आईआईएससी में आरएसआई-इंडिया का दूसरा संस्करण संपन्न, अदाणी ग्रुप के सहयोग से युवा वैज्ञानिकों को मिला रिसर्च का मंच
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी), बेंगलुरु में अदाणी ग्रुप के वित्तीय सहयोग से आयोजित 'रिसर्च साइंस इनिशिएटिव (आरएसआई)-इंडिया' के दूसरे संस्करण का 10 जुलाई को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस कार्यक्रम ने देशभर के मेधावी स्कूली छात्रों को अत्याधुनिक शोध प्रयोगशालाओं में काम करने और वैज्ञानिकों के साथ सीधे संवाद करने का दुर्लभ अवसर प्रदान किया। अदाणी ग्रुप की आर्थिक मदद के कारण चुने गए सभी प्रतिभागी मेरिट के आधार पर बिना किसी शुल्क के इस कार्यक्रम में शामिल हो सके।
कार्यक्रम का स्वरूप और संरचना
आईआईएससी और अमेरिका स्थित 'सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन एजुकेशन' (सीईई) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागी छात्रों ने छह सप्ताह तक मूल शोध किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के फैकल्टी सदस्यों के मार्गदर्शन में एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) के विभिन्न क्षेत्रों में प्रयोग और वैज्ञानिक अन्वेषण किया। कार्यक्रम के दौरान 'पालसमुद्रम डिस्टिंग्विश्ड लेक्चर सीरीज' भी आयोजित की गई, जिसमें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, उद्यमशीलता और नवाचार के विशेषज्ञों ने छात्रों को शोध के नए क्षितिजों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराया।
स्टूडेंट रिसर्च सिम्पोजियम: समापन की झलक
कार्यक्रम का समापन एक 'स्टूडेंट रिसर्च सिम्पोजियम' के साथ हुआ, जहाँ प्रतिभागियों ने कॉन्फ्रेंस-शैली में शोध पत्र प्रस्तुत किए। ये प्रस्तुतियाँ हफ्तों की वैज्ञानिक खोज, प्रयोग और मेंटरशिप का प्रतिफल थीं। श्रेष्ठ प्रस्तुतियों को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया और सभी प्रतिभागी विद्वानों को समापन समारोह में पाठ्यक्रम पूर्णता का प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
पहल की प्रेरणा और अदाणी ग्रुप की भूमिका
पालसमुद्रम फैमिली ट्रस्ट के संस्थापक और आईआईएससी के सलाहकार संजय पालसमुद्रम ने बताया कि इस पहल की प्रेरणा अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में आयोजित 'रिसर्च साइंस इनिशिएटिव' में उनकी बेटी के अनुभव से मिली। उन्होंने कहा, "यह सब छह-सात साल पहले शुरू हुआ जब मेरी बेटी अमेरिका में एमआईटी के 'रिसर्च साइंस इनिशिएटिव' में शामिल हुई। उस अनुभव को इतना बदलाव लाने वाला देखकर, हम चाहते थे कि भारत के और भी काबिल युवा स्कॉलर्स को ऐसे ही मौके का फायदा मिले। आरएसआई-इंडिया के जरिए यह सोच अब हकीकत बन गई है।" पालसमुद्रम ने अदाणी ग्रुप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समूह के समर्थन के बिना यह पहल संभव नहीं हो पाती और यह राष्ट्र-निर्माण में एसटीईएम शोध की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करती है।
आरएसआई-इंडिया का व्यापक महत्व
यह कार्यक्रम अमेरिका में प्रतिष्ठित 'रिसर्च साइंस इनिशिएटिव' की अवधारणा पर आधारित है और स्कूली छात्रों को कक्षा की पारंपरिक शिक्षा से परे शोध का गहन अनुभव देता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में सक्रिय रूप से प्रयासरत है। आरएसआई-इंडिया का यह दूसरा संस्करण इस बात का संकेत है कि निजी क्षेत्र और शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग से युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच मिल सकता है।