पश्चिम बंगाल में 1 अगस्त से वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगता पेंशन ₹1,500 प्रति माह होगी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार ने 1 अगस्त 2026 से राज्य के बुज़ुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को मिलने वाली मासिक पेंशन में ₹500 की बढ़ोतरी लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे यह राशि ₹1,000 से बढ़कर ₹1,500 प्रति माह हो जाएगी। पश्चिम बंगाल पंचायत मामलों और ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह वृद्धि नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम (NSAP) के अंतर्गत तीन प्रमुख पेंशन योजनाओं पर लागू होगी।
कौन-सी योजनाएँ शामिल हैं
राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना — तीनों के लाभार्थियों को अब ₹500 प्रति माह अतिरिक्त मिलेंगे। यह बढ़ी हुई राशि पहले की भाँति डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के ज़रिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। अधिसूचना में यह भी उल्लेख है कि बढ़ी हुई रकम 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएगी।
बजट में हुई थी घोषणा
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में बुज़ुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए मासिक पेंशन में ₹500 की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने पिछले महीने पश्चिम बंगाल विधानसभा में यह बजट पेश किया था, जिसके बाद पंचायत मामलों और ग्रामीण विकास विभाग ने औपचारिक अधिसूचना जारी की।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने 'संकल्प पत्र' में इन पेंशन योजनाओं की राशि बढ़ाने का वादा किया था। पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के समय यह पेंशन ₹1,000 प्रति माह थी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार अपने चुनावी वादों को तेज़ी से लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
क्रियान्वयन की तैयारी
राज्य सरकार ने दावा किया है कि इन तीन कल्याणकारी योजनाओं पर बढ़ी हुई पेमेंट का अतिरिक्त खर्च वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य पंचायत मामलों और ग्रामीण विकास विभाग के बजट आवंटन से पूरा किया जाएगा। इस आदेश को समय पर लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेटों, जिला पंचायत और ग्रामीण विकास अधिकारियों, संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों और राज्य शहरी विकास एजेंसी को आवश्यक निर्देश भेज दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
सभी पात्र लाभार्थियों तक 1 अगस्त 2026 से संशोधित पेंशन राशि पहुँचाने का लक्ष्य तय किया गया है। DBT प्रणाली के माध्यम से सीधे बैंक खातों में राशि हस्तांतरण यह सुनिश्चित करेगा कि बिचौलियों के बिना लाभ मिले। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन कितनी तेज़ी और पारदर्शिता से होता है।