पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर भारत में मौसम बदलेगा, दिल्ली में AQI 463 — प्रदूषण संकट गहरा
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 नवंबर 2026 को पुष्टि की कि उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है, जो दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मौसम को अगले सप्ताह प्रभावित कर सकता है। इसके साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 463 के खतरनाक स्तर पर दर्ज किया गया, जो नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
मुख्य मौसम घटनाक्रम
IMD के अनुसार, नया पश्चिमी विक्षोभ मुख्य रूप से पर्वतीय क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
हालाँकि मैदानी क्षेत्रों पर इस विक्षोभ का प्रभाव सीमित रहने की संभावना है। 8 नवंबर 2026 तक दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के अधिकांश मैदानी हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की गंभीर स्थिति
वायु प्रदूषण के मोर्चे पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दिल्ली में AQI 463, नोएडा में 456 और ग्रेटर नोएडा में 426 दर्ज किया गया। गुरुग्राम सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य प्रमुख शहरों में भी AQI 400 के पार बना हुआ है।
गौरतलब है कि AQI का 400 से ऊपर का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में आता है, जो सामान्य व्यक्तियों के लिए भी स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है और श्वसन संबंधी समस्याओं वाले लोगों के लिए विशेष रूप से खतरनाक माना जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण का मौसमी चक्र चरम पर होता है।
चक्रवात 'मुरासु' का असर
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात 'मुरासु' के आंध्र प्रदेश तट को पार करने के बाद कमजोर पड़ने की सूचना है। हालाँकि, इसके कमजोर होने के बावजूद तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, माहे और कराईकल में 8 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियाँ जारी रहने का अनुमान है।
लक्षद्वीप और तटीय कर्नाटक के ऊपर भी एक सक्रिय चक्रवाती प्रणाली बनी हुई है, जिससे दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली का तापमान और आगे का अनुमान
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में हवाएं चलती रहेंगी, जिससे मौसम मुख्यतः साफ रहेगा।
अगले सप्ताह तापमान में और गिरावट के साथ ठंड बढ़ने और सुबह के समय कोहरे में वृद्धि होने की भी उम्मीद है। यह संकेत देता है कि उत्तर भारत में शीतकाल की आमद जल्द हो सकती है।
आम जनता पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, AQI के 'गंभीर' स्तर पर बने रहने से बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन रोग से पीड़ित लोगों को घर के अंदर रहने और बाहर निकलने पर मास्क पहनने की सलाह दी जाती है। पहाड़ी राज्यों में हिमपात की संभावना के मद्देनज़र यात्रा की योजना बनाने वालों को भी सतर्क रहने की ज़रूरत है।
IMD की ताज़ा रिपोर्टें बताती हैं कि उत्तर और दक्षिण भारत में एक साथ दो अलग-अलग मौसम प्रणालियाँ सक्रिय हैं — यह मौसमी विभाजन आने वाले हफ्तों में और स्पष्ट होगा।