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इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ जारी रखी लड़ाई की पुष्टि की

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इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ जारी रखी लड़ाई की पुष्टि की

सारांश

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत इस्लामाबाद में शुरू हो गई है, लेकिन इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है। जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता इस्लामाबाद में शुरू हुई।
बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प जताया।
इजरायल ने हिज्बुल्लाह पर बड़ा हमला किया।
पाकिस्तान को चेतावनी दी गई कि इजरायल के विनाश की बातें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
संघर्ष विराम लागू होते हुए भी इजरायल ने लेबनान में हमले जारी रखे।

इस्लामाबाद, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरानी मीडिया द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संवाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू हो गया है। इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यह स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

नेतन्याहू ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मेरे नेतृत्व में, इजरायल ईरान के आतंकवादी शासन और उनके सहयोगियों के खिलाफ अपनी लड़ाई को जारी रखेगा; इसके विपरीत, एर्दोगन उन्हें सहायता प्रदान करते हैं और यहां तक कि अपने कुर्द नागरिकों का नरसंहार भी करते हैं।"

हाल ही में, ईरान के साथ अमेरिका द्वारा सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटे बाद इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर बड़ा हमला किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हुई। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के इस हमले पर टिप्पणी की, जिससे नेतन्याहू भड़क गए।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी दी कि वे इजरायल के विनाश की बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने लिखा, "पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का इजरायल को खत्म करने का आह्वान बहुत बुरा है। यह ऐसे बयान हैं जिन्हें किसी भी सरकार द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, खासकर उस सरकार द्वारा जो शांति के लिए न्यूट्रल आर्बिटर होने का दावा करती है।"

गौरतलब है कि २८ फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान समेत कई ईरानी शहरों पर संयुक्त हमले किए थे, जिसके बाद ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाब दिया और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण कड़ा कर दिया।

हालांकि, दोनों देशों के बीच हाल ही में दो सप्ताह का संघर्ष विराम लागू हुआ है, लेकिन इजरायल ने स्पष्ट किया है कि यह लेबनान संघर्ष पर लागू नहीं होता। इसी के तहत लेबनान में बड़े हमले भी किए गए, जिनमें भारी जानमाल का नुकसान हुआ।

इससे पहले, गालिबाफ ने वार्ता शुरू होने से पहले लेबनान में संघर्ष विराम और ईरानी संपत्तियों की रिहाई को प्रमुख शर्त बताया था। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अमेरिका संपत्तियां अनफ्रीज करने पर सहमत हो गया है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इन खबरों से इनकार किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तनाव भी बढ़ता जा रहा है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता क्यों हो रही है?
ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता इस्लामाबाद में प्रारंभ हुई है, जिसका उद्देश्य संघर्ष को समाप्त करना है।
नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ क्या कहा?
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि इजरायल ईरान के आतंकवादी शासन के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
क्या इजरायल और पाकिस्तान के बीच तनाव है?
जी हां, इजरायल ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि वे इजरायल के विनाश की बातों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सीजफायर का क्या मतलब है?
सीजफायर का मतलब है कि दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम का समझौता, जिससे संघर्ष को रोकने की कोशिश की जाती है।
लेबनान में इजरायल के हमले का क्या असर हुआ?
लेबनान में इजरायल के हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की गई है और इससे तनाव और बढ़ गया है।
राष्ट्र प्रेस
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