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नेतन्याहू का ऐलान: ईरान इजरायल पर हमले से डरता है, परमाणु हथियार कभी नहीं मिलेंगे

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नेतन्याहू का ऐलान: ईरान इजरायल पर हमले से डरता है, परमाणु हथियार कभी नहीं मिलेंगे

सारांश

नेतन्याहू ने एक्स पर दो-टूक कहा — ईरान इजरायल पर हमले से इसलिए बचता है क्योंकि उसे कड़े जवाब का डर है। परमाणु हथियार, फिलिस्तीनी राज्य और 15-सूत्रीय दस्तावेज — तीनों पर इजरायल का इनकार साफ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल की कमज़ोरी को लेकर अफवाहें चरम पर थीं।

मुख्य बातें

बेंजामिन नेतन्याहू ने 9 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ईरान इजरायल पर हमले से इसलिए बच रहा है क्योंकि उसे भारी जवाबी कार्रवाई का भय है।
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि जब तक वे प्रधानमंत्री हैं, ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
इजरायल ने 15-सूत्रीय दस्तावेज को सिरे से खारिज किया; हमास के पूर्ण निशस्त्रीकरण तक सेना वापसी से इनकार।
नेतन्याहू ने कहा कि गाजा और यहूदिया-सामरिया में कोई फिलिस्तीनी राज्य नहीं बनेगा।
इजरायल ने लेबनान में अली ताहेर रिज क्षेत्र में आतंकवादियों को निशाना बनाया; अभियान जारी।
हमास निशस्त्रीकरण पर अमेरिका के साथ बातचीत जारी, कुछ सुझाव स्वीकार्य, कुछ नहीं।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 9 अगस्त 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के ज़रिए स्पष्ट किया कि ईरान जानबूझकर इजरायल पर सीधा हमला करने से बच रहा है, क्योंकि उसे इजरायल की कड़ी जवाबी कार्रवाई का भय है। नेतन्याहू ने यह भी दोहराया कि जब तक वे प्रधानमंत्री हैं, ईरान को किसी भी सूरत में परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।

नेतन्याहू का सीधा संदेश ईरान को

नेतन्याहू ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'आपने एक दिलचस्प बात जरूर नोट की होगी। ईरान इस क्षेत्र के लगभग सभी देशों पर हमला कर रहा है, बल्कि क्षेत्र के बाहर भी हमले कर रहा है, लेकिन एक देश ऐसा है जिस पर वह हमला नहीं कर रहा है, और वह है इजरायल।' उन्होंने आगे कहा, 'अब तक उसने हम पर हमला नहीं किया है। आगे कर सकता है, लेकिन इतने हफ्ते बीत जाने के बाद भी उसने ऐसा क्यों नहीं किया? क्योंकि उसे पता है कि अगर उसने हमला किया, तो हम उसे बहुत बड़ा और गंभीर जवाब देंगे।'

नेतन्याहू ने यह भी कहा कि पिछले दो दिनों से इजरायल की कमज़ोरी और पीछे हटने को लेकर जो अफवाहें फैल रही हैं, वे उन्हीं लोगों की ओर से आ रही हैं जो गाजा से निकलने, लेबनान न जाने और ईरान पर हमला न करने की सलाह देते रहे हैं।

परमाणु हथियारों पर अटल रुख

नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सराहना करते हुए कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अमेरिका के साथ इजरायल की साझेदारी ऐतिहासिक है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'समझौता हो या न हो, जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा। इजरायल का अस्तित्व किसी भी तरह की बातचीत या सौदेबाजी का विषय नहीं है।'

लेबनान और गाजा पर इजरायल का रुख

लेबनान को लेकर नेतन्याहू ने कहा कि हाल के दिनों में इजरायल ने वहाँ मजबूती से कार्रवाई की है और अली ताहेर रिज क्षेत्र सहित कई आतंकवादियों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण अभियान है जिसे सोच-समझकर चलाया जा रहा है।

