11 जुलाई 2026
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बारुईपुर एनकाउंटर पर सरकार जवाब दे — टीएमसी सांसद सौगत रॉय का सुवेंदु अधिकारी पर तीखा प्रहार

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बारुईपुर एनकाउंटर पर सरकार जवाब दे — टीएमसी सांसद सौगत रॉय का सुवेंदु अधिकारी पर तीखा प्रहार

सारांश

बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के आरोपी के कथित एनकाउंटर ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। TMC सांसद सौगत रॉय ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से सीधा जवाब माँगा है — यह सवाल सिर्फ विपक्ष का नहीं, सत्तारूढ़ दल के भीतर से भी उठ रहा है।

मुख्य बातें

TMC सांसद सौगत रॉय ने 11 जुलाई को बारुईपुर कथित एनकाउंटर पर राज्य सरकार से स्पष्टीकरण माँगा।
बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के आरोपी का कथित तौर पर एनकाउंटर किया गया, जिसकी वैधानिकता पर सवाल उठ रहे हैं।
रॉय ने आयुष्मान भारत की पर्याप्त कवरेज पर असहमति जताई; कहा — 'स्वास्थ्य साथी' योजना अधिक व्यापक थी।
रितुब्रतो बनर्जी समूह को रॉय ने 'गद्दारों का सम्मेलन' करार दिया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बारुईपुर दौरे पर रॉय ने व्यंग्य किया — 'दफ्तर का काम कम, घूमना ज़्यादा।'

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने 11 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर तीखा हमला बोलते हुए बारुईपुर में हुए कथित एनकाउंटर पर राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब माँगा। उन्होंने कहा कि इस घटना की वैधानिकता पर गंभीर सवाल उठते हैं और सरकार की चुप्पी स्वीकार्य नहीं है।

बारुईपुर एनकाउंटर: क्या है मामला

बारुईपुर में एक 12 वर्षीय बच्ची की हत्या की घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को हिला दिया है। जिस व्यक्ति को इस मामले में आरोपी बनाया गया था, उसका बाद में कथित तौर पर एनकाउंटर कर दिया गया। सौगत रॉय ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ऐसा हुआ है, तो इसकी कानूनी वैधता की जाँच होनी चाहिए और राज्य सरकार को इस पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना चाहिए।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बारुईपुर में पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने पर रॉय ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री का काम इधर-उधर जाना है, वो दफ्तर का काम कम करते हैं।' उनके अनुसार, असली मुद्दा दौरा नहीं, बल्कि कथित एनकाउंटर के बाद सरकार की जवाबदेही है।

आयुष्मान भारत पर असहमति

पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू होने के बाद अधिकारियों के इस दावे पर कि राज्य के सभी नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा, सौगत रॉय ने खुलकर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अलग से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना इसीलिए घोषित करनी पड़ी क्योंकि आयुष्मान भारत सभी नागरिकों को पर्याप्त कवरेज नहीं दे पाएगी।

रॉय ने दावा किया कि पूर्व की 'स्वास्थ्य साथी' योजना के तहत राज्य के सभी नागरिकों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलती थीं, जबकि नई व्यवस्था उस स्तर की कवरेज प्रदान नहीं कर पाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।

रितुब्रतो बनर्जी समूह पर 'गद्दारों का सम्मेलन' वाली टिप्पणी

राजनीतिक नियुक्तियों और रितुब्रतो बनर्जी समूह से जुड़े घटनाक्रम पर सौगत रॉय ने बेहद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने इसे 'गद्दारों का सम्मेलन' करार दिया। रॉय का कहना था कि जिन लोगों को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में सर्वाधिक राजनीतिक अवसर और सुविधाएँ मिलीं, वही अब अलग गुटों के साथ खड़े नज़र आ रहे हैं।

रितुब्रतो बनर्जी के बारे में उन्होंने कहा कि वे पहले वामपंथी राजनीति से जुड़े रहे हैं और उनके बयानों को वे अधिक महत्व नहीं देते। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर गुटबाजी और असंतोष की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं।

आगे क्या होगा

बारुईपुर एनकाउंटर को लेकर विपक्ष और TMC दोनों की ओर से जवाबदेही की माँग बढ़ती जा रही है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कथित एनकाउंटर की स्वतंत्र न्यायिक जाँच होनी चाहिए। राज्य सरकार ने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, जिससे राजनीतिक दबाव और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसे और अधिक राजनीतिक रूप से विस्फोटक बनाता है। सौगत रॉय का यह प्रहार महज़ बयानबाजी नहीं है — यह उस असंतोष की अभिव्यक्ति है जो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में सुवेंदु अधिकारी के कार्यशैली को लेकर पनप रहा है। आयुष्मान भारत बनाम स्वास्थ्य साथी की बहस दरअसल केंद्र-राज्य स्वास्थ्य नीति की उस खाई को उजागर करती है जो आम नागरिक की जेब पर सीधा असर डालती है। रितुब्रतो बनर्जी समूह पर 'गद्दार' वाली टिप्पणी बताती है कि TMC में आंतरिक विखंडन अब सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारुईपुर एनकाउंटर क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
बारुईपुर में एक 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के आरोपी का कथित तौर पर एनकाउंटर किया गया। TMC सांसद सौगत रॉय सहित कई नेताओं ने इस एनकाउंटर की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए हैं और राज्य सरकार से स्पष्टीकरण माँगा है।
सौगत रॉय ने सुवेंदु अधिकारी पर क्या आरोप लगाए?
सौगत रॉय ने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी दफ्तर का काम कम करते हैं और दौरों पर अधिक ध्यान देते हैं। उनके अनुसार, बारुईपुर दौरे से असली मुद्दा — कथित एनकाउंटर की जवाबदेही — नहीं टलती।
आयुष्मान भारत और स्वास्थ्य साथी योजना में क्या अंतर है?
सौगत रॉय के अनुसार, पूर्व की 'स्वास्थ्य साथी' योजना पश्चिम बंगाल के सभी नागरिकों को व्यापक स्वास्थ्य कवरेज देती थी। आयुष्मान भारत सभी को पर्याप्त कवरेज नहीं दे पाएगी, इसीलिए राज्य सरकार को अलग से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना लानी पड़ी।
रितुब्रतो बनर्जी समूह को 'गद्दारों का सम्मेलन' क्यों कहा गया?
TMC सांसद सौगत रॉय ने रितुब्रतो बनर्जी समूह को 'गद्दारों का सम्मेलन' कहा क्योंकि उनके अनुसार इस समूह के लोगों को ममता बनर्जी के नेतृत्व में सर्वाधिक राजनीतिक लाभ मिला, और अब वे अलग गुटों में शामिल हो गए हैं।
बारुईपुर एनकाउंटर मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार कथित एनकाउंटर की स्वतंत्र न्यायिक जाँच होनी चाहिए। राज्य सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, जिससे राजनीतिक और कानूनी दबाव बढ़ने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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