नेतन्याहू का हिज्बुल्लाह पर पलटवार: 80+ ठिकाने तबाह, दर्जनों लड़ाके ढेर
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 19 जून की रात युद्धविराम उल्लंघन का हवाला देते हुए हिज्बुल्लाह के विरुद्ध व्यापक सैन्य अभियान का आदेश दिया, जिसमें इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने दक्षिणी लेबनान में 80 से अधिक ठिकानों पर हमले किए और दर्जनों हिज्बुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया। यह कार्रवाई उस घटना के तत्काल जवाब में की गई जिसमें हिज्बुल्लाह के एक लॉन्चर ने IDF सैनिकों पर रॉकेट दागे।
मुख्य घटनाक्रम
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'युद्धविराम का खुला उल्लंघन करते हुए हिज्बुल्लाह की ओर से किए गए इस घिनौने हमले के बाद, मैंने गुरुवार की रात ही IDF को हिज्बुल्लाह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।' शुक्रवार सुबह IDF ने बेका घाटी में हिज्बुल्लाह के कमांड पोस्टों को भी निशाना बनाया।
नेतन्याहू ने बताया कि सुबह उन्होंने रक्षा मंत्री और चीफ ऑफ जनरल स्टाफ के साथ मिलकर समग्र स्थिति की समीक्षा की।
IDF की कार्रवाई का विवरण
IDF ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि हिज्बुल्लाह के बार-बार और खुलेआम सीजफायर तोड़ने के जवाब में बेका घाटी में हिज्बुल्लाह के दो कमांड सेंटर और दक्षिणी लेबनान में 80 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए। इसके अलावा इजरायली वायुसेना ने बेका घाटी में हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढाँचे को भी निशाना बनाया।
शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि
नेतन्याहू ने इस हमले में मारे गए आर्मर्ड कॉर्प्स की 52वीं बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल डोर गेदालिया बेन सिम्होन और उन तीन सैनिकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की, जिनके नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। उन्होंने गुरुवार की गोलीबारी में घायल हुए सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
इजरायल का स्पष्ट संदेश
नेतन्याहू ने दो-टूक शब्दों में कहा कि इजरायल अपने सैनिकों या अपनी भूमि पर होने वाले किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा और इन हमलों की हिज्बुल्लाह को 'बहुत भारी कीमत' चुकानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में तब तक बना रहेगा जब तक उत्तरी इलाकों के समुदायों की सुरक्षा के लिए इसकी आवश्यकता है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब लेबनान में युद्धविराम की स्थिति पहले से ही नाज़ुक बनी हुई थी। IDF ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी उभरते खतरे के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखेगी। गौरतलब है कि यह हिज्बुल्लाह द्वारा सीजफायर के बार-बार उल्लंघन की श्रृंखला में नवीनतम घटना है, जो क्षेत्र में तनाव को और गहरा करती है।