दक्षिण लेबनान में इजरायली हवाई हमले, 20 कस्बों को निकासी चेतावनी के बाद बमबारी
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने 13 जून 2026 को दक्षिण लेबनान के कई इलाकों पर हवाई हमले किए — यह कार्रवाई नबातिये सहित 20 कस्बों और गाँवों को निकासी चेतावनी जारी किए जाने के कुछ ही घंटों बाद हुई। IDF ने आरोप लगाया है कि हिज्बुल्लाह संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन कर रहा है और इसी आधार पर इन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
निकासी चेतावनी और हमले का क्रम
IDF के अरबी भाषा के प्रवक्ता अविचाय अद्राए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्थानीय निवासियों से तत्काल क्षेत्र खाली कर जहरानी नदी के उत्तर की ओर जाने की अपील की। इसके तुरंत बाद बमबारी शुरू हो गई।
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी NNA के अनुसार, जिन इलाकों को निकासी आदेश में शामिल किया गया था, उन्हीं में हमले हुए। इनमें रिहान और सुजूद गाँव प्रमुख हैं, जो नबातिये के निकट स्थित हैं।
हिज्बुल्लाह पर संघर्षविराम उल्लंघन का आरोप
इजरायली सेना का कहना है कि हिज्बुल्लाह ने संघर्षविराम की शर्तों का बार-बार उल्लंघन किया है और दक्षिण लेबनान में अपने सैन्य ढाँचे को फिर से सक्रिय किया है। इसी को आधार बनाकर IDF ने इन हमलों को उचित ठहराया है। हालाँकि हिज्बुल्लाह की ओर से इन आरोपों पर कोई तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
गौरतलब है कि दक्षिण लेबनान में सीमा पार तनाव लंबे समय से बना हुआ है और यह ताज़ा घटनाक्रम उसी श्रृंखला की एक और कड़ी है।
UNIFIL शांति सैनिक की मौत पर संयुक्त राष्ट्र की निंदा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 4 जून को हुए उस हमले की कड़ी निंदा की है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (UNIFIL) के एक सर्बियाई शांति सैनिक की मौत हो गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, यह सैनिक उस समय गंभीर रूप से घायल हुआ जब उसके तैनाती स्थल पर मोर्टार शेल्स गिरे। इस हमले में दो अन्य शांति सैनिक भी घायल हुए थे।
परिषद के सभी 15 सदस्यों ने संयुक्त बयान में पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। परिषद ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मोर्टार फायरिंग के पीछे कौन था, लेकिन संयुक्त राष्ट्र से इस घटना की तुरंत और निष्पक्ष जाँच कर दोषियों को जवाबदेह ठहराने की माँग की।
आम जनता और स्थानीय प्रशासन पर असर
निकासी चेतावनी के बाद प्रभावित इलाकों में भारी अफरातफरी देखी गई। स्थानीय प्रशासन हालात पर नज़र बनाए हुए है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण लेबनान में मानवीय स्थिति पहले से ही नाज़ुक बनी हुई है।
आगे क्या
सुरक्षा परिषद ने UNIFIL पर हमले की स्वतंत्र जाँच की माँग की है। दक्षिण लेबनान में तनाव के इस नए दौर पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की पैनी नज़र है। विश्लेषकों के अनुसार, संघर्षविराम की स्थिरता अब गंभीर दबाव में है और आने वाले दिनों में कूटनीतिक हलचल तेज़ होने की संभावना है।