11 जुलाई 2026
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सिद्धिविनायक मंदिर चोरी विवाद: शिवसेना-यूबीटी ने एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' और 'भगोड़ा' बताया

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सिद्धिविनायक मंदिर चोरी विवाद: शिवसेना-यूबीटी ने एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' और 'भगोड़ा' बताया

सारांश

सिद्धिविनायक मंदिर के दान में कथित गबन का आरोप अब महाराष्ट्र की राजनीति का अखाड़ा बन गया है। शिवसेना-यूबीटी ने शिंदे को 'गद्दार' और 'कायर' कहकर पलटवार किया — और यह लड़ाई धर्म, सत्ता और विश्वासघात तीनों मोर्चों पर एक साथ लड़ी जा रही है।

मुख्य बातें

शिवसेना-यूबीटी ने 11 जुलाई को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' और 'भगोड़ा' बताते हुए तीखा हमला बोला।
सांसद अरविंद सावंत ने शिंदे से पूछा कि यदि उनकी हिंदुत्व में आस्था थी, तो वे ढाई वर्ष तक उद्धव ठाकरे के साथ सत्ता में क्यों रहे।
सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट में अब 'भ्रष्ट लोग' भरे पड़े हैं।
एमएनएस नेता यशवंत किल्लेदार ने निष्पक्ष जाँच और दोषियों को सज़ा की माँग की, लेकिन सरकार की इच्छाशक्ति पर संशय जताया।
यह विवाद शिंदे द्वारा उद्धव ठाकरे पर मंदिर दान के कथित गबन पर 'चुप्पी' का आरोप लगाने के एक दिन बाद भड़का।

मुंबई में सिद्धिविनायक मंदिर के दान में कथित गबन को लेकर छिड़े राजनीतिक संग्राम में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) समेत विपक्षी दलों ने शनिवार, 11 जुलाई को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला। विपक्षी नेताओं ने शिंदे को 'गद्दार' और 'भगोड़ा' जैसे कड़े शब्दों से नवाज़ा। यह प्रतिक्रिया शिंदे द्वारा एक दिन पहले शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर सिद्धिविनायक मंदिर के दान में कथित अनियमितताओं पर चुप्पी साधने का आरोप लगाने के बाद आई।

सावंत का शिंदे पर सीधा हमला

शिवसेना-यूबीटी सांसद अरविंद सावंत ने उद्धव ठाकरे को भगवान राम का अनन्य भक्त बताते हुए शिंदे से सवाल किया कि यदि उन्हें हिंदुत्व के प्रति इतनी गहरी आस्था थी, तो वे ठाकरे के साथ ढाई वर्षों तक सत्ता में क्यों रहे। सावंत ने आरोप लगाया कि शिंदे ईडी के भय से पलायन कर गए और उन्हें 'कायर' व 'देशद्रोही' करार दिया।

सावंत ने तंज़ कसते हुए कहा कि जिसने एक 'संत' जैसे व्यक्ति को 'चाकू मारा और भाग गया', ऐसे व्यक्ति को हिंदुत्व की बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि यह टिप्पणी 2022 के राजनीतिक उथल-पुथल की पृष्ठभूमि में आई है, जब शिंदे ने शिवसेना से बगावत कर सरकार बनाई थी।

राउत का ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार का आरोप

शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत ने मीडिया को संबोधित करते हुए सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट की तुलना राम मंदिर ट्रस्ट से की। राउत ने दावा किया कि पूर्व में ट्रस्ट के माध्यम से गरीबों और ज़रूरतमंदों की सेवा के अनेक कार्य हुए, लेकिन अब ट्रस्ट में 'भ्रष्ट लोग' भरे पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिंदे इसलिए नाराज़ हैं क्योंकि विपक्ष उन्हें वहाँ से 'चोरी' नहीं करने दे रहा।

एमएनएस की जाँच की माँग

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के नेता यशवंत किल्लेदार ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। हालाँकि, उन्होंने संशय भी जताया कि सरकार ऐसा करेगी, क्योंकि उनके अनुसार 'पूरा सिस्टम' सत्तापक्ष के नियंत्रण में है।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब उभरा जब उपमुख्यमंत्री शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर सिद्धिविनायक मंदिर में दान की गई धनराशि के कथित गबन पर मौन रहने का आरोप लगाया और साथ ही राम मंदिर, अयोध्या के चढ़ावा प्रकरण में उत्तर प्रदेश सरकार का बचाव किया। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को लेकर तनाव पहले से बढ़ा हुआ है।

आगे क्या होगा

फिलहाल सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कथित गबन मामले में किसी औपचारिक जाँच की घोषणा नहीं हुई है। एमएनएस की माँग और विपक्ष के दबाव के बीच यह देखना अहम होगा कि महाराष्ट्र सरकार इस मसले पर क्या रुख अपनाती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि मूल सवाल — कि क्या वास्तव में दान की धनराशि का दुरुपयोग हुआ — किसी स्वतंत्र जाँच के बिना अनुत्तरित है। एमएनएस की जाँच की माँग उल्लेखनीय है क्योंकि वह न तो सत्तापक्ष में है न विपक्ष में, फिर भी सरकार की इच्छाशक्ति पर संदेह जता रही है। जब तक कोई ठोस जाँच नहीं होती, यह पूरा प्रकरण तथ्य कम और चुनावी ध्रुवीकरण अधिक नज़र आता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिद्धिविनायक मंदिर दान विवाद क्या है?
यह विवाद मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट में दान की गई धनराशि के कथित गबन से जुड़ा है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर इस मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाया, जिसके बाद विपक्ष ने पलटवार किया।
शिवसेना-यूबीटी ने एकनाथ शिंदे पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना-यूबीटी सांसद अरविंद सावंत और संजय राउत ने शिंदे को 'गद्दार', 'भगोड़ा' और 'कायर' बताया। सावंत ने आरोप लगाया कि शिंदे ईडी के डर से उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर भागे, जबकि राउत ने कहा कि शिंदे इसलिए नाराज़ हैं क्योंकि विपक्ष उन्हें मंदिर ट्रस्ट से 'चोरी' नहीं करने दे रहा।
एमएनएस ने इस मामले में क्या माँग की है?
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता यशवंत किल्लेदार ने सिद्धिविनायक मंदिर के कथित गबन मामले में उचित और निष्पक्ष जाँच तथा दोषियों को कड़ी सज़ा की माँग की है। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सरकार से इसकी उम्मीद कम है।
यह विवाद 2022 की शिवसेना टूट से कैसे जुड़ा है?
2022 में एकनाथ शिंदे ने शिवसेना से बगावत कर अलग गुट बनाया और सत्ता में आए। तब से उद्धव ठाकरे और शिंदे गुट के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। सावंत ने इसी संदर्भ में पूछा कि यदि शिंदे को हिंदुत्व की इतनी परवाह थी, तो वे ढाई साल ठाकरे के साथ सत्ता में क्यों रहे।
क्या सिद्धिविनायक मंदिर दान मामले में कोई जाँच शुरू हुई है?
अभी तक किसी औपचारिक जाँच की घोषणा नहीं हुई है। विपक्ष और एमएनएस जाँच की माँग कर रहे हैं, लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
राष्ट्र प्रेस
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