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नेतन्याहू की चेतावनी: हिजबुल्लाह के 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन अब भी बड़ा खतरा, IDF कमांडरों से की समीक्षा

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नेतन्याहू की चेतावनी: हिजबुल्लाह के 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन अब भी बड़ा खतरा, IDF कमांडरों से की समीक्षा

सारांश

नेतन्याहू ने माना — काम अभी पूरा नहीं हुआ। हिजबुल्लाह की मिसाइल क्षमता घटकर 10% रह गई है, लेकिन 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन अब भी उत्तरी इज़रायल के लिए खतरा हैं। IDF कमांडरों के साथ बैठक में नेतन्याहू ने सैन्य-तकनीकी समाधान पर ज़ोर दिया।

मुख्य बातें

नेतन्याहू ने IDF वरिष्ठ कमांडरों के साथ लेबनान सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
हिजबुल्लाह के पास अब युद्ध की शुरुआत की तुलना में केवल लगभग 10% मिसाइलें बची हैं।
122 मिमी रॉकेट और ड्रोन/यूएवी अभी भी दो प्रमुख अनसुलझी चुनौतियाँ हैं।
नेतन्याहू ने कहा कि सैन्य-तकनीकी समाधान से कूटनीतिक रास्ता भी खुल सकता है।
विदेश मंत्री गिडियन सार ने ईसा मसीह की मूर्ति तोड़ने की घटना पर माफी माँगी; IDF ने जाँच और कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इज़रायल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF) के वरिष्ठ कमांडरों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में लेबनान की सुरक्षा स्थिति, जारी सैन्य अभियानों और हिजबुल्लाह से उत्पन्न खतरों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन व यूएवी अभी भी दो प्रमुख अनसुलझी चुनौतियाँ हैं, जिन्हें सैन्य और तकनीकी दोनों मोर्चों पर एक साथ निपटाना होगा।

मुख्य घटनाक्रम

नेतन्याहू ने बैठक में कहा कि लेबनान में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं। उनके अनुसार, वह रॉकेट प्रणाली जो पूरे देश के लिए खतरा थी, उसे नष्ट कर दिया गया है। उत्तरी इज़रायल में घुसपैठ और एंटी-टैंक मिसाइल हमलों को रोकने के लिए एक सुरक्षा क्षेत्र स्थापित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह सुरक्षा क्षेत्र लेबनान में हालात बदलने की क्षमता भी प्रदान करता है।

नेतन्याहू ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन का खतरा बने रहना यह दर्शाता है कि 'निरस्त्रीकरण' अभी एक दूर का लक्ष्य है। गिडियन सार की माफी एक अलग किंतु महत्वपूर्ण संकेत है — कि इज़रायल अपने ईसाई अल्पसंख्यक समुदाय और अंतरराष्ट्रीय छवि दोनों के प्रति सचेत है। असली सवाल यह है कि क्या तकनीकी समाधान कूटनीतिक प्रगति की गति से तालमेल बिठा पाएगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के किन दो खतरों का उल्लेख किया?
नेतन्याहू ने 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन/यूएवी को लेबनान में हिजबुल्लाह से बाकी बचे दो प्रमुख खतरे बताया। उन्होंने कहा कि इन्हें सैन्य और तकनीकी दोनों तरीकों से मिलकर हल करना होगा।
हिजबुल्लाह के पास अभी कितनी मिसाइलें बची हैं?
नेतन्याहू के अनुसार, हिजबुल्लाह के पास अब युद्ध की शुरुआत की तुलना में लगभग 10% मिसाइलें ही बची हैं। हालाँकि यह संख्या भी उत्तरी इज़रायल के निवासियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
IDF कमांडरों के साथ बैठक में क्या चर्चा हुई?
बैठक में लेबनान की सुरक्षा स्थिति, जारी सैन्य अभियानों और हिजबुल्लाह से जुड़े खतरों पर विस्तृत समीक्षा हुई। नेतन्याहू ने IDF की उपलब्धियों की सराहना की और शेष चुनौतियों को हल करने का आह्वान किया।
गिडियन सार ने माफी क्यों माँगी?
इज़रायल के विदेश मंत्री गिडियन सार ने ईसा मसीह की मूर्ति तोड़ने की घटना पर माफी माँगी और कहा कि इस कृत्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। IDF ने भी जाँच के बाद कठोर कदम उठाने का आश्वासन दिया।
नेतन्याहू के अनुसार कूटनीतिक समाधान कैसे संभव है?
नेतन्याहू ने कहा कि यदि 122 मिमी रॉकेट और ड्रोन की समस्या सैन्य-तकनीकी तरीके से हल हो जाती है, तो कूटनीतिक पहलू भी अपने आप सुलझ सकता है। उनका मानना है कि हिजबुल्लाह के मुख्य हथियारों को निष्क्रिय करना ही निरस्त्रीकरण की दिशा में असली कदम होगा।
राष्ट्र प्रेस
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