हावड़ा में CM सुवेंदु अधिकारी ने बच्चे राजदीप को दी सलाह — मोबाइल कम, पढ़ाई ज़्यादा; साथ में सेल्फी भी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 की रात हावड़ा के सालकिया इलाके में एक बच्चे के साथ सेल्फी खिंचवाई और उसे मोबाइल फोन का उपयोग कम करके पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। यह पल उस दौरे के अंत में आया जब मुख्यमंत्री चोरबागान घटना में मृत बिकाश भट्टाचार्य के शोकग्रस्त परिवार से मिलने पहुँचे थे।
दौरे की पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री अधिकारी शनिवार रात करीब 8 बजे उत्तर हावड़ा के सालकिया स्थित कामिनी स्कूल लेन पहुँचे। गली काफी संकरी होने के कारण बड़े वाहन का वहाँ तक पहुँचना संभव नहीं था, इसलिए वे बाइक से घर तक गए। राज्य मंत्री उमेश रॉय भी उनके साथ बाइक पर मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने बिकाश भट्टाचार्य के परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का आश्वासन भी दिया। इस आश्वासन से शोकसंतप्त परिवार को कुछ राहत मिली और उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।
राजदीप पाल और सेल्फी का क्षण
परिवार से मुलाकात के बाद जब मुख्यमंत्री घर से बाहर निकलकर अपनी बाइक की ओर जा रहे थे, तभी इलाके के एक बच्चे राजदीप पाल ने उनके पास पहुँचकर सेल्फी लेने की इच्छा जताई। बच्चे के उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सहर्ष उसकी बात मान ली और उसके साथ सेल्फी खिंचवाई।
हालाँकि, इस छोटी मुलाकात के दौरान अधिकारी ने राजदीप को यह सलाह भी दी कि वह मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग करने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे। यह पल वहाँ मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
शिक्षा और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग का संदेश
बच्चों में मोबाइल फोन के बढ़ते उपयोग को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच मुख्यमंत्री की यह सलाह प्रासंगिक मानी जा रही है। वहाँ उपस्थित लोगों ने बच्चे को प्रोत्साहित करने और शिक्षा को प्राथमिकता देने के उनके संदेश की सराहना की।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्तर पर स्कूली बच्चों में स्मार्टफोन की लत को लेकर शिक्षाविद् और मनोवैज्ञानिक लंबे समय से चिंता जता रहे हैं। इस संदर्भ में एक मुख्यमंत्री का सीधे एक बच्चे को सलाह देना, भले ही अनौपचारिक रूप से, जन चर्चा में जगह पाता है।
दोहरी भूमिका में नज़र आए मुख्यमंत्री
इस दौरे में सुवेंदु अधिकारी एक साथ दो भूमिकाओं में नज़र आए — एक ओर शोकग्रस्त परिवार को राहत और आश्वासन देने वाले प्रशासक, और दूसरी ओर बच्चे के साथ आत्मीय रूप से पेश आने वाले नेता। वहाँ मौजूद लोगों ने मुख्यमंत्री के इस व्यवहार की सराहना की।
आगे देखना होगा कि बिकाश भट्टाचार्य के परिवार को दिए गए आर्थिक सहायता और नौकरी के आश्वासन को किस समयसीमा में पूरा किया जाता है।