हमास हमले की बरसी से पहले नेतन्याहू की चेतावनी: 'चुनाव से पहले हमला हुआ तो पूरे दमखम से जवाब देंगे'
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की तीसरी बरसी से ठीक एक दिन पहले अपने दुश्मनों को कड़ी चेतावनी दी है। साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में नेतन्याहू ने आशंका जताई कि हमास आगामी नेसेट (संसदीय) चुनावों से पहले इजरायल पर एक बार फिर हमले की कोशिश कर सकता है — और साफ शब्दों में कहा कि ऐसी किसी भी कोशिश का मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में क्या बोले नेतन्याहू
नेतन्याहू ने बैठक की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 के हमले में मारे गए लोगों और इजरायल की रक्षा में जुटे सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने गाजा हमले में निहत्थी महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की हत्या के लिए हमास को सीधे जिम्मेदार ठहराया। बैठक की क्लिप मंगलवार को नेतन्याहू के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की गई।
चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने कहा, 'अगर इजरायल को चुनौती देने की कोशिश की गई तो उसका जवाब पूरे दमखम के साथ दिया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा, 'मैं अपने सभी दुश्मनों से स्पष्ट कहना चाहूंगा: देखिए, 'वॉर ऑफ रिवाइवल' में हमने सात मोर्चों पर आपके साथ क्या किया है। हमसे उलझने की कोशिश न करें।'
पिछले तीन वर्षों की सैन्य कार्रवाई
नेतन्याहू ने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में इजरायल ने हमास के करीब 6,000 लड़ाकों में से 4,000 को मार गिराया है। उनके अनुसार इनमें से किसी को भी सुरक्षित निकलने का मौका नहीं मिला, और इजरायल बाकी बचे लड़ाकों तक पहुँचने का संकल्प रखता है। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने अपने दुश्मनों के खिलाफ 'पासा पलट दिया' है और वर्तमान में इजरायल मध्य पूर्व का सबसे शक्तिशाली देश है।
यह ऐसे समय में आया है जब गाजा में संघर्ष को एक वर्ष से अधिक हो चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्धविराम की माँग को लेकर दबाव बना रहा है।
गाजा सीमा क्षेत्र में पुनर्वास
नेतन्याहू ने गाजा सीमा से लगे इजरायली इलाकों में पुनर्वास को एक बड़ी उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, 'इन इलाकों के करीब 90 प्रतिशत निवासी अपने घरों में लौट चुके हैं और बड़ी संख्या में अन्य लोग भी वहाँ बसने आ रहे हैं।' उन्होंने बताया कि गाजा सीमा के शहरों, किबुत्ज़ और मोशाव में निर्माण और पुनर्वास कार्य तेज़ी से जारी है और युवा दंपतियाँ भी नया जीवन शुरू करने के लिए वहाँ पहुँच रहे हैं। इसी तरह की स्थिति का उल्लेख उन्होंने देश के उत्तरी हिस्से के बारे में भी किया।
चुनाव से पहले हमले की आशंका
नेतन्याहू ने आगामी नेसेट चुनावों का संदर्भ देते हुए आशंका जताई कि हमास अपनी कमज़ोर स्थिति के बावजूद बची-खुची ताकत का इस्तेमाल कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने चुनौती भरे अंदाज़ में कहा, 'इजरायल ऐसी किसी भी कोशिश का जवाब देने को तैयार है। यदि हमास ने ऐसा करने की गलती की तो इजरायल पूरे दमखम के साथ जवाब देगा।' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब इजरायली नेतृत्व ने चुनाव-काल में सुरक्षा खतरों की आशंका जताई हो।
आगे क्या होगा
नेतन्याहू की इस चेतावनी को क्षेत्रीय तनाव के उस व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें लेबनान, ईरान और अन्य मोर्चों पर भी इजरायल सक्रिय रहा है। 7 अक्टूबर 2026 को बरसी के अवसर पर इजरायल में आधिकारिक स्मरण समारोह आयोजित किए जाने की संभावना है। विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव-पूर्व इस तरह के कठोर बयान इजरायली घरेलू राजनीति में सुरक्षा को केंद्रीय मुद्दा बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकते हैं।