सुवेंदु अधिकारी ने दिवंगत PA चंद्रनाथ रथ को दी श्रद्धांजलि, माँ से मिले और न्याय का दिलाया वचन
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार, 17 मई 2026 को अपने दिवंगत निजी सहायक चंद्रनाथ रथ के आवास पर पहुँचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान चंद्रनाथ की माँ हसिरानी रथ से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और परिवार को आश्वासन दिया कि हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। यह मामला उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हुई गोलीबारी से जुड़ा है, जिसमें 6 मई 2026 की रात चंद्रनाथ की हत्या कर दी गई थी।
माँ ने बयाँ किया दर्द, मुख्यमंत्री पर जताया भरोसा
हसिरानी रथ ने मीडिया को बताया, 'वे (मुख्यमंत्री) भी रोए। मुझे मुख्यमंत्री पर भरोसा है। मुझे उम्मीद है कि मेरे बेटे की हत्या के मामले में न्याय मिलेगा।' उन्होंने कहा कि यह उनका बड़ा सौभाग्य है कि मुख्यमंत्री स्वयं उनके घर आए और अपने पूर्व सहायक को याद किया। हसिरानी ने कहा, 'कई लोग पद मिलने के बाद सब कुछ भूल जाते हैं, लेकिन वे आए और रोए।'
उन्होंने आगे कहा कि जिन्होंने उनके बेटे की हत्या की, उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने भी दोषियों के लिए सख्त सजा की बात कही और परिवार को भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ हैं। हसिरानी ने कहा, 'जब सीबीआई जाँच आगे बढ़ेगी, तो सब कुछ सामने आ जाएगा।'
हत्या की घटना: क्या हुआ था 6 मई की रात
6 मई 2026 की रात उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्टों के अनुसार, हमले के वक्त चंद्रनाथ अपनी गाड़ी में ड्राइवर के बगल में बैठे थे। हमलावर एक मोटरसाइकिल पर आए और अंधाधुंध गोलियाँ चला दीं, जिसमें ड्राइवर भी घायल हो गया।
वारदात के बाद दोनों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। यह हत्या राज्य की राजनीतिक हिंसा की पृष्ठभूमि में एक गंभीर घटना के रूप में सामने आई है।
जाँच की स्थिति: SIT से CBI तक
हत्या के बाद राज्य पुलिस ने तत्काल एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया। जाँचकर्ताओं ने अब तक उत्तर प्रदेश से दो संदिग्धों और बिहार के बक्सर से एक कथित शार्पशूटर को गिरफ्तार किया है। हालाँकि, अधिकारियों के अनुसार मुख्य साजिशकर्ता की पहचान और हत्या के पीछे की साजिश अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
फिलहाल इस मामले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के हाथों में है। गौरतलब है कि यह मामला तब और संवेदनशील हो गया जब पता चला कि पीड़ित सीधे राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े थे।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज है। मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिवार से मिलना और न्याय का वचन देना इस मामले की राजनीतिक संवेदनशीलता को रेखांकित करता है। CBI की जाँच के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस हत्या के पीछे कौन-सी ताकतें थीं और किसने इसे अंजाम दिलवाया।