नेतन्याहू का बेरूत के दहियेह पर हमले का आदेश, लेबनान में 6 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने 1 जून को इजरायली सेना (IDF) को बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियेह में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला करने का आदेश दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। इजरायली शहरों पर हिज्बुल्लाह के कथित हमलों को इस कार्रवाई का आधार बताया गया है।
नेतन्याहू का बयान
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में आरोप लगाया कि हिज्बुल्लाह लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन कर रहा है और इजरायली नागरिकों को निशाना बना रहा है। उन्होंने लिखा, 'हिज्बुल्लाह के बार-बार हो रहे हमलों और हमारे नागरिकों को निशाना बनाने के जवाब में, मैंने रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज के साथ मिलकर IDF को बेरूत के दहियेह इलाके में आतंकी ठिकानों पर हमला करने का आदेश दिया है।'
लेबनान में हताहत
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी NNA के अनुसार, इजरायली हमलों में कुल 6 लोगों की मौत हुई है। दक्षिणी लेबनान के ब्रैकाआ कस्बे में इजरायली ड्रोन हमले में 2 लोग मारे गए, जबकि पास के तूल कस्बे में हुए एक अन्य ड्रोन हमले में एक सीरियाई नागरिक की जान गई। लितानी नदी के उत्तर में स्थित कफरसीर कस्बे में रातभर चले हमलों में 3 और लोगों की मृत्यु हुई।
लेबनान सरकार की प्रतिक्रिया
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने तनाव के बीच शांति वार्ता पर जोर दिया है। उन्होंने अमेरिकी प्रस्ताव को आगे बढ़ाने और हिज्बुल्लाह के करीबी माने जाने वाले संसद के स्पीकर नबीह बेरी से सहमति लेने की कोशिश की। अल जजीरा ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि नबीह बेरी ने दावा किया है कि वह सीजफायर को लेकर हिज्बुल्लाह की प्रतिबद्धता की गारंटी दे सकते हैं, लेकिन इसकी पहली शर्त यह है कि इजरायल पहले गोलीबारी बंद करे।
आगे क्या
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में संघर्षविराम की कोशिशें जारी हैं। अमेरिकी मध्यस्थता के तहत वार्ता का भविष्य अब इजरायल और हिज्बुल्लाह दोनों की अगली प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा। क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे।