बारुईपुर रेप-मर्डर केस: सायोनी घोष बोलीं — सुवेंदु अधिकारी पर भरोसा, न्याय मिलेगा
सारांश
मुख्य बातें
टीएमसी की बागी सांसद सायोनी घोष ने मंगलवार, 7 जुलाई को दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में पीड़ित परिवार से मुलाकात की और कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर पूरा भरोसा है कि इस रेप-मर्डर मामले में न्याय मिलेगा। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में आई जब घटना को लेकर राज्य में व्यापक आक्रोश फैला हुआ है।
मौके पर क्या हुआ
जब सायोनी घोष पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचीं, तो मौके पर मौजूद लोगों ने उनके खिलाफ 'बेईमान' के नारे लगाए। इसके बावजूद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, 'यह बहुत दुखद घटना है। 'आपका रेप' बनाम 'मेरा रेप' जैसी कोई चीज नहीं होती। ऐसी स्थिति में मेरे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं।'
उन्होंने आगे कहा कि इसमें शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, 'जिससे ऐसे लोगों की रूह कांप जाए जो गलत काम करने की सोच भी रखते हैं।'
सायोनी घोष की माँगें और प्रतिबद्धता
बारुईपुर का प्रतिनिधित्व करने वाली सांसद के रूप में सायोनी घोष ने कहा कि वे इन सभी मामलों को विशेष रूप से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के समक्ष लिखित रूप में रखेंगी। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाना अपनी प्राथमिकता बताई।
साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था पर ज़ोर देते हुए कहा कि सभ्य समाज में भीड़ की उन्मादपूर्ण कार्रवाई के लिए कोई जगह नहीं है। उनके अनुसार, 'कानून को अपने हाथ में लेना अस्वीकार्य है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।'
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा, 'हम पीड़ित परिवार के साथ हैं और न्याय मिलने तक लड़ेंगे।'
बंगाल से इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के नेता नौशाद सिद्दीकी ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव से पहले वादा किया था कि 'भय बंगाल से जाएगा।' उन्होंने BJP सरकार और मुख्यमंत्री अधिकारी से सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की माँग की।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सायोनी घोष तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बागी सांसद हैं और उनका BJP सरकार के मुखिया सुवेंदु अधिकारी पर भरोसा जताना राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है। यह घटना ऐसे समय में सुर्खियों में है जब बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल दोनों के भीतर से सवाल उठ रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी इस मामले में क्या ठोस कदम उठाते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।