बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजरायली हमला: IDF का दावा, हिज्बुल्लाह के 135 ठिकाने तबाह
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने 28 मई 2026 को दावा किया कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के 135 ठिकानों को निशाना बनाया — यह कार्रवाई उस युद्धविराम समझौते के बावजूद हुई जो दोनों पक्षों के बीच पहले से लागू बताया जा रहा था। बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर यह हमला क्षेत्र में बढ़ते तनाव की ताज़ा कड़ी है।
हमले का विवरण
IDF के अनुसार, बेक्का और दक्षिणी लेबनान में स्थित लगभग 10 लॉन्च साइट्स को नष्ट किया गया, जिनका उपयोग कथित तौर पर इजरायल पर हमलों के लिए किया जा रहा था। इसके साथ ही एक प्रशिक्षण शिविर और टायर क्षेत्र में 15 अन्य बुनियादी ढाँचे से जुड़े ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई।
सेना ने यह भी दावा किया कि उसने एक कथित 'आतंकी सेल' को निशाना बनाया, जो कथित तौर पर हिज्बुल्लाह के एक लॉन्च बेस से बाहर निकल रहा था। इस हमले के निशाने पर हिज्बुल्लाह की मिसाइल यूनिट के कथित प्रमुख अली अल-हुसैनी बताए जा रहे हैं।
चुएइफात और दहियाह पर केंद्रित हमला
रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला चुएइफात इलाके के पास एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाकर किया गया। स्थानीय और सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में इमारतों के ऊपर घना धुआँ उठता दिखाई दिया। गौरतलब है कि इजरायल ने इससे पहले 6 मई को भी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों — जिन्हें दहियाह के नाम से जाना जाता है — पर हमला किया था।
जमीनी घुसपैठ और प्रभावित इलाके
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, इजरायली बलों ने सीमा से लगे कई कस्बों में नई जमीनी घुसपैठ की है। प्रभावित इलाकों में तबनीन, कलैला, कफरदूनिन, शाकरा, अर-रामादियाह और दीर आमेस शामिल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इजरायली सेना ने इन इलाकों में सैन्य अभियान के तहत तलाशी और लक्षित कार्रवाई की। हालाँकि, इन अभियानों के दौरान हुई क्षति या हताहतों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है। हाल के हफ्तों में सीमा पार हमलों, हवाई कार्रवाई और मिसाइल हमलों में उल्लेखनीय तेजी देखी गई है। युद्धविराम के बावजूद जारी इन हमलों ने लेबनानी नागरिकों के लिए स्थिति और अनिश्चित बना दी है, तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ा दी है।
हताहतों की संख्या को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक आँकड़ा सामने नहीं आया है, और स्थिति लगातार बदल रही है।