नेतन्याहू की चेतावनी: हिजबुल्लाह के 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन अब भी बड़ा खतरा, IDF कमांडरों से की समीक्षा
सारांश
Key Takeaways
- नेतन्याहू ने IDF वरिष्ठ कमांडरों के साथ लेबनान सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
- हिजबुल्लाह के पास अब युद्ध की शुरुआत की तुलना में केवल लगभग 10%25 मिसाइलें बची हैं।
- 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन/यूएवी अभी भी दो प्रमुख अनसुलझी चुनौतियाँ हैं।
- नेतन्याहू ने कहा कि सैन्य-तकनीकी समाधान से कूटनीतिक रास्ता भी खुल सकता है।
- विदेश मंत्री गिडियन सार ने ईसा मसीह की मूर्ति तोड़ने की घटना पर माफी माँगी; IDF ने जाँच और कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इज़रायल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF) के वरिष्ठ कमांडरों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में लेबनान की सुरक्षा स्थिति, जारी सैन्य अभियानों और हिजबुल्लाह से उत्पन्न खतरों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन व यूएवी अभी भी दो प्रमुख अनसुलझी चुनौतियाँ हैं, जिन्हें सैन्य और तकनीकी दोनों मोर्चों पर एक साथ निपटाना होगा।
मुख्य घटनाक्रम
नेतन्याहू ने बैठक में कहा कि लेबनान में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं। उनके अनुसार, वह रॉकेट प्रणाली जो पूरे देश के लिए खतरा थी, उसे नष्ट कर दिया गया है। उत्तरी इज़रायल में घुसपैठ और एंटी-टैंक मिसाइल हमलों को रोकने के लिए एक सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह सुरक्षा क्षेत्र लेबनान में हालात बदलने की क्षमता भी प्रदान करता है।
नेतन्याहू ने कहा,