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क्या सीएम ममता बनर्जी ने लोकतंत्र को शर्मसार किया?

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क्या सीएम ममता बनर्जी ने लोकतंत्र को शर्मसार किया?

सारांश

भाजपा सांसद संबित पात्रा ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने लोकतंत्र को शर्मसार किया है। यह बयान तब आया जब पश्चिम बंगाल विधानसभा में अभद्र टिप्पणियाँ की गईं, जिससे हंगामा खड़ा हो गया। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

संबित पात्रा का ममता बनर्जी पर आरोप लगाना।
टीएमसी विधायकों की अपमानजनक टिप्पणियाँ।
विधानसभा में हंगामा और नेता प्रतिपक्ष का बाहर निकालना।
एसआईआर का विरोध और घुसपैठियों का मुद्दा।
लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा का महत्व।

नई दिल्ली, 4 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सीएम ने लोकतंत्र को बेहद शर्मसार किया है।

भाजपा सांसद का यह बयान उस समय आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ टीएमसी विधायकों द्वारा अभद्र टिप्पणियाँ की गई। भाजपा और टीएमसी विधायकों के बीच तीव्र हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को सदन से बाहर निकाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन के भीतर भाजपा विधायकों पर हमला किया गया।

इस मामले में भाजपा सांसद संबित पात्रा ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में तीन दिवसीय सत्र आयोजित किया गया था। इस सत्र के दौरान ममता बनर्जी का व्यवहार सदन के इतिहास में अत्यधिक निराशाजनक और अभूतपूर्व रहा।

प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक नारे लगाए गए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ भी अभद्र टिप्पणियाँ की गईं, जो कि अस्वीकार्य हैं।

भाजपा सांसद ने कहा कि इतिहास में इस तरह की परंपरा बंगाल के सदन में कभी नहीं हुई होगी, जिस प्रकार की मर्यादा का उल्लंघन ममता बनर्जी ने किया।

उन्होंने एसआईआर को लेकर कहा कि ममता बनर्जी ने सारी मर्यादा लांघ दी है। वह एसआईआर का विरोध कर रही हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को सही ठहराया है। जो लोग जीवित नहीं हैं या जिनके पास दो वोटर कार्ड हैं, उन्हें वोटर लिस्ट से हटाना चुनाव आयोग का काम है। इन्हें इससे दिक्कत हो रही है, क्योंकि घुसपैठियों के दम पर सरकार बनाने वाली ममता बनर्जी को अब एसआईआर से डर लगने लगा है। इस प्रक्रिया से घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

संबित पात्रा ने कहा कि विधानसभा में घुसपैठियों को बचाने के लिए नारे लगाए गए। नेता प्रतिपक्ष को बाहर निकाला गया। ममता बनर्जी यह किस प्रकार की तानाशाही चला रही हैं?

उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा विवादित बयान दिया गया था। भाजपा सांसद ने दावा किया कि विपक्ष कोई चुनाव नहीं जीत सकता, इसलिए इस तरह के हथकंडे अपना रहा है। जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, बंगाल और बिहार की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

राहुल और ममता को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि स्वाभाविक रूप से, चाहे वो राहुल गांधी हों या ममता बनर्जी, जब उन्होंने घुसपैठियों का समर्थन किया है, और अब उन्हें एहसास हुआ है कि इन घुसपैठियों को रोका जा सकता है। इसके चलते उनके द्वारा अपनाई गई जीतने की रणनीतियाँ विफल हो रही हैं। मेरे विचार से ममता बनर्जी द्वारा किया गया यह कार्य न केवल सदन के अंदर लोकतंत्र को शर्मसार करता है, बल्कि बंगाल विधानसभा की गरिमा का भी अपमान करता है, जो भारत के सबसे प्रतिष्ठित विधायी निकायों में से एक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक बयानबाजी के पीछे कई कारण होते हैं। ममता बनर्जी का व्यवहार और उनके द्वारा उठाए गए कदमों पर चर्चा जरूरी है। यह स्थिति न केवल पश्चिम बंगाल, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है। लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संबित पात्रा ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाया?
संबित पात्रा ने कहा कि ममता बनर्जी ने लोकतंत्र को शर्मसार किया है।
क्या विधानसभा में हंगामा हुआ था?
जी हां, विधानसभा में भाजपा और टीएमसी विधायकों के बीच जोरदार हंगामा हुआ।
ममता बनर्जी ने किस चीज का विरोध किया?
ममता बनर्जी ने एसआईआर का विरोध किया है।
क्या हंगामे के दौरान नेता प्रतिपक्ष को बाहर निकाला गया?
हां, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को सदन से बाहर निकाला गया।
पात्रा ने घुसपैठियों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी घुसपैठियों को बचाने का प्रयास कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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