क्या पश्चिम बंगाल में ग्रामीण नैदानिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए केंद्र ने स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान जारी किया?

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क्या पश्चिम बंगाल में ग्रामीण नैदानिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए केंद्र ने स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान जारी किया?

सारांश

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को मजबूती प्रदान करने की दिशा में 151 करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया है। इस अनुदान का उद्देश्य स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करना है और ग्रामीण समुदायों के लिए बेहतर नैदानिक सेवाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्य बातें

151 करोड़ रुपये का अनुदान ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगा।
स्थानीय पंचायतों के माध्यम से स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देना।
नैदानिक अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के लिए वित्तीय सहायता।
सभी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
स्थायी विकास लक्ष्यों का समर्थन करना।

नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में ग्रामीण नैदानिक अवसंरचना को मजबूत करने के लिए 151 करोड़ रुपए से अधिक का स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान जारी किया है।

भारत सरकार ने वर्ष 2024-25 के लिए 'उप-केंद्रों (ग्रामीण) के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु नैदानिक अवसंरचना हेतु सहायता' घटक के अंतर्गत पश्चिम बंगाल सरकार को 15वें वित्त आयोग (XV एफसी) स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान की 15104.01 लाख रुपए (151 करोड़ रुपए से अधिक) राशि जारी की है। यह अनुदान स्थानीय शासन के माध्यम से सभी के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देते हुए स्थानीय सतत विकास लक्ष्य (एलएसडीजी) के अंतर्गत स्वस्थ पंचायत दृष्टिकोण का समर्थन करता है।

यह 'स्वस्थ पंचायतों के माध्यम से 2047 तक विकसित भारत' के लक्ष्य को सुदृढ़ करने और लचीले और सतत ग्रामीण समुदायों को बढ़ावा देने में भी मदद करता है।

15वें वित्त आयोग (XV एफसी) द्वारा अनुशंसित स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान का उपयोग प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं को पूरी तरह से सुसज्जित करने के लिए किया जाना है ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक नैदानिक सेवाएं प्रदान कर सकें।

यह धनराशि जमीनी स्तर पर नैदानिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद करेगी, जिससे उन गांवों के नागरिकों को लाभ होगा जहां पंचायती राज संस्थाएं कार्यरत हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सिफारिशों पर वित्त मंत्रालय द्वारा 15वें वित्त आयोग के स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान जारी किए जाते हैं।

राज्यों को यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि धनराशि का उपयोग भारत सरकार द्वारा जारी परिचालन और तकनीकी दिशानिर्देशों के अनुसार सख्ती से किया जाए और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) या प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (पीएम-एएसबीवाई) जैसी अन्य योजनाओं के साथ कोई दोहराव न हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि केंद्र सरकार का यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह न केवल स्थानीय विकास को बढ़ावा देगा बल्कि ग्रामीण समुदायों के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान का उपयोग कैसे किया जाएगा?
यह अनुदान प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं को सुसज्जित करने और आवश्यक नैदानिक सेवाएं प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाएगा।
क्या यह अनुदान अन्य योजनाओं के साथ मिलकर काम करेगा?
हाँ, अनुदान का उपयोग भारत सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा ताकि अन्य योजनाओं के साथ कोई दोहराव न हो।
क्या यह अनुदान स्थानीय पंचायतों के लिए फायदेमंद होगा?
जी हाँ, यह अनुदान उन गांवों के नागरिकों को लाभ पहुंचाएगा जहां पंचायती राज संस्थाएं कार्यरत हैं।
राष्ट्र प्रेस