पेंशन उत्सव: मुजफ्फरपुर के 4.17 लाख लाभार्थियों को ₹64.58 करोड़ सीधे खातों में
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 10 जुलाई 2026 को आयोजित राज्य स्तरीय 'पेंशन उत्सव' कार्यक्रम के दौरान मुजफ्फरपुर जिले के 4 लाख 17 हजार से अधिक पेंशनधारियों के बैंक खातों में जून माह की ₹64 करोड़ 58 लाख 31 हजार 400 रुपये की बढ़ी हुई पेंशन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी गई। यह राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत वृद्धजन, विधवाओं, दिव्यांगजनों और अन्य जरूरतमंद वर्गों को आर्थिक मजबूती देने का प्रयास है।
कार्यक्रम का आयोजन और माहौल
मुजफ्फरपुर समाहरणालय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी कुमार गौरव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में पेंशनधारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी इससे जुड़ सकें। लाभार्थियों ने बढ़ी हुई पेंशन राशि का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दवा, भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार ने इस अवसर को 'पेंशन उत्सव' के रूप में मनाया, जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा, सम्मान और सहयोग का संदेश देना है। पेंशन राशि को बढ़ाकर ₹1,100 प्रतिमाह किए जाने से लाभार्थियों में उत्साह देखा गया।
योजनावार वितरण का विवरण
जिले में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत राशि का वितरण इस प्रकार रहा:
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 1,27,221 लाभार्थियों को ₹27 करोड़ 98 लाख 86 हजार 200 रुपये भेजे गए। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 27,500 लाभार्थियों को ₹6 करोड़ 5 लाख और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्तता पेंशन योजना के 2,336 लाभार्थियों को ₹51 लाख 39 हजार 200 रुपये का भुगतान किया गया।
लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 26,745 लाभार्थियों को ₹3 करोड़ 85 लाख से अधिक और बिहार नि:शक्तता पेंशन योजना के 22,050 लाभार्थियों को ₹2 करोड़ 47 लाख 42 हजार 800 रुपये दिए गए। सबसे अधिक राशि मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के 2,11,150 लाभार्थियों को मिली — ₹24 करोड़ 54 लाख 77 हजार 900 रुपये।
जीवन प्रमाणीकरण की अपील
जिला पदाधिकारी कुमार गौरव ने सभी पेंशनधारियों को बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य है।
उन्होंने पेंशनधारियों से अपील की कि वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर जल्द से जल्द जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि पेंशन भुगतान नियमित रूप से जारी रह सके। जिले में अब तक 4 लाख 36 हजार 60 लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण पूरा हो चुका है।
DBT से पारदर्शिता और आगे की राह
DBT व्यवस्था के कारण पेंशन राशि सीधे बैंक खातों में पहुँच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है। गौरतलब है कि पेंशन राशि में हालिया वृद्धि के बाद यह पहला बड़ा वितरण कार्यक्रम है, जो राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। आने वाले महीनों में शेष लाभार्थियों के जीवन प्रमाणीकरण को पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।