18 जुलाई 2026
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क्या नवी मुंबई में सीजेआई का अपमान करने वाला एआई-जनित वीडियो है विवाद का कारण?

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क्या नवी मुंबई में सीजेआई का अपमान करने वाला एआई-जनित वीडियो है विवाद का कारण?

सारांश

नवी मुंबई में एक व्यक्ति ने मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई का अपमान करने वाले एआई-जनित वीडियो के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। खारघर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जिसमें संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जानिए क्या है पूरा मामला।

मुख्य बातें

सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से सामग्री साझा करना आवश्यक है।
मुख्य न्यायाधीश का अपमान समाज में वैमनस्य पैदा कर सकता है।
पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए जांच शुरू की है।
वीडियो के स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच चल रही है।
इस प्रकार के कृत्य के लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

नवी मुंबई, ९ अक्‍टूबर (राष्ट्र प्रेस)। खारघर पुलिस थाने में एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई का अपमान करने वाले एआई-जनित वीडियो के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने 'किक्की सिंह' नामक सोशल मीडिया अकाउंट धारक और इस वीडियो को बनाने, संपादित करने, पोस्ट करने तथा साझा करने में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किया गया यह वीडियो एआई तकनीक से तैयार किया गया था, जिसमें मुख्य न्यायाधीश का अपमानजनक चित्रण किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित वीडियो बरामद कर लिया है और सोशल मीडिया कंपनी को ई-मेल भेजकर वीडियो को तुरंत हटाने की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आरोपी ने यह वीडियो न केवल मुख्य न्यायाधीश, बल्कि अनुसूचित जाति समुदाय के एक वरिष्ठ न्यायाधीश के प्रति घृणा, नफरत और हीन भावना फैलाने के इरादे से बनाया और साझा किया। उनका कहना है कि इस कृत्य से समाज में वैमनस्य और सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि इस वीडियो से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।

खारघर पुलिस ने मामले में अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि वीडियो बनाने, एडिट करने, पोस्ट करने और इस पर प्रतिक्रियाओं या इमोजी के माध्यम से प्रोत्साहन देने वाले सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। फिलहाल, पुलिस ने तकनीकी टीम की मदद से वीडियो का स्रोत और संबंधित डिजिटल साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई बीआर गवई से दुर्व्यवहार करने वाले वकील राकेश किशोर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने गुरुवार को सख्त कार्रवाई की। एसोसिएशन की कार्यकारिणी समिति ने राकेश किशोर के टेम्परेरी रजिस्ट्रेशन को रद्द करने के साथ ही उनका प्रवेश पास (एंट्री कार्ड) भी निरस्त कर दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एआई-जनित वीडियो बनाना कानून के खिलाफ है?
जी हां, यदि वीडियो में किसी व्यक्ति का अपमान किया गया हो, तो यह कानून के खिलाफ हो सकता है।
खारघर पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
खारघर पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।
राष्ट्र प्रेस
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