रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमले: एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा की उड़ानें 15 अक्टूबर तक रद्द
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया ने 12 अक्टूबर 2026 को रियाद के लिए अपनी उड़ानों का निलंबन 15 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है — यह फैसला यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की राजधानी के हवाई अड्डे पर बार-बार किए जा रहे हमलों के बाद लिया गया है। इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर ने भी प्रभावित सऊदी शहरों के लिए सेवाएँ अस्थायी रूप से स्थगित कर दी हैं, जिससे भारत-सऊदी अरब मार्ग पर हज़ारों यात्री प्रभावित हुए हैं।
किस एयरलाइन ने कब तक उड़ानें रद्द कीं
एयर इंडिया ने रियाद के लिए अपनी सेवाएँ 15 अक्टूबर तक निलंबित रखने की घोषणा की है। इंडिगो ने भी रियाद और दम्माम के लिए उड़ान-रद्दीकरण की अवधि 15 अक्टूबर तक बढ़ाई है।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 12 अक्टूबर के लिए दम्माम और जेद्दा की उड़ानें रद्द कर दी हैं, और रियाद सेवाएँ 15 अक्टूबर तक बंद रहेंगी। अकासा एयर ने जेद्दा और रियाद के लिए अपनी उड़ानें 13 अक्टूबर तक रोकी हुई हैं।
हमलों की पृष्ठभूमि और मौजूदा स्थिति
पिछले एक सप्ताह में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और ऊर्जा ढाँचे पर हमले तेज़ कर दिए हैं। सऊदी अरब ने सोमवार को बताया कि उसे ड्रोन और मिसाइल हमलों के नए खतरों का सामना करना पड़ रहा है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन — जो यमन में सरकारी बलों का समर्थन करता है — ने आने वाली हवाई वस्तुओं का पता लगाने की सूचना दी है। हालाँकि ताज़ा हमलों से हुए नुकसान की कोई तत्काल आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इन हमलों के चलते सऊदी हवाई क्षेत्र के कुछ हिस्सों पर प्रतिबंध लागू किए गए हैं और रियाद एयरपोर्ट का संचालन बाधित हुआ है।
यात्रियों पर असर
भारत और सऊदी अरब के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों — विशेष रूप से श्रमिक वर्ग और प्रवासी भारतीय — को लंबी उड़ान-रद्दीकरण और यात्रा संबंधी गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सऊदी अरब में लाखों भारतीय कामगार रहते हैं, और यह मार्ग भारत के सबसे व्यस्त अंतर्राष्ट्रीय हवाई गलियारों में से एक है।
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका से जुड़े व्यापक क्षेत्रीय तनाव के बीच विमानन कंपनियाँ लगातार अपनी उड़ान-अनुसूचियों में बदलाव कर रही हैं। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे रवाना होने से पहले अपनी एयरलाइन से स्थिति की पुष्टि कर लें।
क्षेत्रीय संघर्ष और विमानन सुरक्षा
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव कई मोर्चों पर एक साथ बढ़ रहा है। हूती विद्रोहियों ने पहले भी लाल सागर में व्यावसायिक जहाजों पर हमले किए थे, और अब हवाई ढाँचे को निशाना बनाने की घटनाएँ क्षेत्रीय संघर्ष के नए आयाम को दर्शाती हैं।
मौजूदा अनिश्चितता के बीच सभी विमानन कंपनियाँ यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक जमीनी सुरक्षा स्थिति स्पष्ट नहीं होती, एयरलाइंस उड़ान-निलंबन की समय-सीमा को आगे बढ़ाती रह सकती हैं।
आगे क्या होगा
सऊदी अधिकारियों ने फिलहाल रियाद एयरपोर्ट को बंद रखा है और स्थिति की निरंतर समीक्षा की जा रही है। 15 अक्टूबर के बाद की उड़ानों की स्थिति जमीनी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। प्रभावित यात्रियों को एयरलाइंस वैकल्पिक रूटों या तिथियों पर री-बुकिंग की सुविधा दे रही हैं।