एयर इंडिया की रियाद-दम्माम उड़ानें 7 नवंबर तक निलंबित, हमलों के बाद 3,000 उमराह यात्री स्वदेश लौटे
सारांश
मुख्य बातें
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की रियाद तथा दम्माम के लिए उड़ान सेवाएँ 7 नवंबर 2024 तक निलंबित रहेंगी, जबकि जेद्दा के लिए उड़ानें 31 अक्टूबर 2024 तक बंद रहेंगी। भारतीय दूतावास ने 24 अक्टूबर को यह जानकारी दी। यह निर्णय सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढाँचे पर हुए हमलों की पृष्ठभूमि में लिया गया है।
उड़ान निलंबन का कारण
सऊदी अरब में रियाद और दम्माम के हवाई अड्डों पर लगातार हो रहे हमलों के चलते इन मार्गों पर विमान सेवाएँ रोकी गई हैं। भारतीय दूतावास के अनुसार, यह कदम यात्रियों और विमान दल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। गौरतलब है कि किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अरामको के शायबा तेल क्षेत्र पर भी हमले हो चुके हैं, जिनकी भारत ने कड़ी निंदा की है।
भारतीय नागरिकों पर असर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दम्माम हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य भारतीय घायल हुए। शायबा तेल क्षेत्र पर हुए हमले में भी एक भारतीय नागरिक घायल हुआ था। उड़ान निलंबन का सबसे अधिक असर उन उमराह यात्रियों पर पड़ा है जो सऊदी अरब में फँसे हुए हैं।
उमराह यात्रियों की वापसी
नई दिल्ली में साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में लगभग 3,000 फँसे हुए उमराह यात्री सऊदी अरब से भारत लौट चुके हैं। इसके अतिरिक्त 10,000 से अधिक सामान्य उमराह यात्री भी स्वदेश वापस आ चुके हैं।
जायसवाल ने कहा कि शेष यात्रियों की जल्द वापसी के लिए संबंधित एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के साथ समन्वय जारी है। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास सामुदायिक स्वयंसेवकों के सहयोग से फँसे हुए नागरिकों की हर संभव सहायता कर रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और राहत उपाय
रियाद और जेद्दा में भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय जमीनी स्थिति की जानकारी देने के लिए नियमित रूप से एडवाइजरी भी जारी कर रहा है। भारत सरकार ने उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।
आगे क्या होगा
यह स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और कई अन्य देश भी अपनी उड़ान सेवाएँ प्रभावित क्षेत्रों में समायोजित कर रहे हैं। 7 नवंबर 2024 के बाद उड़ान सेवाओं की बहाली जमीनी सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करेगी। सऊदी अरब में अभी भी बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कार्यरत और निवासरत हैं, जिनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।