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चीन में आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत करने पर जोर, शी चिनफिंग ने पोलित ब्यूरो अध्ययन में दिए निर्देश

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चीन में आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत करने पर जोर, शी चिनफिंग ने पोलित ब्यूरो अध्ययन में दिए निर्देश

सारांश

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो ने 28 अप्रैल को आपदा प्रबंधन पर 25वाँ सामूहिक अध्ययन सत्र आयोजित किया। महासचिव शी चिनफिंग ने रोकथाम को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए तकनीकी सहायता, कानूनी गारंटी और बुनियादी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

सीपीसी पोलित ब्यूरो ने 28 अप्रैल 2025 को आपदा प्रबंधन पर 25वाँ सामूहिक अध्ययन सत्र आयोजित किया।
महासचिव शी चिनफिंग ने प्राकृतिक आपदा रोकथाम और राहत क्षमता उन्नत करने को उच्च गुणवत्ता वाले विकास से जोड़ने पर बल दिया।
रोकथाम को आपदा जोखिम घटाने की सबसे प्रभावी कुंजी बताया गया; तकनीकी सहायता और कानूनी गारंटी मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
बुनियादी स्तर पर कार्य को मज़बूत करने और जिम्मेदारियों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
चीन में विशाल भूभाग, जटिल भूगोल और विविध जलवायु के कारण प्राकृतिक आपदाएँ एक सतत चुनौती बनी हुई हैं।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो ने 28 अप्रैल 2025 को प्राकृतिक आपदा की रोकथाम और राहत क्षमता उन्नत करने के विषय पर अपना 25वाँ सामूहिक अध्ययन सत्र आयोजित किया। इस सत्र में महासचिव शी चिनफिंग ने जनता के जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए आपदा प्रबंधन को उच्च गुणवत्ता वाले विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

अध्ययन सत्र की मुख्य बातें

शी चिनफिंग ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले विकास और उच्च स्तरीय सुरक्षा के समन्वय की रणनीतिक दृष्टि से आपदा की रोकथाम और राहत कार्य का महत्व पूरी तरह समझना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदाओं की रोकथाम और उनसे मुकाबले की क्षमता को उन्नत करना अनिवार्य है, ताकि जनता के जीवन और संपत्ति की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

महासचिव ने यह भी रेखांकित किया कि विशाल भूभाग, जटिल भूगोल और विविध जलवायु के कारण चीन में प्राकृतिक आपदाएँ आती रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब हाल के वर्षों में बाढ़, भूकंप और भूस्खलन जैसी आपदाओं ने चीन के कई प्रांतों को प्रभावित किया है।

सीपीसी की 18वीं कांग्रेस के बाद की उपलब्धियाँ

शी चिनफिंग ने कहा कि सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद केंद्रीय समिति ने आपदा की रोकथाम और राहत कार्य को प्राथमिकता दी और इस क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं। गौरतलब है कि यह 25वाँ सामूहिक अध्ययन सत्र आपदा प्रबंधन को संस्थागत रूप देने की दिशा में पोलित ब्यूरो की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

रोकथाम को बताया सबसे बड़ी कुंजी

महासचिव ने स्पष्ट किया कि आपदा के जोखिम को कम करने और नुकसान घटाने के लिए रोकथाम ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने निर्देश दिया कि बड़ी आपदाओं से निपटने और उनका सामना करने की क्षमता बढ़ाने के लिए अध्ययन और तैयारी को मजबूत किया जाए।

इसके साथ ही उन्होंने तकनीकी सहायता और कानूनी गारंटी को मज़बूत करने पर भी ज़ोर दिया, ताकि प्राकृतिक आपदाओं की रोकथाम के लिए एक सुदृढ़ ढाँचा तैयार हो सके।

बुनियादी स्तर पर जिम्मेदारी सुनिश्चित करने का आह्वान

शी चिनफिंग ने बुनियादी स्तर पर कार्य को मजबूत करने और जिम्मेदारियों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का आह्वान किया। यह निर्देश इस बात का संकेत है कि चीन स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन में अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाना चाहता है।

आने वाले समय में इन निर्देशों के आधार पर नीतिगत दिशानिर्देश और कानूनी ढाँचे तैयार किए जाने की संभावना है, जो चीन की आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राष्ट्रीय विकास रणनीति का अभिन्न अंग मान रहा है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि चीन में आपदा के बाद पारदर्शी सूचना-प्रवाह और स्वतंत्र मूल्यांकन की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती है। 'रोकथाम को कुंजी' बताना सही दिशा है, लेकिन असली परीक्षा बुनियादी स्तर पर जवाबदेही लागू करने में होगी, जहाँ स्थानीय अधिकारी अक्सर केंद्रीय निर्देशों को कागज़ों तक सीमित रखते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन के पोलित ब्यूरो ने 25वाँ सामूहिक अध्ययन सत्र किस विषय पर आयोजित किया?
यह सत्र 28 अप्रैल 2025 को प्राकृतिक आपदा की रोकथाम और राहत क्षमता उन्नत करने के विषय पर आयोजित किया गया। इसमें महासचिव शी चिनफिंग ने आपदा प्रबंधन को उच्च गुणवत्ता वाले विकास से जोड़ने के निर्देश दिए।
शी चिनफिंग ने आपदा रोकथाम के लिए कौन-से मुख्य उपाय सुझाए?
शी चिनफिंग ने रोकथाम को सबसे प्रभावी उपाय बताया और तकनीकी सहायता, कानूनी गारंटी तथा बुनियादी स्तर पर जिम्मेदारियों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने बड़ी आपदाओं से निपटने की क्षमता बढ़ाने के लिए अध्ययन और तैयारी मजबूत करने का भी आह्वान किया।
चीन में प्राकृतिक आपदाएँ इतनी सामान्य क्यों हैं?
चीन के विशाल भूभाग, जटिल भूगोल और विविध जलवायु के कारण वहाँ बाढ़, भूकंप, भूस्खलन जैसी आपदाएँ आती रहती हैं। यही कारण है कि सीपीसी केंद्रीय समिति ने इस विषय को नीतिगत प्राथमिकता दी है।
सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद आपदा प्रबंधन में क्या बदलाव आया?
सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद केंद्रीय समिति ने आपदा की रोकथाम और राहत कार्य को प्राथमिकता दी और इस क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं। शी चिनफिंग के अनुसार, इस अवधि में आपदा प्रबंधन को संस्थागत रूप देने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
इस अध्ययन सत्र के बाद चीन में क्या नीतिगत कदम उठाए जाने की संभावना है?
इन निर्देशों के आधार पर आने वाले समय में नीतिगत दिशानिर्देश और कानूनी ढाँचे तैयार किए जाने की संभावना है। बुनियादी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने और तकनीकी सहायता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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