नेतन्याहू की चेतावनी: इजरायल के खिलाफ खड़े देशों को मिलेगी सजा

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नेतन्याहू की चेतावनी: इजरायल के खिलाफ खड़े देशों को मिलेगी सजा

सारांश

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायल के खिलाफ खड़े देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि जो देश हमारी सेना की छवि को नुकसान पहुँचाते हैं, वे भविष्य में हमारे साझेदार नहीं रहेंगे। जानिए इस सख्त बयान के पीछे की कहानी।

Key Takeaways

  • नेतन्याहू ने इजरायल के खिलाफ खड़े देशों को सख्त चेतावनी दी है।
  • नेतन्याहू ने स्पेन के प्रतिनिधियों को हटाने का निर्देश दिया।
  • पाकिस्तान के विदेश मंत्री द्वारा इजरायल को समाप्त करने की बात की गई।
  • इजरायल अपनी सेना की छवि की रक्षा के प्रति गंभीर है।
  • सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होगा, यह स्पष्ट कर दिया गया है।

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक कड़े बयान में कहा है कि इजरायल किसी भी हमले या विरोध के प्रति चुप्पी साधने वाला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो देश इजरायल और उसकी सेना, आईडीएफ की छवि को नुकसान पहुँचाते हैं, वे भविष्य में हमारे साझेदार नहीं रहेंगे।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि हम इजरायल या हमारी सेना पर हमले का जवाब देने में चुप नहीं रहेंगे। स्पेन ने हमारे नायकों (आईडीएफ) की छवि को धूमिल किया है, जो दुनिया की सबसे नैतिक सेनाओं में से एक है। इसलिए मैंने स्पेन के प्रतिनिधियों को किरयात गत में समन्वय केंद्र से हटाने का निर्देश दिया है।

नेतन्याहू ने कहा कि स्पेन ने बार-बार इजरायल के खिलाफ खड़े होने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि जो लोग क्रूर शासन के बजाय इजरायल राज्य पर हमला करते हैं, वे इस क्षेत्र के भविष्य के लिए हमारे साझेदार नहीं हो सकते। मैं इस प्रकार की दुश्मनी को सहन नहीं कर सकता। मेरा इरादा किसी भी देश को, बिना तत्काल कोई दंड चुकाए, हमारे खिलाफ कूटनीतिक युद्ध छेड़ने की अनुमति देने का नहीं है।

इससे पहले नेतन्याहू ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ को भी सख्त चेतावनी दी थी।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पाकिस्तान को सीधे चेतावनी दी कि हम इजरायल के विनाश की बात सहन नहीं कर सकते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा इजरायल को समाप्त करने की बात बहुत गंभीर है। यह ऐसा बयान है जिसे किसी भी सरकार से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, विशेषकर उस सरकार से जो शांति के लिए तटस्थ मध्यस्थ होने का दावा करती है।"

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर लिखा, "इजरायल बुरा है और मानवता के लिए श्राप है। इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, जबकि लेबनान में नरसंहार हो रहा है। इजरायल बेगुनाह नागरिकों का खून बहा रहा है। पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान, खून-खराबा लगातार जारी है।"

इजरायल की सुरक्षा को लेकर बेंजामिन नेतन्याहू का रुख एकदम स्पष्ट है। उन्होंने अमेरिका-ईरान युद्ध विराम का समर्थन किया है, लेकिन यह स्पष्ट किया कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता है।

Point of View

उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है, जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव को बढ़ा सकता है।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

नेतन्याहू ने स्पेन के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
नेतन्याहू ने स्पेन के प्रतिनिधियों को किरयात गत में समन्वय केंद्र से हटाने का निर्देश दिया।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को मानवता के लिए श्राप करार दिया।
नेतन्याहू का सीजफायर पर क्या रुख है?
नेतन्याहू ने अमेरिका-ईरान युद्ध विराम का समर्थन किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि यह लेबनान पर लागू नहीं होता है।
नेतन्याहू का इजरायल के खिलाफ हमलों को लेकर क्या कहना है?
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपने खिलाफ किसी भी हमले का जवाब देने के लिए चुप नहीं रहेगा।
नेतन्याहू ने किस देश को चेतावनी दी है?
नेतन्याहू ने पाकिस्तान को इजरायल के विनाश की बात को सहन नहीं करने की चेतावनी दी।
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