दिलीप घोष का ममता पर तीखा वार: 'पार्टी का खाता, चिह्न, दफ्तर सब गया — अब उम्मीदवार भी'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 21 सितंबर 2026 को सिलीगुड़ी में तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कड़ा हमला बोला। TMC और कांग्रेस के बीच संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर घोष ने दावा किया कि ममता बनर्जी 'खुद खो गई हैं' और उनकी अपनी पार्टी तक उनके नियंत्रण में नहीं है।
ममता पर सीधा प्रहार
मंत्री घोष ने कहा, 'इंडी गठबंधन कहाँ गया? ममता बनर्जी खुद ही खो गई हैं। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने इसे बनाया है, लेकिन अब उनकी अपनी पार्टी भी उनके नियंत्रण में नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि पार्टी का बैंक खाता, चुनाव चिह्न, दफ्तर और अब उम्मीदवार भी जा चुके हैं। घोष ने सवाल उठाया, 'ऐसे नेता की क्या विश्वसनीयता है, जो प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ खड़ा हो सके?'
गौरतलब है कि TMC हाल के महीनों में कई आंतरिक विवादों से घिरी रही है और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों में पार्टी को कानूनी पचड़ों का सामना करना पड़ा है। घोष की यह टिप्पणी उसी संदर्भ में और अधिक धारदार हो जाती है।
उपचुनावों पर मंत्री का रुख
बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले आगामी उपचुनावों के बारे में घोष ने कहा कि बंगाल में 'चुनाव किसी त्योहार की तरह मनाए जाते हैं।' उन्होंने कहा, 'उत्साह दिख रहा है, हर कोई चुनाव लड़ने के साथ-साथ इसे मनोरंजन का ज़रिया भी मान रहा है — उन्हें लड़ने दीजिए। सबको पहले से ही पता होता है कि नतीजा क्या होगा।' यह बयान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भरोसे का संकेत देता है, हालाँकि बंगाल में BJP को पिछले विधानसभा चुनाव में TMC से करारी हार मिली थी।
सीपीएम दफ्तरों में तोड़फोड़ के आरोप
राज्य भर में सीपीएम (CPM) पार्टी के दफ्तरों में तोड़फोड़ के आरोपों पर मंत्री घोष ने अपनी पार्टी की संलिप्तता से इनकार करते हुए कहा, 'सीपीएम के पास अब कुछ नहीं बचा है। वे खुद ही तोड़फोड़ करते हैं और रोज़ सुर्खियों में बने रहते हैं।' उनका आरोप था कि CPM कार्यकर्ता खुद 'फुटपाथ पर दफ्तर बनाकर' उसे तोड़ देते हैं।
CPM ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। आलोचकों का कहना है कि तोड़फोड़ की घटनाएँ बंगाल की राजनीतिक हिंसा की पुरानी परंपरा का हिस्सा हैं, जिसमें सत्तारूढ़ पार्टी पर भी अक्सर आरोप लगते रहे हैं।
मोदी नेतृत्व और अर्थव्यवस्था की तारीफ
मंत्री घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक भूमिका और भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि 'पिछले चार-पाँच वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ा।' उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल ₹400 प्रति लीटर तक पहुँच गया, जबकि भारत में कीमतें स्थिर रखी गईं।
घोष ने कहा कि 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि हासिल करना कठिन वैश्विक परिस्थितियों में 'लगभग नामुमकिन' लग रहा था, लेकिन यह संभव हुआ। यह आँकड़ा उनका अपना दावा है; स्वतंत्र आर्थिक एजेंसियों के आँकड़ों से इसकी पुष्टि अलग से होनी चाहिए।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
दिलीप घोष के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब बंगाल में उपचुनावों की तैयारी शुरू हो चुकी है और TMC-कांग्रेस गठबंधन की अटकलें तेज़ हैं। BJP के लिए बंगाल हमेशा एक चुनौतीपूर्ण राज्य रहा है, और ऐसे में यह बयान पार्टी की आक्रामक चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है। आने वाले हफ्तों में उपचुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ इन बयानबाज़ियों के और तेज़ होने की संभावना है।