञान लिया।
शिकायत एक एक्टिविस्ट ग्रुप ने दर्ज कराई, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजीत सिंह के आरोपों का उल्लेख है।
NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में रिपोर्ट माँगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा प्रभाग को भी मामले की सूचना दी गई है।
SAD सांसद हरसिमरत कौर बादल ने एक्स पर कहा कि वे 5 सितंबर को इस मामले पर पुनः सवाल उठाएँगी।
आरोप अभी कथित हैं; पंजाब सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर लगे उन कथित आरोपों का संज्ञान लिया है, जिनमें एक रेप पीड़िता का मामला ₹5 करोड़ की रिश्वत लेकर दबाने की बात कही गई है। आयोग ने 22 अगस्त 2026 को पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी कर उनसे रिपोर्ट तलब की है। यह शिकायत एक एक्टिविस्ट ग्रुप द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजीत सिंह के हवाले से यह आरोप लगाए गए हैं।

NHRC का संज्ञान और नोटिस

NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने इस मामले पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा, 'हमें एक एक्टिविस्ट ग्रुप से शिकायत मिली है। उन्होंने हमें बताया कि पंजाब हाई कोर्ट के पूर्व जज रंजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री की पत्नी रेप केस को दबाने के लिए ₹5 करोड़ की रिश्वत माँग रही हैं।' कानूनगो ने इसे 'बहुत गंभीर मामला' बताते हुए कहा कि यदि सरकार में उच्च पदों पर बैठे लोगों के परिजन पीड़ित महिलाओं की आवाज़ दबाने के लिए रिश्वत का सहारा लेते हैं, तो यह देश को कानून-व्यवस्था-विहीन स्थिति की ओर धकेलना होगा।

कानूनगो ने यह भी बताया कि चूँकि यह मामला मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ा है, इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा प्रभाग को भी इसकी सूचना दे दी गई है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि यदि NHRC ने मुख्य सचिव और DGP से रिपोर्ट माँगी है, तो उन्हें तथ्य सामने रखने चाहिए। उन्होंने कहा, 'ह्यूमन राइट्स कमीशन को बताना चाहिए कि क्या हुआ था, ऐसा मुद्दा क्यों उठाया गया और ऐसे आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं।'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता विजय सांपला ने कहा कि चूँकि ये आरोप एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने लगाए हैं, इसलिए मामला और भी गंभीर हो जाता है। उनके अनुसार, 'जब कोई रिटायर्ड जज शिकायतकर्ता हों, तो यही माना जाता है कि उन्होंने सभी कानूनी पहलुओं की जाँच-पड़ताल के बाद ही ऐसा किया होगा।'

हरसिमरत कौर बादल का एक्स पोस्ट

शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 'मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर ₹5 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप इतने गंभीर हैं कि NHRC को दखल देना पड़ा।' उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य सचिव और DGP की रिपोर्ट के लिए दो सप्ताह की समय-सीमा तय की गई है और वे 5 सितंबर को इस मामले पर पुनः सवाल उठाएँगी।

आगे क्या होगा

NHRC द्वारा जारी नोटिस के अनुसार पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी। यह मामला आम आदमी पार्टी (AAP) की अगुवाई वाली पंजाब सरकार के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गया है। आरोप अभी तक न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं और सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक खंडन सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश हैं — जो आरोपों को स्वाभाविक रूप से अधिक विश्वसनीयता देता है, भले ही वे अभी सिद्ध नहीं हुए। AAP, जो भ्रष्टाचार-विरोध के एजेंडे पर सत्ता में आई थी, के लिए यह राजनीतिक रूप से कहीं अधिक नुकसानदेह है। NHRC की भूमिका यहाँ सीमित है — वह केवल रिपोर्ट माँग सकता है, आपराधिक जाँच नहीं कर सकता — इसलिए असली परीक्षा यह होगी कि पुलिस और न्यायपालिका इस मामले में स्वतंत्र रूप से कार्य करती है या नहीं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NHRC ने भगवंत मान की पत्नी के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
NHRC ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी पर ₹5 करोड़ में रेप केस दबाने के कथित आरोपों का संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
यह आरोप किसने लगाए हैं और शिकायत कहाँ से आई?
शिकायत एक एक्टिविस्ट ग्रुप ने NHRC में दर्ज कराई है, जिसमें पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजीत सिंह के हवाले से यह आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि मुख्यमंत्री की पत्नी ने रेप केस दबाने के लिए ₹5 करोड़ की रिश्वत माँगी।
क्या पंजाब सरकार ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
22 अगस्त 2026 तक पंजाब सरकार या मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक खंडन या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला अभी जाँच के दायरे में है और आरोप कथित हैं।
गृह मंत्रालय को इस मामले में क्यों शामिल किया गया?
NHRC सदस्य प्रियांक कानूनगो ने बताया कि चूँकि आरोप मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े हैं, इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा प्रभाग को भी इस मामले की सूचना दी गई है। यह कदम मामले की संवेदनशीलता और उच्च-स्तरीय निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया।
हरसिमरत कौर बादल ने इस मामले पर क्या कहा?
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने एक्स पर लिखा कि ₹5 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप इतने गंभीर हैं कि NHRC को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे 5 सितंबर को मुख्य सचिव और DGP की रिपोर्ट पर पुनः सवाल उठाएँगी।
राष्ट्र प्रेस
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