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मुजफ्फरपुर को ₹1,047 करोड़ की सौगात: सीएम सम्राट चौधरी 982 विकास योजनाओं का करेंगे उद्घाटन

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मुजफ्फरपुर को ₹1,047 करोड़ की सौगात: सीएम सम्राट चौधरी 982 विकास योजनाओं का करेंगे उद्घाटन

सारांश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुजफ्फरपुर को ₹1,047.09 करोड़ की 982 विकास योजनाओं की सौगात देने जा रहे हैं — जिसमें ₹213.25 करोड़ की सिकंदरपुर लेक फ्रंट परियोजना भी शामिल है। साथ ही हाजीपुर में डिजिटल पेपरलेस निबंधन सेवाएँ भी शुरू की गई हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को मुजफ्फरपुर में ₹1,047.09 करोड़ की 982 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे।
सिकंदरपुर लेक फ्रंट परियोजना को ₹213.25 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है, जो मुजफ्फरपुर को आधुनिक शहरी पहचान देगी।
योजनाओं के तहत सड़क, जलनिकासी, पार्क, घाट, प्रकाश व्यवस्था और अन्य शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा।
हाजीपुर में डिजिटल एवं पेपरलेस निबंधन व्यवस्था शुरू की गई; 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को घर बैठे निबंधन की सुविधा मिलेगी।
75 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों और प्रवासी बिहारियों के लिए भी डिजिटल निबंधन प्रक्रिया सरल की जाएगी।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार, 13 जुलाई 2025 को मुजफ्फरपुर में ₹1,047.09 करोड़ की लागत से 982 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत बुडको (BUDCO) और मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित इन परियोजनाओं से शहर के बुनियादी ढाँचे में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद है।

योजनाओं में क्या शामिल है

इन 982 विकास योजनाओं के तहत मुजफ्फरपुर में सड़क निर्माण, जलनिकासी व्यवस्था, पार्क, घाट, प्रकाश व्यवस्था और अन्य शहरी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इनमें सबसे प्रमुख परियोजना सिकंदरपुर लेक फ्रंट है, जिसे ₹213.25 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह परियोजना मुजफ्फरपुर को एक आधुनिक, स्वच्छ और आकर्षक शहरी पहचान प्रदान करेगी।

सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'समावेशी, आधुनिक एवं सतत शहरी विकास के माध्यम से नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम और गुणवत्तापूर्ण बनाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।'

हाजीपुर में डिजिटल निबंधन सेवाओं का शुभारंभ

मुजफ्फरपुर दौरे से पूर्व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को हाजीपुर पहुँचे, जहाँ उन्होंने जिला निबंधन कार्यालय से राज्य की अत्याधुनिक डिजिटल एवं पेपरलेस निबंधन व्यवस्था का शुभारंभ किया। इसके अंतर्गत होम रजिस्ट्रेशन, भूमि संबंधी ऑनलाइन जाँच, पेपरलेस निबंधन प्रणाली और जीआईएस मैपिंग आधारित सेवाएँ शुरू की गईं। साथ ही मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे निबंधन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त 75 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों और राज्य से बाहर रहने वाले लोगों के लिए भी डिजिटल माध्यम से निबंधन प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था भूमि खरीद-बिक्री में पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगी।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारी

मुख्यमंत्री के मुजफ्फरपुर आगमन को लेकर जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अंतर-जिला फकुली चेक पोस्ट का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, वाहनों की सघन जाँच, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और विधि-व्यवस्था की तैयारियों का जायजा लिया गया। पुलिस पदाधिकारियों को प्रत्येक वाहन एवं व्यक्ति की सतर्कतापूर्वक जाँच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में शहरीकरण की गति तेज हो रही है और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बुनियादी ढाँचे की माँग बढ़ रही है। ₹1,047.09 करोड़ की इन योजनाओं से मुजफ्फरपुर के लाखों नागरिकों को बेहतर सड़क, जलनिकासी और सार्वजनिक स्थलों की सुविधा मिलेगी। गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया गया था और यह उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

डिजिटल निबंधन सेवाओं के शुरू होने से राज्य के बुजुर्ग नागरिकों और प्रवासी बिहारियों को भूमि लेनदेन में सबसे अधिक राहत मिलने की उम्मीद है। आने वाले हफ्तों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन की गति पर नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

047 करोड़ की 982 योजनाओं की घोषणा प्रभावशाली लगती है, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — बिहार में बड़े शहरी विकास पैकेजों की घोषणाएँ अक्सर समयसीमा से पिछड़ती रही हैं। सिकंदरपुर लेक फ्रंट जैसी परियोजना शहरी पर्यटन और सौंदर्यीकरण के लिहाज़ से सकारात्मक कदम है, लेकिन जलनिकासी और सड़क जैसी बुनियादी ज़रूरतें प्राथमिकता में ऊपर रहनी चाहिए। डिजिटल निबंधन सेवा वास्तव में परिवर्तनकारी हो सकती है — विशेषकर प्रवासी बिहारियों और बुजुर्गों के लिए — बशर्ते कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता की चुनौतियों को भी समानांतर रूप से संबोधित किया जाए।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम सम्राट चौधरी मुजफ्फरपुर में कितनी लागत की कितनी योजनाओं का उद्घाटन करेंगे?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुजफ्फरपुर में ₹1,047.09 करोड़ की लागत से 982 विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। ये योजनाएँ बुडको और मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित की जा रही हैं।
सिकंदरपुर लेक फ्रंट परियोजना क्या है और इसकी लागत कितनी है?
सिकंदरपुर लेक फ्रंट परियोजना मुजफ्फरपुर में ₹213.25 करोड़ की लागत से विकसित की गई है। इसका उद्देश्य मुजफ्फरपुर को एक आधुनिक, स्वच्छ और आकर्षक शहरी पहचान प्रदान करना है।
बिहार की नई डिजिटल निबंधन व्यवस्था से किसे फायदा होगा?
नई पेपरलेस डिजिटल निबंधन व्यवस्था से 80 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को घर बैठे निबंधन की सुविधा मिलेगी। 75 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों और राज्य से बाहर रहने वाले प्रवासी बिहारियों के लिए भी यह प्रक्रिया सरल की जाएगी।
मुजफ्फरपुर की 982 विकास योजनाओं में कौन-कौन सी सुविधाएँ शामिल हैं?
इन योजनाओं के तहत सड़क निर्माण, जलनिकासी व्यवस्था, पार्क, घाट, प्रकाश व्यवस्था और अन्य शहरी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सिकंदरपुर लेक फ्रंट इनमें सबसे प्रमुख परियोजना है।
हाजीपुर में मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट क्या काम करेगी?
हाजीपुर से रवाना की गई मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट वाहन नागरिकों के घर तक पहुँचकर भूमि निबंधन की सुविधा देंगे। यह सेवा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी होगी।
राष्ट्र प्रेस
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