चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: सीबीआई ने मध्यग्राम में क्राइम स्पॉट का निरीक्षण किया, तीन शार्पशूटर पहले से गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: सीबीआई ने मध्यग्राम में क्राइम स्पॉट का निरीक्षण किया, तीन शार्पशूटर पहले से गिरफ्तार

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के दो दिन बाद हुई चंद्रनाथ रथ की नृशंस हत्या की जांच अब सीबीआई के हाथ में है। मंगलवार को केंद्रीय एजेंसी ने मध्यग्राम क्राइम स्पॉट का निरीक्षण किया और तीन गिरफ्तार शार्पशूटरों की हिरासत लेने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने मंगलवार को मध्यग्राम स्थित हत्या स्थल का निरीक्षण किया और राज्य पुलिस से जांच का जिम्मा अपने हाथ में लिया।
चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई की रात बाइक सवार हमलावरों ने करीब से 10 गोलियां चलाकर की थी।
तीन शार्पशूटर — मयंक राज मिश्रा , विक्की मौर्य और राज सिंह — पहले से पश्चिम बंगाल पुलिस की हिरासत में हैं।
सीबीआई तीनों की हिरासत लेकर आगे की पूछताछ करने की योजना बना रही है।
हत्या में इस्तेमाल वाहनों की नंबर प्लेटें फर्जी पाई गईं, जो पूर्व-नियोजित षड्यंत्र का संकेत देती हैं।
यह हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के ठीक दो दिन बाद हुई, जिसमें BJP ने 207 सीटें जीती थीं।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के जांच अधिकारी मंगलवार को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम स्थित उस हत्या स्थल पर पहुंचे, जहाँ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की 6 मई की रात बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। सीबीआई ने मंगलवार सुबह पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) से आधिकारिक रूप से जांच का जिम्मा अपने हाथ में लिया और उसके तुरंत बाद अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।

मामले का पूरा घटनाक्रम

6 मई की रात जब रथ मध्यग्राम स्थित अपने घर के पास एक पार्टी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी एक चौराहे पर एक चार-पहिया वाहन ने उनकी गाड़ी का रास्ता रोक दिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, काफी देर से उनका पीछा कर रही दो मोटरसाइकिलों में से एक उनकी गाड़ी के बगल में आकर रुकी। उस मोटरसाइकिल पर सवार हमलावर ने करीब से 10 गोलियां चलाईं। रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चालक बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए।

बाद में जांच में पता चला कि रथ की गाड़ी को रोकने वाले चार-पहिया वाहन और हत्या में इस्तेमाल दोनों मोटरसाइकिलों की नंबर प्लेटें फर्जी थीं, जो इस हत्याकांड की पूर्व-नियोजित प्रकृति की ओर इशारा करती हैं।

तीन शार्पशूटर गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम ने इस मामले में तीन शूटर — मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह — को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। तीनों कथित तौर पर शार्पशूटर हैं और फिलहाल पश्चिम बंगाल पुलिस की हिरासत में हैं। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सीबीआई के जांच अधिकारी आगे की पूछताछ के लिए राज्य पुलिस से इन तीनों की हिरासत लेने की योजना बना रहे हैं।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के ठीक दो दिन बाद हुई। 4 मई को घोषित परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों को 207 विधानसभा सीटों पर विजयी घोषित किया गया, जिससे सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सीटें घटकर मात्र 80 रह गईं। इस राजनीतिक उथल-पुथल की पृष्ठभूमि में हुई इस हत्या ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

सीबीआई की जांच आगे

सीबीआई के जांच अधिकारियों ने क्राइम स्पॉट का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, तीनों गिरफ्तार शार्पशूटरों की हिरासत मिलने के बाद केंद्रीय एजेंसी इस हत्याकांड के पीछे के मास्टरमाइंड और साजिश की कड़ियों को उजागर करने की कोशिश करेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सीबीआई की जांच इस हाई-प्रोफाइल मामले में कौन-से नए खुलासे करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में चुनाव-बाद हिंसा के उस व्यापक पैटर्न की कड़ी है जो दशकों से राज्य की राजनीति को दागदार करती आई है। सीबीआई का मामला अपने हाथ में लेना केंद्र और राज्य के बीच जारी तनाव को भी दर्शाता है। असली परीक्षा यह होगी कि केंद्रीय एजेंसी तीन गिरफ्तार शार्पशूटरों से आगे बढ़कर उन मास्टरमाइंड तक पहुंच पाती है या नहीं, जिनके बारे में अभी तक कोई ठोस जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। फर्जी नंबर प्लेटें और सुनियोजित घेराबंदी यह स्पष्ट करती है कि यह कोई आवेश में की गई हत्या नहीं थी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रनाथ रथ कौन थे और उनकी हत्या कब हुई?
चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) थे। उनकी हत्या 6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में बाइक सवार हमलावरों ने करीब से 10 गोलियां चलाकर की थी।
सीबीआई ने यह जांच क्यों अपने हाथ में ली?
पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) पहले इस मामले की जांच कर रही थी, लेकिन मंगलवार को सीबीआई ने आधिकारिक रूप से जांच का जिम्मा अपने हाथ में लिया। यह मामला हाई-प्रोफाइल है क्योंकि पीड़ित राज्य के मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगी थे।
इस हत्याकांड में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक तीन शार्पशूटर — मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह — गिरफ्तार किए जा चुके हैं। ये तीनों फिलहाल पश्चिम बंगाल पुलिस की हिरासत में हैं और सीबीआई इनकी हिरासत लेने की योजना बना रही है।
हत्या की साजिश के क्या सबूत मिले हैं?
जांच में पता चला कि हत्या में इस्तेमाल मोटरसाइकिलों और रोकने वाले चार-पहिया वाहन की नंबर प्लेटें फर्जी थीं। इसके अलावा, हमलावरों ने रथ का पीछा किया और सुनियोजित तरीके से उनकी गाड़ी घेरी, जो पूर्व-नियोजित षड्यंत्र का संकेत देता है।
इस हत्या का पश्चिम बंगाल चुनाव से क्या संबंध है?
यह हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के ठीक दो दिन बाद 6 मई को हुई, जिसमें BJP ने 207 सीटें जीती थीं और TMC 80 सीटों पर सिमट गई थी। इस राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण यह मामला अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस