10 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल बजट 2026: BJP ने सराहा, TMC ने ₹8 लाख करोड़ के कर्ज और बेरोज़गारी पर उठाए सवाल

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पश्चिम बंगाल बजट 2026: BJP ने सराहा, TMC ने ₹8 लाख करोड़ के कर्ज और बेरोज़गारी पर उठाए सवाल

सारांश

पश्चिम बंगाल की सुवेंदु सरकार का पहला पूर्ण बजट तारीफ और सवालों के बीच आया। BJP ने नए बंगाल की नींव बताया, तो TMC ने ₹8 लाख करोड़ के कर्ज, 2 लाख रिक्त पदों और महिला भत्ते में लाभार्थियों की कटौती पर जवाब माँगा। औद्योगिक नीति पर चुप्पी विपक्ष की सबसे बड़ी चिंता बनी।

मुख्य बातें

सुवेंदु सरकार ने 22 जून 2026 को पश्चिम बंगाल का पहला पूर्ण बजट पेश किया।
केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार और BJP विधायक सजल घोष ने बजट को जनहितकारी और 'नए बंगाल' की नींव बताया।
TMC सांसद सौगत रॉय ने राज्य पर ₹8 लाख करोड़ के वित्तीय बोझ और 2 लाख रिक्त सरकारी पदों पर चिंता जताई।
महिला भत्ता ₹1,500 से बढ़ाकर ₹3,000 किया गया, लेकिन लाभार्थी 2 करोड़+ से घटाकर 50 लाख किए गए।
केंद्र से राज्य को ₹60,000 करोड़ की सहायता की बात; भूमि नीति और औद्योगिक निवेश पर सरकार की चुप्पी बरकरार।
हुमायूँ कबीर ने केंद्र-राज्य बजट अंतर और कर्मचारियों के बकाया DA पर तत्काल कार्रवाई की माँग की।

पश्चिम बंगाल की सुवेंदु सरकार ने 22 जून 2026 को अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे जनाकांक्षाओं के अनुरूप बताया, वहीं विपक्षी दलों ने राज्य के ₹8 लाख करोड़ के वित्तीय बोझ, बकाया महँगाई भत्ते (DA) और बेरोज़गारी जैसी बड़ी चुनौतियों को लेकर सरकार से जवाब माँगा।

सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक नया पश्चिम बंगाल बनाने का जो संकल्प लिया गया है, यह बजट उसकी नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। BJP विधायक सजल घोष ने भी बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह राज्य की जनता के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला है।

विपक्ष की चिंताएँ और प्रमुख सवाल

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने नई सरकार को समय देने की बात करते हुए कई अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा, "यह सरकार अभी नई है, इसलिए उसे कुछ समय दिया जाना चाहिए। हालांकि, राज्य के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियाँ हैं। मौजूदा समय में राज्य पर करीब ₹8 लाख करोड़ का वित्तीय बोझ है। इसे कम करने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी, यह देखना होगा। राज्य के कर्मचारियों का DA बकाया है।"

रॉय ने बेरोज़गारी को राज्य की सबसे गंभीर समस्याओं में गिनाया। उन्होंने कहा, "राज्य में करीब दो लाख रिक्त पद बताए जाते हैं। सरकार इन्हें भरने के लिए क्या करती है, इस पर भी नज़र रहेगी। इसके अलावा, केंद्र सरकार की ओर से राज्य को ₹60,000 करोड़ की सहायता दिए जाने की बात कही गई है। अब देखना होगा कि इन संसाधनों का उपयोग विकास कार्यों में किस प्रकार किया जाता है।"

महिला भत्ता और औद्योगिक नीति पर सवाल

TMC सांसद ने महिला भत्ते में हुए बदलाव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भत्ते की राशि ₹1,500 से बढ़ाकर ₹3,000 तो की गई है, लेकिन लाभार्थियों की संख्या 2 करोड़ से अधिक से घटाकर 50 लाख कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने अब तक भूमि नीति (Land Policy) पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है और एक भी नई उद्योग इकाई लगाने की घोषणा नहीं हुई है। रॉय ने पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों को भी जनता के लिए बड़ी चुनौती बताया और सरकार से राहत की माँग की।

अन्य दलों की राय

आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूँ कबीर ने केंद्र और राज्य के बजट के बीच बड़े अंतर की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस असमानता को पाटने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए और राज्य कर्मचारियों को बकाया DA तत्काल मिलना चाहिए।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार पर विकास और वित्तीय अनुशासन दोनों को एक साथ साधने का दबाव है। गौरतलब है कि राज्य के सामने वित्तीय घाटे, रोज़गार सृजन और औद्योगिक निवेश जैसे दीर्घकालिक मुद्दे अभी भी अनुत्तरित हैं। आने वाले महीनों में सरकार की नीतिगत घोषणाएँ और उनका क्रियान्वयन ही यह तय करेगा कि यह बजट महज़ एक दस्तावेज़ बनता है या वास्तविक बदलाव का माध्यम।

संपादकीय दृष्टिकोण

2 लाख रिक्त पद और औद्योगिक नीति पर मौन — ये तीनों मिलकर बताते हैं कि घोषणाओं और ज़मीनी बदलाव के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई। महिला भत्ते में राशि बढ़ाना और लाभार्थी घटाना एक विरोधाभासी संकेत है जिसे मुख्यधारा की कवरेज ने पर्याप्त तवज्जो नहीं दी। असली कसौटी यह होगी कि केंद्र के ₹60,000 करोड़ का उपयोग रोज़गार सृजन और उद्योग-निवेश में होता है या महज़ राजकोषीय घाटे की भरपाई में।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल बजट 2026 कब और किसने पेश किया?
पश्चिम बंगाल की सुवेंदु सरकार ने 22 जून 2026 को अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया। यह इस नई सरकार का राज्य के लिए पहला व्यापक वित्तीय दस्तावेज़ है।
TMC ने पश्चिम बंगाल बजट 2026 पर क्या आपत्तियाँ जताईं?
TMC सांसद सौगत रॉय ने राज्य पर ₹8 लाख करोड़ के वित्तीय बोझ, करीब 2 लाख रिक्त सरकारी पदों, कर्मचारियों के बकाया DA और औद्योगिक नीति पर सरकार की चुप्पी को प्रमुख चिंताएँ बताया। उन्होंने सरकार से स्पष्ट रोडमैप माँगा।
महिला भत्ते में क्या बदलाव किया गया है?
नई सरकार ने महिला भत्ते की राशि ₹1,500 से बढ़ाकर ₹3,000 कर दी है, लेकिन लाभार्थियों की संख्या 2 करोड़ से अधिक से घटाकर 50 लाख कर दी गई है। TMC ने इस कटौती को जनविरोधी बताया है।
केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल को कितनी वित्तीय सहायता दे रही है?
केंद्र सरकार की ओर से पश्चिम बंगाल को ₹60,000 करोड़ की सहायता दिए जाने की बात कही गई है। TMC सांसद सौगत रॉय ने सवाल उठाया है कि इन संसाधनों का उपयोग वास्तविक विकास कार्यों में कैसे होगा।
BJP ने पश्चिम बंगाल बजट 2026 को कैसे देखा?
केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने इसे PM मोदी के नेतृत्व में 'नया पश्चिम बंगाल' बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। BJP विधायक सजल घोष ने कहा कि यह बजट राज्य की जनता के चेहरे पर मुस्कान लाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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