इजरायल के विनाश का जिक्र बर्दाश्त नहीं, पीएम नेतन्याहू ने पाकिस्तान को दी चेतावनी
सारांश
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तेल अवीव, १० अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद, इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर एक बड़ा हमला किया। इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा की गई। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजरायल के इस हमले पर टिप्पणी की, जिससे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भड़क उठे।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि वे इजरायल के विनाश की बात को बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का इजरायल को खत्म करने का आह्वान बहुत निंदनीय है। यह ऐसा बयान नहीं है जिसे किसी भी सरकार से सहन किया जा सकता है, विशेषकर उस सरकार से जो शांति के लिए मध्यस्थ होने का दावा करती है।"
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "इजरायल मानवता के लिए एक श्राप है। इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, जबकि लेबनान में नरसंहार हो रहा है। इजरायल बेगुनाह नागरिकों की हत्या कर रहा है, पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान में, खून-खराबा लगातार जारी है।"
आसिफ ने इजरायल के खिलाफ आग उगलते हुए कहा, "मैं प्रार्थना करता हूं कि जिन लोगों ने फिलिस्तीनी धरती पर इस कैंसर जैसे राज्य का निर्माण किया है, वे यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाएं और उन्हें नरक में जलाएं।"
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने बताया कि इजरायल के हमले के बाद वे लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से फोन पर बातचीत की।
शहबाज ने एक्स पर लिखा, "मैंने आज शाम लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम से बात की। मैंने उनके खिलाफ इजरायल के लगातार हमले की निंदा की और इस दुश्मनी के कारण लेबनान में हजारों लोगों की जान जाने पर दुख व्यक्त किया। मैंने इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका बातचीत के जरिए शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने पाकिस्तान के शांति प्रयासों की सराहना की और लेबनान तथा उसके लोगों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को तुरंत समाप्त करने के लिए समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इजरायली कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून और बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कोशिशों को कमजोर करती है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे लेबनान के खिलाफ इजरायल के हमलों को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाएं।
गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद, इजरायल ने लेबनान पर एक दिन का सबसे बड़ा हमला किया, जिसमें ३०० से ज्यादा लोग मारे गए और १,१०० से ज्यादा घायल हो गए।