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नेतन्याहू का ऐलान: 'ईरान भारी कीमत चुका चुका है, इस शासन का पतन होगा'

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नेतन्याहू का ऐलान: 'ईरान भारी कीमत चुका चुका है, इस शासन का पतन होगा'

सारांश

मोसाद निदेशक की विदाई पर नेतन्याहू ने ईरान को सीधी चेतावनी दी — शासन की नींव दरक चुकी है और पतन अवश्यंभावी है। यह बयान तब आया जब कथित तौर पर ट्रंप ने लेबनान हमलों पर नाराजगी जताई, जो अमेरिका-इजरायल संबंधों में बढ़ते तनाव को उजागर करता है।

मुख्य बातें

इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने 2 जून 2026 को कहा कि ईरान भारी कीमत चुका चुका है और वहाँ के शासन की नींव दरक चुकी है।
यह बयान मोसाद निदेशक डेविड बरनिया के विदाई समारोह में दिया गया; नेतन्याहू ने बरनिया के 30 वर्षीय कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया।
नेतन्याहू ने एक्स (X) पर भी अपने बयान की प्रमुख बातें पोस्ट कीं।
कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान में हमले रोकने को कहा और नाराजगी जताई — द टाइम्स ऑफ इजरायल ने एक्सियोस के हवाले से यह बताया।
नेतन्याहू ने मोसाद को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खुफिया एजेंसी करार दिया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 2 जून 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान अपने कार्यों की 'बहुत बड़ी कीमत' चुका चुका है और तेहरान के मौजूदा शासन की बुनियादें हिल चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इजरायल के विरुद्ध षड्यंत्र रचने वाले किसी भी पक्ष को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

मोसाद विदाई समारोह में दिया बयान

सोमवार को मोसाद निदेशक डेविड बरनिया के विदाई समारोह में दिए गए संबोधन में नेतन्याहू ने यह बातें कहीं। मंगलवार को उन्होंने अपने एक्स (X) अकाउंट पर इन प्रमुख बातों को पोस्ट भी किया।

नेतन्याहू ने कहा, 'जो कोई भी इजरायल के खिलाफ बुरी नीयत से देखेगा, उसे यह जान लेना चाहिए कि उसकी साजिशें असफल होंगी। उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरान पहले ही बहुत बड़ी कीमत चुका चुका है। इस शासन की नींव दरक चुकी है। यह कभी पहले जैसा नहीं हो सकेगा, और अंततः इसका पतन होगा।'

ट्रंप-नेतन्याहू तनाव की पृष्ठभूमि

यह बयान ऐसे समय आया है जब कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू से लेबनान में हमले रोकने को कहा है। द टाइम्स ऑफ इजरायल ने एक्सियोस के हवाले से लिखा कि ट्रंप ने इस मुद्दे पर कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। गौरतलब है कि यह अमेरिका-इजरायल संबंधों में बढ़ते तनाव का संकेत है, जो हाल के हफ्तों में कई बार सार्वजनिक हुआ है।

मोसाद की सराहना और बरनिया को विदाई

नेतन्याहू ने अपने संबोधन में मोसाद को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खुफिया एजेंसी बताया। उन्होंने कहा कि इजरायल ने तकनीक, रक्षा, चिकित्सा और कृषि में वैश्विक पहचान बनाई है, लेकिन मोसाद का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद-रोधी और खुफिया श्रेष्ठता का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने निदेशक डेविड बरनिया के 30 वर्षीय कार्यकाल को इजरायल के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण दौरों में से एक करार दिया। उन्होंने कहा कि बरनिया के नेतृत्व में हासिल उपलब्धियों ने इजरायल की सुरक्षा को निर्णायक रूप से मजबूत किया।

क्षेत्रीय संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव कई मोर्चों पर एक साथ बना हुआ है — गाजा संघर्ष, लेबनान की स्थिति और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय दबाव। नेतन्याहू का यह बयान इजरायल की आक्रामक रक्षा नीति की पुनः पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, मोसाद के नए नेतृत्व में इजरायल की खुफिया प्राथमिकताएँ और रणनीति आने वाले महीनों में स्पष्ट होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो ऐसे वक्त पर आया जब कथित तौर पर वाशिंगटन से दबाव बढ़ रहा है। ट्रंप की कथित नाराजगी और नेतन्याहू की आक्रामक भाषा एक साथ सामने आना बताता है कि अमेरिका-इजरायल गठबंधन में दरारें सार्वजनिक होती जा रही हैं। मोसाद की प्रशंसा और नए नेतृत्व की पृष्ठभूमि में यह बयान यह भी संकेत देता है कि इजरायल की खुफिया और सैन्य नीति में कोई मूलभूत बदलाव नहीं आने वाला। सवाल यह है कि जब इजरायल के सबसे करीबी सहयोगी का धैर्य जवाब देने लगे, तो 'भारी कीमत' की यह भाषा कितनी टिकाऊ साबित होगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने ईरान के बारे में क्या कहा?
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान अपने कार्यों की बहुत बड़ी कीमत चुका चुका है, वहाँ के शासन की नींव दरक चुकी है और अंततः उसका पतन होगा। यह बयान उन्होंने 2 जून 2026 को मोसाद निदेशक डेविड बरनिया के विदाई समारोह में दिया।
डेविड बरनिया कौन हैं और उनका विदाई समारोह क्यों हुआ?
डेविड बरनिया इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के निदेशक रहे हैं। नेतन्याहू ने उनके 30 वर्षीय कार्यकाल को इजरायल के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण दौरों में से एक बताया।
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच लेबनान को लेकर क्या विवाद है?
कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू से लेबनान में हमले रोकने को कहा और कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। द टाइम्स ऑफ इजरायल ने एक्सियोस के हवाले से यह जानकारी दी।
नेतन्याहू ने मोसाद के बारे में क्या कहा?
नेतन्याहू ने मोसाद को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खुफिया और आतंकवाद-रोधी एजेंसी बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों के अनुभव के आधार पर वह पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि मोसाद से बेहतर कोई खुफिया संगठन नहीं है।
इजरायल-ईरान तनाव का मौजूदा संदर्भ क्या है?
मध्य पूर्व में इस समय गाजा संघर्ष, लेबनान की स्थिति और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय दबाव एक साथ बने हुए हैं। नेतन्याहू का यह बयान इजरायल की आक्रामक रक्षा नीति की पुनः पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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