दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण फिर बढ़ने की आशंका, 2–7 नवंबर तक बारिश नहीं; न्यूनतम तापमान 16°C तक
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज़ हवाओं से मिली वायु गुणवत्ता की राहत अब समाप्त होने के कगार पर है। मौसम विभाग के 2 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक के पूर्वानुमान के अनुसार, पूरे सप्ताह आसमान मुख्यतः साफ रहेगा और किसी भी दिन बारिश की संभावना नहीं है। इसके चलते दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और ग्रेटर नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) दोबारा बिगड़ने के संकेत मिल रहे हैं।
बारिश के बाद क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण का ख़तरा
पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश ने दिल्ली-एनसीआर की हवा को उल्लेखनीय रूप से साफ कर दिया था और कई इलाकों में AQI ग्रीन जोन तक पहुँच गया था। हालाँकि, यह राहत अस्थायी साबित हो रही है। मौसम के शुष्क बने रहने और हवा की गति कम होने पर वातावरण में मौजूद धूल कण, पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे प्रदूषक फिर से संचित होने लगते हैं।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पराली जलाने का मौसम अपने चरम पर होता है और सर्दियों की शुरुआत के साथ हवा की ऊर्ध्वाधर गति (वेंटिलेशन इंडेक्स) कमज़ोर हो जाती है, जिससे प्रदूषक कण निचली परतों में फँस जाते हैं।
सप्ताह भर का तापमान पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक नवंबर के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 28–29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16–17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। दिन-वार विवरण इस प्रकार है:
2 नवंबर को अधिकतम 29°C, न्यूनतम 17°C। 3 नवंबर को अधिकतम 29°C, न्यूनतम 16°C। 4 नवंबर को अधिकतम 28°C, न्यूनतम 16°C। 5 नवंबर को अधिकतम 29°C, न्यूनतम 16°C। 6 और 7 नवंबर को अधिकतम 29°C और न्यूनतम 17°C रहने का अनुमान है। आर्द्रता का स्तर 60 से 85 प्रतिशत के बीच बना रहेगा।
आम जनता पर असर
मौसम विभाग ने 2 से 7 नवंबर के दौरान किसी भी दिन कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। फिर भी, शुष्क मौसम और बारिश की अनुपस्थिति में प्रदूषक तत्वों का प्रभाव बढ़ने की आशंका है। विशेष रूप से सुबह और देर शाम के वक्त लोगों को प्रदूषण के साथ-साथ हल्की ठंड का भी अनुभव होगा।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम के निवासियों को AQI पर निरंतर नज़र रखने की सलाह दी जा रही है। यदि AQI लाल निशान (200 से ऊपर) को पार करता है, तो बाहरी गतिविधियाँ सीमित करना ज़रूरी हो सकता है।
संवेदनशील वर्ग को विशेष सावधानी ज़रूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण स्तर बढ़ने की स्थिति में बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष एहतियात बरतने की ज़रूरत होगी। मास्क पहनना, खिड़कियाँ बंद रखना और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करना इस दौरान सहायक उपाय हो सकते हैं।
आने वाले दिनों में यदि AQI तेज़ी से बिगड़ता है तो संबंधित एजेंसियाँ ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रतिबंध लागू कर सकती हैं।