गाजा पट्टी के संदर्भ में नेतन्याहू ने साफ किया कि जब तक वे प्रधानमंत्री हैं, कोई भी फिलिस्तीनी राज्य नहीं बनेगा — न गाजा में, न यहूदिया और सामरिया में। उन्होंने 15-सूत्रीय दस्तावेज को खारिज करते हुए कहा कि जब तक हमास को पूरी तरह निशस्त्र नहीं किया जाता, इजरायली सेना कोई वापसी नहीं करेगी।

हमास निशस्त्रीकरण पर कड़ा संकल्प

नेतन्याहू ने हमास के निशस्त्रीकरण की शर्त को और स्पष्ट करते हुए कहा, 'जब मैं हमास को निशस्त्र करने की बात करता हूं, तो उसका मतलब है उसके सभी हथियार — भारी हथियार, हल्के हथियार, हर तरह के हथियार। हम वास्तविक निशस्त्रीकरण की बात कर रहे हैं, सिर्फ दिखावे की नहीं।' उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत जारी है और कुछ सुझाव स्वीकार्य हैं, कुछ नहीं।

इजरायल की सैन्य उपलब्धियों का जिक्र

नेतन्याहू ने याद दिलाया कि इजरायल ने रफा और फिलाडेल्फी कॉरिडोर में प्रवेश किया, लेबनान में नसरल्लाह और रॉकेट भंडार को खत्म किया, और ईरान पर दो बार हमला किया। उन्होंने कहा कि इजरायल सलाह देने वालों की परवाह किए बिना वही करता है जो उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी है — और जरूरत पड़ने पर अपने करीबी दोस्तों के सामने भी अपने रुख पर कायम रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 'वास्तविक निशस्त्रीकरण' की शर्त किसी भी युद्धविराम समझौते को व्यावहारिक रूप से असंभव बना देती है। 15-सूत्रीय दस्तावेज की अस्वीकृति और फिलिस्तीनी राज्य पर पूर्ण इनकार यह दर्शाता है कि नेतन्याहू कूटनीतिक लचीलेपन की बजाय सैन्य दबाव को ही एकमात्र रास्ता मान रहे हैं — जो मध्यपूर्व में दीर्घकालिक स्थिरता की संभावनाओं को और संकुचित करता है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने ईरान के बारे में क्या कहा?
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान क्षेत्र के लगभग सभी देशों पर हमला कर रहा है, लेकिन इजरायल पर इसलिए नहीं करता क्योंकि उसे इजरायल की कड़ी जवाबी कार्रवाई का डर है। यह बयान उन्होंने 9 अगस्त को एक्स पर पोस्ट के ज़रिए दिया।
क्या ईरान को परमाणु हथियार मिल सकते हैं?
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि जब तक वे इजरायल के प्रधानमंत्री हैं, ईरान किसी भी सूरत में परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा — चाहे कोई समझौता हो या न हो। उन्होंने इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ ऐतिहासिक साझेदारी का भी उल्लेख किया।
इजरायल ने 15-सूत्रीय दस्तावेज को क्यों खारिज किया?
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल इस दस्तावेज को स्वीकार नहीं करता और उन्होंने इसे दोबारा स्पष्ट रूप से खारिज किया। उनके अनुसार जब तक हमास पूरी तरह — भारी और हल्के, सभी हथियारों से — निशस्त्र नहीं हो जाता, इजरायली सेना गाजा से वापस नहीं हटेगी।
क्या गाजा में फिलिस्तीनी राज्य बनेगा?
नेतन्याहू ने साफ कहा कि जब तक वे प्रधानमंत्री हैं, न गाजा में और न यहूदिया-सामरिया में कोई फिलिस्तीनी राज्य बनेगा। उन्होंने 'फतहस्तान' और 'हमासस्तान' दोनों संभावनाओं को नकारा।
लेबनान में इजरायल की क्या स्थिति है?
नेतन्याहू ने कहा कि हाल के दिनों में इजरायल ने लेबनान में मजबूती से कार्रवाई की है और अली ताहेर रिज क्षेत्र सहित कई आतंकवादियों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि एक महत्वपूर्ण अभियान जारी है जिसके विवरण सार्वजनिक नहीं किए जा सकते।
राष्ट्र प्रेस
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