8 अक्टूबर 2026
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नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर हमले की दूसरी बरसी पर जलाई स्मृति मोमबत्ती, बोले — 'मिशन पूरा करेंगे'

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नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर हमले की दूसरी बरसी पर जलाई स्मृति मोमबत्ती, बोले — 'मिशन पूरा करेंगे'

सारांश

7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की दूसरी बरसी पर नेतन्याहू ने यरुशलम में मोमबत्ती जलाई और 'मिशन पूरा करने' का संकल्प दोहराया। लेकिन यह बरसी सिर्फ शोक की नहीं रही — खुफिया विफलता की जाँच की माँग और चुनावी राजनीति ने इसे गहरे विवाद में बदल दिया।

मुख्य बातें

बेंजामिन नेतन्याहू ने 8 अक्टूबर 2026 को यरुशलम स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में 7 अक्टूबर 2023 के हमले के पीड़ितों की याद में स्मृति मोमबत्ती जलाई।
हमास के हमले में करीब 1,200 इजरायली नागरिक मारे गए थे, जिसके बाद गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू हुआ।
पीड़ित परिवार जाँच की माँग कर रहे हैं कि क्या अधिकारियों को हमले से पहले खुफिया चेतावनी मिली थी।
नेतन्याहू ने पूर्व-सूचना के सभी आरोप खारिज किए; बयान में ट्रंप , ब्रेट मैकगर्क , यूएई और मिस्र की पुष्टि का हवाला दिया।
नेतन्याहू कार्यालय ने चैनल 12 पर 'झूठे राजनीतिक प्रचार' का आरोप लगाया और कहा कि उद्देश्य लिकुड सरकार को हटाना है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के भीषण हमले की दूसरी बरसी पर यरुशलम स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में एक स्मृति मोमबत्ती जलाकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उस हमले में करीब 1,200 इजरायली नागरिक मारे गए थे, जिसके बाद इजरायल ने गाजा में व्यापक सैन्य अभियान छेड़ा था।

नेतन्याहू का बयान

इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में नेतन्याहू ने कहा, 'मैंने यरुशलम में प्रधानमंत्री कार्यालय में उन सभी लोगों की याद में एक स्मृति मोमबत्ती जलाई, जिनकी सात अक्टूबर को हमास के लड़ाकों ने हत्या कर दी थी।' उन्होंने आगे कहा कि पूरा देश अपने प्रियजनों को याद करते हुए एकजुट है और यह मिशन अधूरा नहीं रहेगा। उनके शब्दों में — 'हमने हिसाब चुकाया है और सभी हत्यारों से आगे भी हिसाब चुकाते रहेंगे।'

खुफिया चेतावनी का विवाद

इस बरसी पर राजनीतिक तनाव भी सतह पर आया। 7 अक्टूबर के हमले में जान गँवाने वाले लोगों के परिजन यह जाँच कराने की माँग कर रहे हैं कि क्या इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों को हमले से पहले खुफिया चेतावनी मिली थी। आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में यह विवाद और तीखा होता जा रहा है।

नेतन्याहू ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनके कार्यालय की ओर से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि 'प्रधानमंत्री नेतन्याहू को 7 अक्टूबर से पहले गाजा पट्टी या हमास की ओर से होने वाले हमले के बारे में कोई चेतावनी नहीं मिली थी।' बयान में यह भी दावा किया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के सलाहकार ब्रेट मैकगर्क, यूएई सरकार और मिस्र सरकार भी इस बात की पुष्टि कर चुके हैं।

मीडिया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

नेतन्याहू के कार्यालय ने इजरायली मीडिया चैनल चैनल 12 पर भी तीखा हमला बोला। बयान में आरोप लगाया गया कि इस 'दर्दनाक दिन' पर चैनल प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी पार्टी लिकुड के खिलाफ 'झूठा राजनीतिक प्रचार' प्रसारित कर रहा है। बयान के अनुसार इसका मकसद दक्षिणपंथी सरकार को हटाकर 'ऐसी वामपंथी सरकार के लिए रास्ता बनाना है, जो एक फिलिस्तीनी राज्य बनाएगी।'

गाजा अभियान का संदर्भ

बयान में नेतन्याहू की निर्णायकता को रेखांकित करते हुए कहा गया कि उन्होंने गाजा में जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने का फैसला खुद लिया और केवल हवाई हमलों तक सीमित रहने के तत्कालीन राष्ट्रपति बाइडेन के दबाव के सामने नहीं झुके। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद शुरू हुआ यह सैन्य अभियान कालांतर में लेबनान और क्षेत्र के अन्य हिस्सों तक भी फैल गया, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव का एक नया अध्याय शुरू हुआ।

आगे क्या होगा

पीड़ित परिवारों की जाँच की माँग और चुनावी माहौल को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि 7 अक्टूबर की खुफिया विफलता का सवाल इजरायली राजनीति में केंद्रीय मुद्दा बना रहेगा। नेतन्याहू सरकार के लिए यह बरसी श्रद्धांजलि के साथ-साथ राजनीतिक वैधता की परीक्षा भी बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मीडिया पर हमला और खुफिया विफलता से पल्ला झाड़ना एक साथ साधा गया है। खुफिया चेतावनी का सवाल इजरायल में वर्षों से अनुत्तरित है और स्वतंत्र जाँच की माँग लगातार बढ़ रही है। चुनावी माहौल में इस विवाद का राजनीतिकरण जहाँ नेतन्याहू को अपनी सत्ता बचाने में मदद कर सकता है, वहीं पीड़ित परिवारों की न्याय की आवाज़ को हाशिये पर धकेलने का जोखिम भी है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर की बरसी पर क्या किया?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यरुशलम स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले में मारे गए लोगों की याद में एक स्मृति मोमबत्ती जलाई। उन्होंने संकल्प लिया कि इजरायल अपना मिशन पूरा करेगा और सभी हत्यारों से हिसाब चुकाता रहेगा।
7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले में कितने लोग मारे गए थे?
हमास द्वारा 7 अक्टूबर 2023 को किए गए हमले में करीब 1,200 इजरायली नागरिक मारे गए थे। यह हमला इजरायल के इतिहास में सबसे घातक एकल-दिवसीय हमला माना जाता है, जिसके बाद इजरायल ने गाजा में व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया।
क्या नेतन्याहू को 7 अक्टूबर से पहले हमले की खुफिया चेतावनी मिली थी?
नेतन्याहू ने इस दावे को पूरी तरह नकारा है। उनके कार्यालय के बयान के अनुसार उन्हें गाजा पट्टी या हमास की ओर से किसी भी हमले की पूर्व-सूचना नहीं मिली थी, और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, पूर्व सलाहकार ब्रेट मैकगर्क, यूएई तथा मिस्र सरकार भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं।
पीड़ित परिवार किस जाँच की माँग कर रहे हैं?
हमले में जान गँवाने वाले लोगों के परिजन यह स्वतंत्र जाँच चाहते हैं कि क्या इजरायल के वरिष्ठ अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को हमले से पहले खुफिया संकेत मिले थे। चुनावी माहौल में यह माँग और राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गई है।
इजरायल का गाजा सैन्य अभियान कहाँ तक फैला?
7 अक्टूबर 2023 के बाद इजरायल ने गाजा में जमीनी सैन्य अभियान शुरू किया, जो बाद में लेबनान और क्षेत्र के अन्य हिस्सों तक भी फैल गया। नेतन्याहू के अनुसार उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति बाइडेन के केवल हवाई हमलों तक सीमित रहने के दबाव को अस्वीकार करते हुए जमीनी अभियान का निर्णय लिया।
राष्ट्र प्रेस
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