चक्रवात 'अर्नब': विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा समेत कई हवाईअड्डों पर उड़ानें निलंबित, नागर विमानन मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
सारांश
मुख्य बातें
भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के तट से टकराने के बाद नागर विमानन मंत्रालय ने 28 अक्टूबर 2026 को सभी एयरलाइंस और हवाईअड्डा संचालकों को यात्री सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए। विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी हवाईअड्डों पर उड़ान संचालन पहले ही निलंबित किया जा चुका है। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और अकासा एयर मिलकर दर्जनों उड़ानें रद्द कर चुकी हैं।
हवाईअड्डों पर परिचालन की स्थिति
विशाखापट्टनम हवाईअड्डे पर 27 अक्टूबर की दोपहर से ही उड़ान संचालन पूरी तरह निलंबित कर दिया गया था। विजयवाड़ा और राजमुंदरी हवाईअड्डों पर 27 अक्टूबर शाम 7 बजे के बाद सभी आवागमन बंद हो गया। दिल्ली-भोगापुरम-दिल्ली सेवा को 28 अक्टूबर के लिए रद्द कर दिया गया है। मंत्रालय के अनुसार चक्रवात का सर्वाधिक असर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा से जुड़ी उड़ानों पर पड़ा है, विशेष रूप से भुवनेश्वर से संचालित होने वाली सेवाओं पर।
एयरलाइनों के रद्दीकरण का ब्यौरा
एयर इंडिया ने दिल्ली-विशाखापट्टनम-दिल्ली (27 अक्टूबर) और दिल्ली-विजयवाड़ा-दिल्ली (28 अक्टूबर) सेक्टरों की कुल 6 उड़ानें रद्द की हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 13 उड़ानें निरस्त की हैं, जिनमें विशाखापट्टनम से हैदराबाद, बेंगलुरु और विजयवाड़ा के बीच की अधिकतर सेवाएँ शामिल हैं। इसके अलावा वाराणसी-बैंकॉक और बैंकॉक-विशाखापट्टनम मार्गों पर भी परिचालन प्रभावित हुआ है।
इंडिगो ने विशाखापट्टनम के लिए अपनी सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं, साथ ही विजयवाड़ा और राजमुंदरी में भी 27 अक्टूबर शाम के बाद संचालन बंद है। अकासा एयर ने 28 अक्टूबर के लिए दिल्ली-भोगापुरम और वापसी की उड़ानें रद्द की हैं। हालाँकि एलायंस एयर ने अब तक किसी रद्दीकरण की घोषणा नहीं की है और उसका परिचालन सामान्य बताया जा रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया और समन्वय
मंत्रालय ने विमानन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA), नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS), भारतीय मौसम विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल की आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत किया गया है। मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस को खराब मौसम के परिचालन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने, उड़ान विलंब या रद्दीकरण की सूचना समय पर देने और री-बुकिंग व रिफंड के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
आम यात्रियों पर असर
चक्रवात की दिशा और तीव्रता के अनुसार हैदराबाद, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में भी उड़ानों पर परोक्ष प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जलभराव और सड़क बंद होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे हवाईअड्डे तक पहुँचना कठिन हो सकता है। मंत्रालय ने एयरलाइंस को वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, छोटे बच्चों वाले परिवारों और चिकित्सा जरूरत वाले यात्रियों को विशेष सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
यात्रियों के लिए एडवाइजरी
नागर विमानन मंत्रालय ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे घर से निकलने से पहले एयरलाइन की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, हेल्पलाइन या एसएमएस के माध्यम से अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि अवश्य करें। केवल उड़ान की आधिकारिक पुष्टि मिलने पर ही हवाईअड्डे के लिए रवाना हों और अतिरिक्त यात्रा समय का ध्यान रखें। शिकायत के मामले में पहले संबंधित एयरलाइन और उसके बाद एयरसेवा पोर्टल या मोबाइल ऐप के ज़रिए शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। आने वाले दिनों में तूफान के कमज़ोर पड़ने के बाद हवाईअड्डों पर परिचालन क्रमशः बहाल होने की उम्मीद है।