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पश्चिम बंगाल: पूर्व TMC विधायक अजीत मैती गिरफ्तार, पार्टी पद के बदले पैसे लेने का आरोप

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पश्चिम बंगाल: पूर्व TMC विधायक अजीत मैती गिरफ्तार, पार्टी पद के बदले पैसे लेने का आरोप

सारांश

पश्चिम बंगाल में सत्ता-परिवर्तन के बाद पूर्व TMC विधायकों पर कार्रवाई थमने का नाम नहीं ले रही। पिंगला से पूर्व विधायक अजीत मैती की गिरफ्तारी उस लंबी कतार में नया नाम है — पार्टी पद के बदले पैसे लेने का आरोप, TMC का 'राजनीतिक साजिश' का पलटवार और न्यायालय में अगली चुनौती।

मुख्य बातें

अजीत मैती , पूर्व TMC विधायक ( पिंगला ), को 25 सितंबर 2026 को खड़गपुर के मदपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया।
आरोप: TMC कार्यकर्ता को पार्टी में पद दिलाने का वादा करके पैसे ठगे; शिकायतकर्ता वही कार्यकर्ता है।
मैती को डेबरा थाने ले जाया गया; दिन में मेदिनीपुर जिला अदालत में पेशी की संभावना।
TMC प्रदेश सचिव प्रद्युत घोष ने गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश करार दिया।
मैती 2021 में पिंगला से TMC विधायक चुने गए थे; 2026 के चुनाव में BJP से हार गए।
2026 में सरकार बदलने के बाद से कई पूर्व TMC विधायक और नगर निगम पार्षद गिरफ्तार हो चुके हैं।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने 25 सितंबर 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक अजीत मैती को वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी के एक कार्यकर्ता को TMC में पद दिलाने का वादा करके उससे पैसे ठगे। यह गिरफ्तारी उसी कार्यकर्ता की शिकायत पर हुई है।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

पश्चिम मेदिनीपुर जिला पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पिंगला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके अजीत मैती को शुक्रवार सुबह खड़गपुर थाने के मदपुर इलाके स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें डेबरा थाने ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि उन्हें दिन में मेदिनीपुर की जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सरकारी वकील पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की माँग कर सकते हैं।

आरोप: पद का वादा, पैसे की ठगी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मैती पर आरोप है कि उन्होंने TMC के एक कार्यकर्ता को पार्टी में पद दिलाने का झाँसा देकर उससे रकम वसूली। यह मामला उसी कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ। गिरफ्तारी के बाद मैती ने पत्रकारों से कहा, 'मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है और मुझे यकीन है कि मुझे न्याय मिलेगा।' उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया।

TMC नेतृत्व की प्रतिक्रिया

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रदेश सचिव प्रद्युत घोष ने गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, 'हमने सुना है कि उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें शुक्रवार को कोलकाता में हमारी पार्टी की नेता ममता बनर्जी के आवास पर जाकर उनसे मिलना था। इससे ठीक पहले उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह साजिश के अलावा कुछ नहीं है।' गौरतलब है कि TMC नेतृत्व इस कार्रवाई को सत्ता-परिवर्तन के बाद की राजनीतिक प्रतिशोध की श्रृंखला का हिस्सा मान रहा है।

अजीत मैती: राजनीतिक पृष्ठभूमि

अजीत मैती ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पिंगला सीट से TMC के टिकट पर जीत हासिल की थी। 2026 के चुनाव में उन्होंने उसी सीट से पुनः दावेदारी की, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार से हार गए। फिलहाल वह पश्चिम मेदिनीपुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर हैं।

व्यापक संदर्भ: सरकार बदलने के बाद TMC पर कसता शिकंजा

यह ऐसे समय में आया है जब 2026 में पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद से TMC के पूर्व नेताओं से जुड़े भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। कई पूर्व TMC विधायकों और कोलकाता नगर निगम के पूर्व पार्षदों को भी विभिन्न मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। अजीत मैती की गिरफ्तारी के साथ आपराधिक मामलों का सामना कर रहे पूर्व TMC नेताओं की सूची और लंबी हो गई है। आने वाले दिनों में अदालत का रुख इस मामले की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2026 में पश्चिम बंगाल में सत्ता-परिवर्तन के बाद पूर्व TMC नेताओं पर चल रही कार्रवाइयों की उस श्रृंखला का हिस्सा है जो तेज़ी से बढ़ रही है। सवाल यह है कि ये मामले वास्तविक जवाबदेही हैं या चुनावी पराजय का राजनीतिक प्रतिशोध — और इसका जवाब तभी मिलेगा जब अदालतें तथ्यों की निष्पक्ष जाँच करें। TMC का 'साजिश' वाला तर्क तब तक कमज़ोर रहेगा जब तक वह ठोस सबूत सामने न लाए। दूसरी ओर, नई सरकार के लिए भी यह ज़रूरी है कि कार्रवाइयाँ संस्थागत प्रक्रिया से संचालित हों, न राजनीतिक एजेंडे से।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजीत मैती को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
अजीत मैती पर आरोप है कि उन्होंने TMC के एक कार्यकर्ता को पार्टी में पद दिलाने का वादा करके उससे पैसे लिए। यह गिरफ्तारी उसी कार्यकर्ता की शिकायत पर 25 सितंबर 2026 को हुई।
अजीत मैती कौन हैं और उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
अजीत मैती TMC के पूर्व विधायक हैं जो 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पिंगला सीट से जीते थे। 2026 के चुनाव में वह BJP उम्मीदवार से हार गए और फिलहाल पश्चिम मेदिनीपुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष हैं।
TMC ने इस गिरफ्तारी पर क्या प्रतिक्रिया दी?
TMC के प्रदेश सचिव प्रद्युत घोष ने इसे राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि मैती को कोलकाता में पार्टी नेता ममता बनर्जी से मिलने जाने से ठीक पहले गिरफ्तार किया गया।
पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद TMC नेताओं पर कितनी कार्रवाइयाँ हुई हैं?
2026 में पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद से कई पूर्व TMC विधायक और कोलकाता नगर निगम के पूर्व पार्षद भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और अन्य आरोपों में गिरफ्तार हो चुके हैं। अजीत मैती की गिरफ्तारी इसी कड़ी में नवीनतम मामला है।
अजीत मैती की अदालती पेशी कब होगी?
पुलिस सूत्रों के अनुसार उन्हें गिरफ्तारी के दिन यानी 25 सितंबर को मेदिनीपुर की जिला अदालत में पेश किया जाना था, जहाँ सरकारी वकील पूछताछ के लिए उनकी हिरासत माँग सकते थे।
राष्ट्र प्रेस
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