दिल्ली-एनसीआर में ठंड की दस्तक: 29 अक्टूबर से तीन दिन बारिश, नोएडा में AQI 314 'बहुत खराब'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026 — राजधानी दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम ने अचानक पलटवार किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर से लगातार तीन दिनों तक दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। साथ ही तापमान में आ रही गिरावट के कारण सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंड का एहसास शुरू हो गया है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान और तापमान का हाल
IMD की स्थानीय मौसम रिपोर्ट के अनुसार, 28 अक्टूबर को दिल्ली का आसमान मुख्यतः साफ रहेगा, हालाँकि दोपहर या शाम तक आंशिक बादल छाने की आशंका है। इस दिन अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम में असली परिवर्तन 29 अक्टूबर से देखने को मिलेगा, जब गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। उस दिन तापमान गिरकर अधिकतम 26 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। 30 अक्टूबर को भी गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहेगी और तापमान अधिकतम 26 डिग्री व न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।
31 अक्टूबर को आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और तापमान 28 डिग्री से 19 डिग्री के बीच रहेगा। 1 नवंबर और 2 नवंबर को साफ से लेकर आंशिक बादलों वाला मौसम रहने की संभावना है, जहाँ अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है।
वायु गुणवत्ता: लाल निशान फिर पार
मौसम में बदलाव का असर हवा की गुणवत्ता पर भी साफ़ नज़र आ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आँकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) फिर से 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुँच गया है।
दिल्ली में पटपड़गंज में AQI सबसे अधिक 291 दर्ज किया गया। सिरीफोर्ट में 290, पूसा में 285, आर के पुरम में 284, रोहिणी में 279, ओखला फेज-2 में 272, पंजाबी बाग में 270 और शादीपुर में 258 AQI रिकॉर्ड किया गया।
नोएडा के सेक्टर-62 में AQI 314 के साथ 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुँच गया है — जो पूरे एनसीआर में सर्वाधिक दर्ज किए गए आँकड़ों में से एक है। इसके अतिरिक्त सेक्टर-150 में 266, सेक्टर-110 में 262, सेक्टर-39 में 261, सेक्टर-1 में 225 और सेक्टर-125 में 196 AQI दर्ज किया गया।
गाजियाबाद में भी हालात चिंताजनक हैं — वसुंधरा में AQI 258, इंदिरापुरम में 217, लोनी में 209 और संजय नगर में 188 दर्ज किया गया।
बारिश से राहत या और परेशानी?
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश होने से प्रदूषण के बारीक कण हवा में नीचे बैठ सकते हैं, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है। हालाँकि, बारिश के बाद नमी बढ़ने से प्रदूषण और अधिक गाढ़ा होने की आशंका भी जताई जा रही है, जो दीर्घकालिक राहत नहीं देती। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में शीत ऋतु की आहट के साथ वायु प्रदूषण का संकट परंपरागत रूप से अपने चरम पर पहुँचता है।
सावधानी की ज़रूरत किसे?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि इस मौसम में खासकर बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा तथा साँस की बीमारियों से ग्रसित लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग और सुबह की सैर से परहेज़ सुझाया जाता है। आने वाले दिनों में यदि बारिश के बाद हवा की गति बढ़ती है, तो प्रदूषण स्तर में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।