नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर हमले की दूसरी बरसी पर जलाई स्मृति मोमबत्ती, बोले — 'मिशन पूरा करेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के भीषण हमले की दूसरी बरसी पर यरुशलम स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में एक स्मृति मोमबत्ती जलाकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उस हमले में करीब 1,200 इजरायली नागरिक मारे गए थे, जिसके बाद इजरायल ने गाजा में व्यापक सैन्य अभियान छेड़ा था।
नेतन्याहू का बयान
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में नेतन्याहू ने कहा, 'मैंने यरुशलम में प्रधानमंत्री कार्यालय में उन सभी लोगों की याद में एक स्मृति मोमबत्ती जलाई, जिनकी सात अक्टूबर को हमास के लड़ाकों ने हत्या कर दी थी।' उन्होंने आगे कहा कि पूरा देश अपने प्रियजनों को याद करते हुए एकजुट है और यह मिशन अधूरा नहीं रहेगा। उनके शब्दों में — 'हमने हिसाब चुकाया है और सभी हत्यारों से आगे भी हिसाब चुकाते रहेंगे।'
खुफिया चेतावनी का विवाद
इस बरसी पर राजनीतिक तनाव भी सतह पर आया। 7 अक्टूबर के हमले में जान गँवाने वाले लोगों के परिजन यह जाँच कराने की माँग कर रहे हैं कि क्या इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों को हमले से पहले खुफिया चेतावनी मिली थी। आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में यह विवाद और तीखा होता जा रहा है।
नेतन्याहू ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनके कार्यालय की ओर से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि 'प्रधानमंत्री नेतन्याहू को 7 अक्टूबर से पहले गाजा पट्टी या हमास की ओर से होने वाले हमले के बारे में कोई चेतावनी नहीं मिली थी।' बयान में यह भी दावा किया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के सलाहकार ब्रेट मैकगर्क, यूएई सरकार और मिस्र सरकार भी इस बात की पुष्टि कर चुके हैं।
मीडिया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
नेतन्याहू के कार्यालय ने इजरायली मीडिया चैनल चैनल 12 पर भी तीखा हमला बोला। बयान में आरोप लगाया गया कि इस 'दर्दनाक दिन' पर चैनल प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी पार्टी लिकुड के खिलाफ 'झूठा राजनीतिक प्रचार' प्रसारित कर रहा है। बयान के अनुसार इसका मकसद दक्षिणपंथी सरकार को हटाकर 'ऐसी वामपंथी सरकार के लिए रास्ता बनाना है, जो एक फिलिस्तीनी राज्य बनाएगी।'
गाजा अभियान का संदर्भ
बयान में नेतन्याहू की निर्णायकता को रेखांकित करते हुए कहा गया कि उन्होंने गाजा में जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने का फैसला खुद लिया और केवल हवाई हमलों तक सीमित रहने के तत्कालीन राष्ट्रपति बाइडेन के दबाव के सामने नहीं झुके। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद शुरू हुआ यह सैन्य अभियान कालांतर में लेबनान और क्षेत्र के अन्य हिस्सों तक भी फैल गया, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव का एक नया अध्याय शुरू हुआ।
आगे क्या होगा
पीड़ित परिवारों की जाँच की माँग और चुनावी माहौल को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि 7 अक्टूबर की खुफिया विफलता का सवाल इजरायली राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बना रहेगा। नेतन्याहू सरकार के लिए यह बरसी श्रद्धांजलि के साथ-साथ राजनीतिक वैधता की परीक्षा भी बन गई है।