31 जुलाई 2026
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बंगाल पुलिस की तारीफ: CM सुवेंदु अधिकारी बोले — कर्ज और कमियों के बावजूद आपने बेहतरीन काम किया

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बंगाल पुलिस की तारीफ: CM सुवेंदु अधिकारी बोले — कर्ज और कमियों के बावजूद आपने बेहतरीन काम किया

सारांश

वित्तीय कर्ज और बुनियादी ढाँचे की कमी स्वीकार करते हुए CM सुवेंदु अधिकारी ने बैरकपुर में पुलिसकर्मियों के साथ लंच किया और पिछले दस हफ्तों के काम की तारीफ की। साथ ही उन्होंने निचले स्तर के जवानों की शिकायतें सीधे सुनने का वादा किया — यह नई सरकार की प्रशासनिक शैली का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

CM सुवेंदु अधिकारी ने 30 जुलाई को बैरकपुर पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, उत्तर 24 परगना में पुलिसकर्मियों के साथ लंच किया।
मुख्यमंत्री ने राज्य पर भारी वित्तीय कर्ज और पुलिस में बुनियादी सुविधाओं की कमी — पीने का पानी, रहने की जगह, वाहन — सार्वजनिक रूप से स्वीकार की।
उन्होंने पिछले दस हफ्तों में भ्रष्टाचार विरोध, कानून-व्यवस्था, सीमा सुरक्षा और महिला सुरक्षा में पुलिस की भूमिका की विशेष प्रशंसा की।
बड़ी घोषणा: CM ने कहा कि वे आईपीएस और वरिष्ठ अधिकारियों तक सीमित न रहकर निचले स्तर के पुलिसकर्मियों की शिकायतें भी सीधे सुनेंगे।
यह कदम सत्ता परिवर्तन के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस बल के मनोबल और जवाबदेही को लेकर चल रही बहस के बीच आया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार, 30 जुलाई को राज्य पुलिस बल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की — यह स्वीकार करते हुए कि भारी वित्तीय कर्ज और बुनियादी ढाँचे की गंभीर कमी के बीच पुलिसकर्मी असाधारण परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ लंच भी किया और उनकी रोज़मर्रा की चुनौतियों पर खुलकर बात की।

मुख्यमंत्री ने माना — राज्य की आर्थिक स्थिति कठिन है

मुख्यमंत्री अधिकारी ने राज्य की खराब आर्थिक स्थिति को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हुए कहा, 'अगर पिछली कार्यप्रणालियों में कुछ अच्छी बातें थीं तो कई बुरी बातें भी थीं, इसलिए अपनी चादर के हिसाब से ही पैर पसारने चाहिए। इस राज्य पर बहुत कर्ज है।' यह बयान इस दृष्टि से उल्लेखनीय है कि वे पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की विरासत को अप्रत्यक्ष रूप से रेखांकित कर रहे थे।

दूर-दराज के क्षेत्रों में पुलिस की तकलीफें — CM ने गिनाई कमियाँ

मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों की व्यावहारिक कठिनाइयों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'कुल मिलाकर, आप बहुत मुश्किलों में हैं, ये हम जानते हैं। आपको दूर-दराज के इलाकों में काम करना पड़ता है। वहाँ रहने की जगह नहीं है, साफ पीने का पानी नहीं है, लॉजिस्टिकल सपोर्ट, गाड़ियाँ, घोड़े, वगैरह नहीं हैं। कई कमियाँ हैं।' यह स्वीकारोक्ति दर्शाती है कि नई सरकार ज़मीनी हकीकत से वाकिफ है।

