पश्चिम बंगाल बजट 2026-27: कर्मचारियों का DA केंद्र के बराबर करने का लक्ष्य, 20% बढ़ोतरी का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा में 2026-27 का बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 22 जून 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता (DA) चरणबद्ध तरीके से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के DA के बराबर लाया जाएगा। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता द्वारा पेश इस बजट में तत्काल प्रभाव से 20 प्रतिशत DA वृद्धि की घोषणा की गई है।
तीन-स्तरीय रोजगार रणनीति
मुख्यमंत्री अधिकारी ने वित्त मंत्री दासगुप्ता के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मैं लंबे समय से बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए इस तीन-तरफा रणनीति की बात कर रहा हूँ।' उन्होंने बताया कि रणनीति का पहला हिस्सा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए राज्य सरकार में नौकरियाँ बढ़ाना है। दूसरा हिस्सा बड़े निवेश को आकर्षित कर रोजगार के अवसर पैदा करना है, और तीसरा पहलू सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्षेत्र को बढ़ावा देकर स्वरोजगार के रास्ते खोलना है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की भर्तियों में वही मॉडल अपनाया जाएगा, जो केंद्र सरकार की भर्तियों के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अपनाता है — यानी पारदर्शी और मानकीकृत चयन प्रक्रिया।
DA वृद्धि और कर्मचारियों से अपील
बजट में राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 20 प्रतिशत DA बढ़ोतरी की घोषणा को मुख्यमंत्री ने 'लंबे समय से वंचित कर्मचारियों की शिकायतों को दूर करने की शुरुआत' बताया। उन्होंने कहा, 'हमारी अगली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का DA केंद्र सरकार के कर्मचारियों के DA के बराबर हो।' साथ ही उन्होंने कर्मचारियों से अनुरोध किया कि चूँकि नए वित्त मंत्री ने हाल ही में पद संभाला है, इसलिए उन्हें पूरी स्थिति समझने के लिए कुछ समय दिया जाए।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और सिंगल-विंडो सिस्टम
बजट प्रस्तावों में ₹100 करोड़ या उससे अधिक के निवेश के लिए सभी आवश्यक सरकारी मंजूरियाँ सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से देने का प्रस्ताव किया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे पश्चिम बंगाल में कारोबारी माहौल सुधारने की दिशा में एक ठोस कदम बताया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे 'अंधा विरोध' नहीं करते, लेकिन सरकार को चेतावनी दी कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के नाम पर क्रोनी कैपिटलिज्म को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने अल्पसंख्यकों के बजट आवंटन में की गई 'बड़ी कटौती' का भी विरोध किया और कहा कि बजट चर्चा के दौरान वे इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाएँगे।
आगे की राह
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के कर्मचारी लंबे समय से DA बकाये और केंद्र के समकक्ष भत्तों की माँग करते रहे हैं। यह बजट उस दिशा में पहला औपचारिक कदम माना जा रहा है। अब नज़रें इस पर होंगी कि नए वित्त मंत्री दासगुप्ता DA समानता का लक्ष्य किस समयसीमा में और किस वित्तीय रोडमैप के साथ हासिल करते हैं।