इजरायली सेना का नबातीह खाली करने का अल्टीमेटम, सोमवार रात 100 से अधिक ठिकानों पर हमले
सारांश
मुख्य बातें
इजरायली सेना (IDF) ने 26 मई 2026 को दक्षिणी लेबनान के शहर नबातीह के निवासियों को तत्काल अपने घर खाली करने और ज़हरानी नदी के उत्तर में जाने का आदेश दिया। IDF के एक प्रवक्ता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अरबी में जारी बयान में चेतावनी दी कि जो लोग हिज्बुल्लाह के ठिकानों या सैन्य सामग्री के निकट हैं, वे अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। यह कदम ऐसे समय में आया है जब IDF ने दावा किया कि उसने सोमवार रात भर लेबनान में 100 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए।
मुख्य घटनाक्रम
IDF के अनुसार, सोमवार रात किए गए हमलों में बेका वैली और दक्षिणी लेबनान के विभिन्न क्षेत्र शामिल थे। इन हमलों में कथित तौर पर हिज्बुल्लाह के हथियार डिपो, ऑब्जर्वेशन पोस्ट और कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया। IDF ने मशघरा क्षेत्र में भी कई हमले करने की पुष्टि की। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने मशघरा में 12 लोगों के मारे जाने की खबर दी।
नबातीह को खाली करने की चेतावनी
IDF प्रवक्ता ने एक्स पर हिब्रू और अरबी दोनों भाषाओं में बयान जारी किए। बयान में स्पष्ट कहा गया, 'जो कोई भी हिज्बुल्लाह के गुर्गों, ठिकानों या मिलिट्री के सामान के पास रहता है, वह अपनी जान जोखिम में डाल रहा है।' नागरिकों को तुरंत ज़हरानी नदी के उत्तर में सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया।
लेबनान की स्थिति और सरकार की प्रतिक्रिया
इन हमलों से एक दिन पहले, 25 मई को लेबनान ने 'रेजिस्टेंस एंड लिबरेशन डे' मनाया — वह दिन जब वर्ष 2000 में दक्षिणी लेबनान पर 22 साल के इजरायली कब्जे का अंत हुआ था। इस अवसर पर लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन ने कहा कि लेबनान की सबसे बड़ी माँग इजरायली सेना की पूर्ण वापसी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चल रही बातचीत किसी समझौते या आत्मसमर्पण के लिए नहीं, बल्कि लेबनान की भूमि, संप्रभुता और सुरक्षा के अधिकार को मज़बूत करने के लिए है।
व्यापक संदर्भ और मानवीय संकट
गौरतलब है कि 2 मार्च 2026 से इजरायल ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपना सैन्य अभियान तेज़ किया है। दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में संघर्षविराम की घोषणाओं के बावजूद हमले जारी हैं। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार इन हमलों में अब तक 3,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। यह संघर्ष क्षेत्र में गहराते मानवीय संकट की ओर इशारा करता है, जहाँ नागरिक बार-बार विस्थापन का सामना कर रहे हैं।
आगे की स्थिति
नबातीह खाली कराने के आदेश के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें लेबनान-इजरायल सीमा पर टिकी हैं, जहाँ राष्ट्रपति औन के अनुसार वार्ता के ज़रिए स्थायी समाधान की कोशिश जारी है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक इजरायली सेना की वापसी का कोई ठोस रोडमैप नहीं बनता, तब तक संघर्ष की यह लहर थमने के आसार नहीं हैं।