पिछले दस हफ्तों की उपलब्धियों की सराहना

इन तमाम चुनौतियों के बावजूद मुख्यमंत्री ने पिछले दो महीनों यानी लगभग दस सप्ताह में पुलिस की कामयाबियों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार विरोधी अभियान, कानून-व्यवस्था, पहचाने गए अपराधियों की गिरफ्तारी और सीमा सुरक्षा में पुलिस की भूमिका की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा, 'इन मुश्किल हालात में भी आप यह कर सकते हैं, क्योंकि पिछले दो महीनों या दस सप्ताह में आपने बहुत अच्छा काम किया है, चाहे वह भ्रष्टाचार से लड़ना हो, कानून-व्यवस्था बनाए रखना हो, पहचाने गए अपराधियों को गिरफ्तार करना हो, सीमाओं को सुरक्षित करना हो, घुसपैठियों की पहचान करना हो या हमारी माताओं, बहनों और बेटियों को सुरक्षा देना हो।'

बड़ी घोषणा: निचले स्तर के पुलिसकर्मियों की शिकायतें सीधे सुनेंगे CM

कार्यक्रम की सबसे महत्त्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वे केवल आईपीएस, डीजी, एडीजी और आईजी स्तर के अधिकारियों से मिलकर अपनी ज़िम्मेदारी पूरी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'आप ठीक रहेंगे। आपके मंत्री आपके साथ रहेंगे। सिर्फ आईपीएस, डीजी, एडीजी, आईजी के साथ ही बैठकें नहीं होंगी। मैं आपकी तकलीफों और शिकायतों को भी सुनूँगा।' यह कदम निचले स्तर के पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में एक सीधा संकेत है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पुलिस बल के पुनर्गठन और जवाबदेही को लेकर बहस जारी है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का यह सीधा संवाद — जमीनी पुलिसकर्मियों के साथ लंच और उनकी शिकायतें सुनने का वादा — प्रशासनिक शैली में बदलाव का संकेत देता है। आने वाले हफ्तों में यह देखना होगा कि यह घोषणा किस रूप में ज़मीन पर उतरती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर बिना बजटीय प्रतिबद्धता के यह स्वीकारोक्ति केवल सहानुभूति तक सीमित रह सकती है। पश्चिम बंगाल पुलिस का मनोबल और स्वायत्तता दीर्घकालिक राजनीतिक दबावों से कहीं अधिक प्रभावित होती है — और नई सरकार की असली परीक्षा तब होगी जब पुलिस को कठिन, राजनीतिक रूप से संवेदनशील निर्णय लेने होंगे।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल पुलिस की तारीफ क्यों की?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने पिछले दस हफ्तों में भ्रष्टाचार विरोध, कानून-व्यवस्था, सीमा सुरक्षा और महिला सुरक्षा में पुलिस के काम की सराहना की। उन्होंने यह भी माना कि पुलिस यह काम वित्तीय कर्ज और बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी के बावजूद कर रही है।
बैरकपुर पुलिस ट्रेनिंग स्कूल कार्यक्रम में क्या हुआ?
30 जुलाई को उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में CM अधिकारी ने पुलिसकर्मियों के साथ लंच किया, भाषण दिया और निचले स्तर के जवानों की शिकायतें सीधे सुनने की घोषणा की।
CM अधिकारी ने पश्चिम बंगाल पुलिस की किन कमियों को स्वीकार किया?
मुख्यमंत्री ने माना कि दूर-दराज के इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों को रहने की जगह, साफ पीने का पानी, वाहन और लॉजिस्टिकल सपोर्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने राज्य पर भारी वित्तीय कर्ज को भी स्वीकार किया।
निचले स्तर के पुलिसकर्मियों की शिकायतें सुनने की घोषणा का क्या मतलब है?
CM अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वे केवल IPS, DG, ADG और IG स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जमीनी स्तर के पुलिसकर्मियों की तकलीफें और शिकायतें भी सीधे सुनेंगे। यह घोषणा निचले स्तर के बल के मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से की गई।
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पुलिस बल की स्थिति कैसी है?
सत्ता परिवर्तन के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस बल के पुनर्गठन और जवाबदेही को लेकर बहस जारी है। CM अधिकारी के इस दौरे और घोषणाओं को नई सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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