नेतन्याहू का दावा: हिज्बुल्लाह पीछे हट रहा है, लेबनान में हमले जारी; बेरूत के दहिया पर IDF का स्ट्राइक
सारांश
मुख्य बातें
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 7 जून को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक की शुरुआत में दावा किया कि हिज्बुल्लाह दक्षिणी लेबनान में पीछे हट रहा है और इज़रायली सेना (IDF) आतंकी संगठन के ढाँचे को नष्ट करने के अभियान में लगातार आगे बढ़ रही है। यह बयान ऐसे समय आया जब नए सीजफायर के लागू होने के बाद भी दक्षिणी लेबनान में तैनात इज़रायली सैनिकों पर बार-बार हमले हो रहे हैं।
नेतन्याहू का बयान और चेतावनी
अपने कार्यालय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में नेतन्याहू ने कहा, 'हम अपने इलाके या अपने समुदायों पर फायरिंग नहीं होने देंगे और हम उसी हिसाब से कार्रवाई करेंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजफायर के दौरान भी किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
नेतन्याहू ने आगे कहा, 'हम उन पर बहुत जोरदार हमला कर रहे हैं और हम जानते हैं कि हिज्बुल्लाह पीछे हट रहा है।' उन्होंने यह भी बताया कि IDF सीमा के निकटवर्ती गाँवों में हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढाँचे को ध्वस्त करने की मुहिम जारी रखे हुए है।
रॉकेट हमला और IDF की कार्रवाई
इससे पहले इज़रायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया कि उसने उत्तरी इज़रायल की ओर दागे गए दो रॉकेट को इंटरसेप्ट किया। रिपोर्टों के अनुसार यह बुधवार के बाद से उत्तरी इज़रायल पर हिज्बुल्लाह का पहला रॉकेट हमला था और पिछले हफ्ते लेबनान में नए सीजफायर के लागू होने के बाद पहली ऐसी घटना है।
जवाबी कार्रवाई में नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इज़रायल कॉट्ज के निर्देश पर IDF ने बेरूत के दहिया जिले में हिज्बुल्लाह के कथित आतंकी मुख्यालय पर हमला किया। यह जानकारी इज़रायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से एक्स पर पोस्ट के माध्यम से साझा की गई।
सुरक्षा परामर्श और क्षेत्रीय तनाव
प्रधानमंत्री नेतन्याहू, रक्षा मंत्री इज़रायल कॉट्ज और रक्षा प्रतिष्ठान के प्रमुखों के साथ लेबनान संघर्ष पर उच्चस्तरीय सुरक्षा परामर्श कर रहे हैं। यह बैठक ऐसे माहौल में हो रही है जब ईरानी अधिकारियों ने बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियाह में हिज्बुल्लाह को निशाना बनाकर किए गए इज़रायली हमलों का जवाब देने की धमकी दी है।
ईरान ने इन हमलों को अमेरिका के साथ हुए सीजफायर समझौते का उल्लंघन करार दिया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और गहरा हो गया है। गौरतलब है कि सीजफायर के नवीनीकरण के बावजूद दक्षिणी लेबनान में तैनात इज़रायली सैनिकों को लगातार हमलों का सामना करना पड़ रहा है।
आगे क्या
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की धमकियों और हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमलों के बीच यह सीजफायर अत्यंत नाज़ुक स्थिति में है। यदि दोनों पक्षों के बीच संघर्ष और बढ़ता है, तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता पर पड़ सकता है।