30 जुलाई 2026
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नेतन्याहू की कसम: ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दूंगा, ट्रंप से पूरी सहमति

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नेतन्याहू की कसम: ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दूंगा, ट्रंप से पूरी सहमति

सारांश

इजरायली PM नेतन्याहू ने एक्स पर साफ कह दिया — जब तक वह सत्ता में हैं, ईरान परमाणु शक्ति नहीं बनेगा। एक दिन पहले ट्रंप ने ईरान के साथ फ्रेमवर्क समझौते की घोषणा की थी। तीन दशकों की कूटनीतिक जद्दोजहद के बाद यह समझौता मध्य-पूर्व की भू-राजनीति बदल सकता है।

मुख्य बातें

इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने 12 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर कसम खाई कि ईरान उनके कार्यकाल में परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।
नेतन्याहू ने कहा कि वह 30 से ज़्यादा सालों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान में सबसे आगे रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान ने एक फ्रेमवर्क समझौते को मंजूरी दी है; दस्तावेज़ों पर जल्द यूरोप में हस्ताक्षर संभव।
ट्रंप ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर ने कथित तौर पर इस व्यवस्था को मंजूरी दी है।
समझौते के बाद ट्रंप ने इजरायल, कतर, UAE, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत के नेताओं से बातचीत की।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 12 जून 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक वह इजरायल के प्रधानमंत्री पद पर हैं, ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर उनकी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राय पूरी तरह एकसमान है।

नेतन्याहू का एक्स पर बयान

नेतन्याहू ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'जब तक मैं इजरायल का प्रधानमंत्री हूं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। इस मुद्दे पर मेरे और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच पूरी सहमति है। 30 से ज़्यादा सालों से, मैं ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान में सबसे आगे रहा हूं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि यदि यह अभियान न होता, तो ईरान के पास इजरायल को खत्म करने के लिए बहुत पहले ही परमाणु बम होते।

नेतन्याहू ने कहा, 'ईरान यहूदी देश को खत्म करने की कोशिश कर रहा है और मैं उन्हें ऐसा करने से रोकने के लिए अपनी जिंदगी लगा रहा हूं। जब तक मैं इजरायल का प्रधानमंत्री हूं, ऐसा नहीं होगा।'

ट्रंप की घोषणा: ऐतिहासिक समझौते की दहलीज़ पर

नेतन्याहू का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान ने एक फ्रेमवर्क समझौते को मंजूरी दी है जो तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से हमेशा के लिए रोक देगा। व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि बातचीत अंतिम चरण में है और दस्तावेज़ तैयार किए जा रहे हैं।

ट्रंप ने कहा, 'हमने अभी-अभी ईरान के साथ एक बड़ा समझौता किया है, और हम दस्तावेज़ों को अंतिम रूप देने वाले हैं, जो अगले कुछ दिनों में हो जाना चाहिए। हमारे बीच एक समझौता हुआ है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समझौते पर हस्ताक्षर संभवतः यूरोप में हफ्ते के अंत तक हो सकते हैं।

ईरान के सुप्रीम लीडर की सहमति पर ट्रंप का जवाब

जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या ईरान के सुप्रीम लीडर ने इस व्यवस्था को मंजूरी दी है, तो ट्रंप ने कहा, 'मैं समझता हूं कि जवाब हां है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित समझौता ईरान को किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार खरीदने, विकसित करने या हासिल करने से रोकेगा।

ट्रंप ने बताया कि यह एक विस्तृत एमओयू (MOU) है, जिस पर कई अन्य देशों ने भी सहमति जताई है। इस कामयाबी के बाद उन्होंने इजरायल, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत के नेताओं से बातचीत की। रिपोर्टों के अनुसार, हाल के सैन्य दबाव ने तेहरान को यह समझौता स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया।

क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव अपने चरम पर है और वैश्विक कूटनीतिक बिरादरी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर गहरी चिंता में है। गौरतलब है कि पिछले तीन दशकों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के कई अंतरराष्ट्रीय प्रयास — जिनमें 2015 का JCPOA समझौता भी शामिल है — आंशिक रूप से ही सफल रहे हैं। यदि यह नया समझौता औपचारिक रूप ले लेता है, तो यह मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है।

आने वाले दिनों में समझौते के दस्तावेज़ीकरण और हस्ताक्षर की प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु हथियारों पर क्या कहा?
नेतन्याहू ने 12 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जब तक वह इजरायल के प्रधानमंत्री हैं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि 30 से ज़्यादा सालों से वह इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय अभियान में सबसे आगे रहे हैं।
ट्रंप और ईरान के बीच फ्रेमवर्क समझौता क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, ईरान ने एक फ्रेमवर्क समझौते को मंजूरी दी है जो तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से हमेशा के लिए रोकेगा। यह एक विस्तृत MOU है जिस पर कई देशों ने सहमति जताई है और जल्द ही यूरोप में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
क्या ईरान के सुप्रीम लीडर ने इस समझौते को मंजूरी दी है?
ट्रंप ने कहा कि उनकी समझ के अनुसार ईरान के सुप्रीम लीडर ने इस व्यवस्था को मंजूरी दी है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। समझौते के दस्तावेज़ अंतिम चरण में बताए जा रहे हैं।
नेतन्याहू और ट्रंप के बीच इस मुद्दे पर कितनी सहमति है?
नेतन्याहू ने स्पष्ट कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के मुद्दे पर उनकी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच पूरी सहमति है। ट्रंप ने भी समझौते की घोषणा के बाद इजरायल सहित कई खाड़ी देशों के नेताओं से बातचीत की।
इस समझौते का मध्य-पूर्व पर क्या असर होगा?
यदि यह समझौता औपचारिक रूप ले लेता है, तो यह मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में एक बड़ा बदलाव होगा। इजरायल, सऊदी अरब, UAE और अन्य खाड़ी देशों ने इस पहल का समर्थन किया है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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