पश्चिम बंगाल: पूर्व TMC विधायक अजीत मैती गिरफ्तार, पार्टी पद के बदले पैसे लेने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल पुलिस ने 25 सितंबर 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक अजीत मैती को वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी के एक कार्यकर्ता को TMC में पद दिलाने का वादा करके उससे पैसे ठगे। यह गिरफ्तारी उसी कार्यकर्ता की शिकायत पर हुई है।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पश्चिम मेदिनीपुर जिला पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पिंगला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके अजीत मैती को शुक्रवार सुबह खड़गपुर थाने के मदपुर इलाके स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें डेबरा थाने ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि उन्हें दिन में मेदिनीपुर की जिला अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ सरकारी वकील पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की माँग कर सकते हैं।
आरोप: पद का वादा, पैसे की ठगी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मैती पर आरोप है कि उन्होंने TMC के एक कार्यकर्ता को पार्टी में पद दिलाने का झाँसा देकर उससे रकम वसूली। यह मामला उसी कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ। गिरफ्तारी के बाद मैती ने पत्रकारों से कहा, 'मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है और मुझे यकीन है कि मुझे न्याय मिलेगा।' उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया।
TMC नेतृत्व की प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रदेश सचिव प्रद्युत घोष ने गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा, 'हमने सुना है कि उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें शुक्रवार को कोलकाता में हमारी पार्टी की नेता ममता बनर्जी के आवास पर जाकर उनसे मिलना था। इससे ठीक पहले उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह साजिश के अलावा कुछ नहीं है।' गौरतलब है कि TMC नेतृत्व इस कार्रवाई को सत्ता-परिवर्तन के बाद की राजनीतिक प्रतिशोध की श्रृंखला का हिस्सा मान रहा है।
अजीत मैती: राजनीतिक पृष्ठभूमि
अजीत मैती ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पिंगला सीट से TMC के टिकट पर जीत हासिल की थी। 2026 के चुनाव में उन्होंने उसी सीट से पुनः दावेदारी की, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार से हार गए। फिलहाल वह पश्चिम मेदिनीपुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष के पद पर हैं।
व्यापक संदर्भ: सरकार बदलने के बाद TMC पर कसता शिकंजा
यह ऐसे समय में आया है जब 2026 में पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद से TMC के पूर्व नेताओं से जुड़े भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। कई पूर्व TMC विधायकों और कोलकाता नगर निगम के पूर्व पार्षदों को भी विभिन्न मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। अजीत मैती की गिरफ्तारी के साथ आपराधिक मामलों का सामना कर रहे पूर्व TMC नेताओं की सूची और लंबी हो गई है। आने वाले दिनों में अदालत का रुख इस मामले की दिशा तय करेगा।