बंगाल पुलिस की तारीफ: CM सुवेंदु अधिकारी बोले — कर्ज और कमियों के बावजूद आपने बेहतरीन काम किया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार, 30 जुलाई को राज्य पुलिस बल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की — यह स्वीकार करते हुए कि भारी वित्तीय कर्ज और बुनियादी ढाँचे की गंभीर कमी के बीच पुलिसकर्मी असाधारण परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ लंच भी किया और उनकी रोज़मर्रा की चुनौतियों पर खुलकर बात की।
मुख्यमंत्री ने माना — राज्य की आर्थिक स्थिति कठिन है
मुख्यमंत्री अधिकारी ने राज्य की खराब आर्थिक स्थिति को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते हुए कहा, 'अगर पिछली कार्यप्रणालियों में कुछ अच्छी बातें थीं तो कई बुरी बातें भी थीं, इसलिए अपनी चादर के हिसाब से ही पैर पसारने चाहिए। इस राज्य पर बहुत कर्ज है।' यह बयान इस दृष्टि से उल्लेखनीय है कि वे पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की विरासत को अप्रत्यक्ष रूप से रेखांकित कर रहे थे।
दूर-दराज के क्षेत्रों में पुलिस की तकलीफें — CM ने गिनाई कमियाँ
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों की व्यावहारिक कठिनाइयों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'कुल मिलाकर, आप बहुत मुश्किलों में हैं, ये हम जानते हैं। आपको दूर-दराज के इलाकों में काम करना पड़ता है। वहाँ रहने की जगह नहीं है, साफ पीने का पानी नहीं है, लॉजिस्टिकल सपोर्ट, गाड़ियाँ, घोड़े, वगैरह नहीं हैं। कई कमियाँ हैं।' यह स्वीकारोक्ति दर्शाती है कि नई सरकार ज़मीनी हकीकत से वाकिफ है।
पिछले दस हफ्तों की उपलब्धियों की सराहना
इन तमाम चुनौतियों के बावजूद मुख्यमंत्री ने पिछले दो महीनों यानी लगभग दस सप्ताह में पुलिस की कामयाबियों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार विरोधी अभियान, कानून-व्यवस्था, पहचाने गए अपराधियों की गिरफ्तारी और सीमा सुरक्षा में पुलिस की भूमिका की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, 'इन मुश्किल हालात में भी आप यह कर सकते हैं, क्योंकि पिछले दो महीनों या दस सप्ताह में आपने बहुत अच्छा काम किया है, चाहे वह भ्रष्टाचार से लड़ना हो, कानून-व्यवस्था बनाए रखना हो, पहचाने गए अपराधियों को गिरफ्तार करना हो, सीमाओं को सुरक्षित करना हो, घुसपैठियों की पहचान करना हो या हमारी माताओं, बहनों और बेटियों को सुरक्षा देना हो।'
बड़ी घोषणा: निचले स्तर के पुलिसकर्मियों की शिकायतें सीधे सुनेंगे CM
कार्यक्रम की सबसे महत्त्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वे केवल आईपीएस, डीजी, एडीजी और आईजी स्तर के अधिकारियों से मिलकर अपनी ज़िम्मेदारी पूरी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, 'आप ठीक रहेंगे। आपके मंत्री आपके साथ रहेंगे। सिर्फ आईपीएस, डीजी, एडीजी, आईजी के साथ ही बैठकें नहीं होंगी। मैं आपकी तकलीफों और शिकायतों को भी सुनूँगा।' यह कदम निचले स्तर के पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाने की दिशा में एक सीधा संकेत है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पुलिस बल के पुनर्गठन और जवाबदेही को लेकर बहस जारी है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का यह सीधा संवाद — जमीनी पुलिसकर्मियों के साथ लंच और उनकी शिकायतें सुनने का वादा — प्रशासनिक शैली में बदलाव का संकेत देता है। आने वाले हफ्तों में यह देखना होगा कि यह घोषणा किस रूप में ज़मीन पर उतरती है।