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नेतन्याहू का ऐलान: ईरान पर हमले रोके, दोबारा हमले पर 'कई गुना ताकत' से जवाब की चेतावनी

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नेतन्याहू का ऐलान: ईरान पर हमले रोके, दोबारा हमले पर 'कई गुना ताकत' से जवाब की चेतावनी

सारांश

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरान पर हमले रोकने का ऐलान किया — लेकिन यह राहत नहीं, शर्त है। दोबारा हमले पर 'कई गुना ताकत' की चेतावनी और ट्रंप से बातचीत का उल्लेख बताता है कि मध्य-पूर्व में तनाव थमा नहीं, बस एक नए मोड़ पर आ खड़ा हुआ है।

मुख्य बातें

इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने 8 जून को ईरान पर हमले रोकने की घोषणा की।
नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि ईरान के दोबारा हमले पर इजरायल 'कई गुना अधिक ताकत' से जवाब देगा।
ईरान ने भी इजरायल पर हमले रोकने का ऐलान किया है।
नेतन्याहू ने दावा किया कि हिज्बुल्लाह की 1,50,000 मिसाइलों व रॉकेटों से हमले की योजना नाकाम की गई।
IDF ने बेरूत और पूरे ईरान में सैन्य व आर्थिक ठिकानों पर हमले किए।
नेतन्याहू ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 'अच्छी बातचीत' का उल्लेख किया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 8 जून को देश के नाम दिए संबोधन में ईरान पर इजरायली हमले रोकने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान की सरकार द्वारा हमले बंद करने के बाद यह निर्णय लिया गया है, लेकिन साथ ही कड़ी चेतावनी दी कि यदि ईरान ने दोबारा हमला किया तो जवाब 'कई गुना अधिक ताकत' से दिया जाएगा। ईरान ने भी इजरायल पर हमले रोकने का ऐलान किया है।

नेतन्याहू के संबोधन के मुख्य बिंदु

नेतन्याहू ने अपने संबोधन में कहा, 'एक साल पहले, हमने ईरान के परमाणु बम से हमें खत्म करने के इरादे के खिलाफ एक ऐतिहासिक पूर्वव्यापी हमला किया था। हमने इस तुरंत खतरे को नाकाम कर दिया और हमने तानाशाह खामेनेई को भी खत्म कर दिया। अगर हमने समय पर और जबरदस्त ताकत से कार्रवाई नहीं की होती, तो हम आज यहां नहीं होते। और मैं फिर से वादा करता हूं: ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होंगे।' यह बयान इजरायल की दीर्घकालिक परमाणु-विरोधी नीति की पुनः पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।

हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई का ब्यौरा

दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के विरुद्ध अभियान पर नेतन्याहू ने कहा कि हिज्बुल्लाह ने हजारों आतंकवादियों के साथ गैलिली पर हमले और 1,50,000 मिसाइलों व रॉकेटों से इजरायली शहरों को तबाह करने की योजना बनाई थी। उन्होंने दावा किया कि इस खतरे को नाकाम कर दिया गया और हिज्बुल्लाह के पूर्व प्रमुख नसरल्लाह को मार गिराया गया। नेतन्याहू ने यह भी बताया कि ब्यूफोर्ट रिज में बड़ी भूमिगत सुविधाओं सहित सुरक्षा क्षेत्र में हिज्बुल्लाह के आतंकी ढांचों को नष्ट करने का काम जारी है।

पिछले 24 घंटों की घटनाएँ

नेतन्याहू के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ईरान और हिज्बुल्लाह ने एक नया 'समीकरण' थोपने की कोशिश की — लेबनानी इलाके और ईरान से इजरायल पर हमले करके यह धारणा बनाने की कि इजरायल जवाब नहीं देगा। उन्होंने कहा कि इजरायली रक्षा बल (IDF) को बेरूत में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर और इसके बाद पूरे ईरान में सैन्य व आर्थिक लक्ष्यों पर हमले करने के निर्देश दिए गए, जिन्हें अंजाम दिया गया।

युद्धविराम की शर्तें और आगे की चेतावनी

हमले रोकने की घोषणा करते हुए नेतन्याहू ने कहा, 'अभी, हम अपनी फायरिंग रोके हुए हैं, क्योंकि तेहरान में आतंकी सरकार पर हमला करने के बाद, उसने हम पर हमला करना बंद कर दिया है।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस विषय पर उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 'अच्छी बातचीत' की है। गौरतलब है कि यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव अपने चरम पर है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय संघर्षविराम की दिशा में दबाव बना रहा था।

आगे की स्थिति

नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि ईरान और हिज्बुल्लाह पहले से कमजोर हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। इजरायल की आत्मरक्षा की नीति अपरिवर्तित रहेगी और किसी भी नए हमले का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा गया है। क्षेत्र में स्थायी शांति की संभावना अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ट्रंप को, और घरेलू दर्शकों को एक साथ। 'हमले रोके हैं, खत्म नहीं किए' — यह भाषा जानबूझकर चुनी गई है ताकि कूटनीतिक दरवाजा भी खुला रहे और सैन्य विकल्प भी। असली सवाल यह है कि ईरान में खामेनेई के बाद की सत्ता-संरचना इस 'नए समीकरण' को किस रूप में स्वीकार करती है — और क्या ट्रंप प्रशासन इस विराम को स्थायी कूटनीति में बदलने की इच्छाशक्ति रखता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने ईरान पर हमले क्यों रोके?
नेतन्याहू के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर हमले बंद कर दिए, इसलिए इजरायल ने भी अपनी फायरिंग रोकी। उन्होंने इसे आत्मरक्षा के सिद्धांत के तहत लिया गया निर्णय बताया, न कि स्थायी शांति समझौता।
क्या इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम स्थायी है?
नेतन्याहू ने इसे स्थायी युद्धविराम नहीं कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ईरान ने दोबारा हमला किया तो 'कई गुना ताकत' से जवाब दिया जाएगा और इजरायल का आत्मरक्षा का अधिकार अपरिवर्तित है।
हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई का क्या हुआ?
नेतन्याहू ने दावा किया कि हिज्बुल्लाह की 1,50,000 मिसाइलों व रॉकेटों से हमले की योजना नाकाम की गई और पूर्व प्रमुख नसरल्लाह को मार गिराया गया। ब्यूफोर्ट रिज सहित सुरक्षा क्षेत्र में हिज्बुल्लाह के ढांचों को नष्ट करने का काम जारी बताया गया।
इजरायल ने ईरान के किन ठिकानों पर हमले किए?
नेतन्याहू के अनुसार, IDF को पूरे ईरान में सैन्य और आर्थिक ठिकानों पर हमले करने के निर्देश दिए गए थे, जिन्हें अंजाम दिया गया। हमलों के विस्तृत ब्यौरे उनके संबोधन में नहीं दिए गए।
इस घटनाक्रम में अमेरिका की क्या भूमिका है?
नेतन्याहू ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 'तारीफ और इज्जत' के साथ हुई 'अच्छी बातचीत' का उल्लेख किया। हालांकि, अमेरिकी भूमिका की विस्तृत जानकारी संबोधन में नहीं दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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