दिल्ली-एनसीआर मौसम पूर्वानुमान: 25 सितंबर से तापमान में गिरावट, चांदनी चौक का AQI 224 पर खतरनाक
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली-एनसीआर में 23 सितंबर 2026 को मौसम मुख्यतः साफ बना हुआ है, लेकिन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 25 सितंबर से तापमान में क्रमिक गिरावट शुरू होगी और 27-28 सितंबर को गरज के साथ बारिश की संभावना है। इस बीच दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आँकड़ों के अनुसार राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 के पार जा चुका है, जो सांस के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष रूप से खतरनाक श्रेणी में आता है।
दिन-वार मौसम का पूर्वानुमान
23 सितंबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा में नमी 55 से 85 प्रतिशत के बीच रहेगी और आसमान मुख्यतः साफ रहेगा। 24 सितंबर को भी मौसम लगभग इसी तरह का रहेगा — तापमान और नमी के स्तर में कोई बड़ा अंतर नहीं होगा।
25 सितंबर से हल्का बदलाव महसूस होगा, जब अधिकतम तापमान गिरकर 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। 26 सितंबर को बादलों की उपस्थिति और बढ़ेगी और अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक लुढ़क सकता है।
IMD के अनुसार 27 और 28 सितंबर को मौसम में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा — इन दोनों दिनों गरज के साथ बारिश की संभावना है। तापमान 32 डिग्री अधिकतम और 22 डिग्री न्यूनतम तक गिर सकता है, जबकि हवा में नमी 95 प्रतिशत तक पहुँच सकती है। गौरतलब है कि इन दिनों के लिए अभी तक कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
प्रमुख इलाकों में AQI का स्तर
DPCC और CPCB के आँकड़ों के अनुसार, चांदनी चौक में AQI 224 और सीआरआरआई मथुरा रोड पर 219 दर्ज किया गया — दोनों 'खराब' श्रेणी में आते हैं। बवाना में AQI 193, आनंद विहार में 168 और बुराड़ी क्रॉसिंग में 135 रिकॉर्ड किया गया। अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति कैंटोनमेंट एरिया में रही जहाँ AQI 84 ('संतोषजनक' श्रेणी) रहा।
नोएडा में भी हालात चिंताजनक हैं। सेक्टर-125 में AQI 221, सेक्टर-116 में 180 और सेक्टर-62 में 174 दर्ज किया गया। गाजियाबाद में वसुंधरा का AQI 191, लोनी का 189 और इंदिरापुरम का 178 रहा। गोविंदपुरम में AQI 107 के स्तर पर था।
स्वास्थ्य पर असर
चिकित्सकों के मुताबिक, AQI के 100 से ऊपर जाते ही हवा में प्रदूषण कण संवेदनशील वर्गों के लिए हानिकारक होने लगते हैं। 200 से ऊपर का AQI बुजुर्गों, बच्चों और दमा अथवा अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित लोगों के लिए विशेष जोखिम पैदा करता है।
इन स्तरों पर खाँसी, गले में खराश, आँखों में जलन और साँस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मौसम में नमी बनी हुई है, जो वातावरण में प्रदूषण कणों को नीचे बनाए रखती है और स्थिति को और गंभीर बनाती है।
क्या होगा आगे
IMD के अनुमान बताते हैं कि 27-28 सितंबर की बारिश के बाद वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार की उम्मीद की जा सकती है, क्योंकि बारिश प्रदूषण कणों को धोने में सहायक होती है। हालाँकि, आँकड़ों के अनुसार, बारिश से पहले के दिनों में AQI का स्तर ऊँचा बना रहने की आशंका है। नागरिकों, विशेष रूप से संवेदनशील समूहों को, अगले कुछ दिनों तक बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।