चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: सीबीआई ने मध्यग्राम में क्राइम स्पॉट का निरीक्षण किया, तीन शार्पशूटर पहले से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के जांच अधिकारी मंगलवार को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम स्थित उस हत्या स्थल पर पहुंचे, जहाँ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की 6 मई की रात बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सीबीआई ने मंगलवार सुबह पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) से आधिकारिक रूप से जांच का जिम्मा अपने हाथ में लिया और उसके तुरंत बाद अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
मामले का पूरा घटनाक्रम
6 मई की रात जब रथ मध्यग्राम स्थित अपने घर के पास एक पार्टी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी एक चौराहे पर एक चार-पहिया वाहन ने उनकी गाड़ी का रास्ता रोक दिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, काफी देर से उनका पीछा कर रही दो मोटरसाइकिलों में से एक उनकी गाड़ी के बगल में आकर रुकी। उस मोटरसाइकिल पर सवार हमलावर ने करीब से 10 गोलियां चलाईं। रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चालक बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए।
बाद में जांच में पता चला कि रथ की गाड़ी को रोकने वाले चार-पहिया वाहन और हत्या में इस्तेमाल दोनों मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेटें फर्जी थीं, जो इस हत्याकांड की पूर्व-नियोजित प्रकृति की ओर इशारा करती हैं।
तीन शार्पशूटर गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम ने इस मामले में तीन शूटर — मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह — को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। तीनों कथित तौर पर शार्पशूटर हैं और फिलहाल पश्चिम बंगाल पुलिस की हिरासत में हैं। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सीबीआई के जांच अधिकारी आगे की पूछताछ के लिए राज्य पुलिस से इन तीनों की हिरासत लेने की योजना बना रहे हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के ठीक दो दिन बाद हुई। 4 मई को घोषित परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों को 207 विधानसभा सीटों पर विजयी घोषित किया गया, जिससे सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सीटें घटकर मात्र 80 रह गईं। इस राजनीतिक उथल-पुथल की पृष्ठभूमि में हुई इस हत्या ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
सीबीआई की जांच आगे
सीबीआई के जांच अधिकारियों ने क्राइम स्पॉट का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, तीनों गिरफ्तार शार्पशूटरों की हिरासत मिलने के बाद केंद्रीय एजेंसी इस हत्याकांड के पीछे के मास्टरमाइंड और साजिश की कड़ियों को उजागर करने की कोशिश करेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सीबीआई की जांच इस हाई-प्रोफाइल मामले में कौन-से नए खुलासे करती है।