हूती हमले के बाद अकासा एयर ने रियाद उड़ानें 13 अक्टूबर तक रोकीं, यात्रियों को फुल रिफंड का विकल्प
सारांश
मुख्य बातें
अकासा एयर ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद रियाद आने-जाने वाली सभी उड़ानों का निलंबन 13 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है। सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (जीएसीए) के अनुसार, इस हमले में दर्जनों लोग घायल हुए और हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से ठप करना पड़ा। सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने भी इस निलंबन की पुष्टि की है।
अकासा एयर का बयान और यात्रियों के लिए राहत
अकासा एयर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'रियाद में लगातार बनी सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अकासा एयर ने रियाद से आने-जाने वाली सभी उड़ानों के निलंबन को 13 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। हम स्थिति पर वास्तविक समय के आधार पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और उसका आकलन कर रहे हैं।'
एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि प्रभावित यात्री फुल रिफंड का विकल्प चुन सकते हैं, जो 7 दिनों के भीतर भुगतान के मूल स्रोत में जमा कर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा पुनर्निर्धारित भी करा सकते हैं। जिन यात्रियों ने ट्रैवल पार्टनर के माध्यम से बुकिंग की है, उन्हें सहायता के लिए सीधे संबंधित एजेंट से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
हमले का विवरण और जनहानि
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया, जिसमें एक पायलट समेत सऊदी अरब के तीन नागरिकों की मौत हो गई और कई आम नागरिक घायल हुए। जीएसीए ने बताया कि 6 और 7 अक्टूबर को आभा और किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमले किए गए थे। हमले में सऊदी अरब एयरलाइंस के एक विमान को भी निशाना बनाया गया।
मिस्र की कड़ी निंदा
मिस्र ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर जारी बयान में कहा, 'मिस्र, मित्र राष्ट्र सऊदी अरब के खिलाफ किए गए उन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता है जिनमें रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट और सऊदी अरब एयरलाइंस के एक विमान को निशाना बनाया गया।' हालाँकि मिस्र के बयान में हूतियों का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया।
मंत्रालय ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार देते हुए कहा कि हवाई आवाजाही को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करता है। मिस्र ने सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता और नागरिकों की हिफाजत के लिए उठाए जाने वाले सभी कदमों में अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त की।
व्यापक परिप्रेक्ष्य और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है। गौरतलब है कि हूती विद्रोही पहले भी सऊदी अरब के नागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमले करते रहे हैं। हवाई अड्डे जैसे नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना क्षेत्रीय संघर्ष को और व्यापक आयाम देता है।
अकासा एयर ने स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए है और 13 अक्टूबर के बाद की उड़ानों पर निर्णय ताजा हालात के आधार पर लिया जाएगा। भारतीय यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे उड़ान से पूर्व एयरलाइन के आधिकारिक चैनलों से अपडेट लेते रहें।