क्या एकनाथ शिंदे भाजपा की गुलामी कर रहे हैं?: आदित्य ठाकरे

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क्या एकनाथ शिंदे भाजपा की गुलामी कर रहे हैं?: आदित्य ठाकरे

सारांश

आदित्य ठाकरे ने एकनाथ शिंदे पर भारतीय जनता पार्टी की गुलामी का गंभीर आरोप लगाया है। उनका बयान महाराष्ट्र के राजनीतिक माहौल में हलचल मचा सकता है। यह रैली न केवल राजनीतिक, बल्कि सामाजिक आंदोलन का भी प्रतीक बन सकती है। जानिए इस मुद्दे के पीछे की सच्चाई।

Key Takeaways

एकनाथ शिंदे का 'जय गुजरात' नारा भाजपा की गुलामी का प्रतीक। आदित्य ठाकरे का आरोप: महाराष्ट्र के विकास के अवसर छीनना। रैली को राजनीतिक नहीं, सामाजिक आंदोलन के रूप में देखना।

मुंबई, 4 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के एक भाषण के अंत में जय गुजरात कहे जाने पर विपक्ष ने हमला किया है। शुक्रवार को शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने शिंदे पर भारतीय जनता पार्टी की गुलामी का आरोप लगाया।

आदित्य ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए एकनाथ शिंदे के 'जय गुजरात' नारे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, "एकनाथ शिंदे अब तक जो गुलामी करते आए हैं, यह उसी का असर है। जब देश के गृह मंत्री महाराष्ट्र में आते हैं, तो वे गृह मंत्री कम और गुजरात के प्रतिनिधि ज्यादा लगते हैं। वहीं, शिंदे का महाराष्ट्र में 'जय गुजरात' कहना भाजपा की साफ-साफ गुलामी को प्रदर्शित करता है। शिंदे गुट सिर्फ बीजेपी का साथ नहीं दे रहा, बल्कि महाराष्ट्र को धीरे-धीरे गुलामी के मार्ग पर ले जा रहा है।"

उन्होंने महाराष्ट्र की बड़ी परियोजनाओं को गुजरात के व्यापारियों को देने का आरोप लगाते हुए कहा, "पिछले ढाई साल में वेदांता-फॉक्सकॉन, एयरबस, टाटा मेडिकल डिवाइसेज पार्क जैसी बड़ी परियोजनाएं गुजरात भेज दी गईं। इसी तरह महाराष्ट्र से अवसर लगातार छीने जा रहे हैं।"

आदित्य ठाकरे ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ मिलकर एक रैली करने के निर्णय को राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन बताया। उन्होंने कहा, "यह कोई राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की अस्मिता और भावना से जुड़ा एक सामाजिक आंदोलन है। यह कार्यक्रम महाराष्ट्र की संस्कृति और स्वाभिमान को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। हम महाराष्ट्र की मूल भावना को लेकर आगे बढ़ेंगे।"

उल्लेखनीय है कि मराठी-हिंदी भाषा विवाद को लेकर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने एक साथ रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है। विपक्ष इसे भव्य और ऐतिहासिक बनाने में जुटा है, वहीं महायुति के नेता चुनाव के कारण साथ आने का दावा कर रहे हैं। इसके साथ ही उद्धव पर राज ठाकरे को भविष्य में धोखा देने का आरोप भी लगा रहे हैं।

Point of View

बल्कि महाराष्ट्र की पहचान और संस्कृति को बचाने का भी प्रयास है। देश के समक्ष प्रस्तुत इस मुद्दे पर हमें संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

एकनाथ शिंदे ने 'जय गुजरात' कहने पर विवाद क्यों खड़ा किया?
आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि यह भाजपा की गुलामी का प्रतीक है और महाराष्ट्र की पहचान को कमजोर कर रहा है।
आदित्य ठाकरे का आरोप क्या है?
उन्होंने कहा कि शिंदे महाराष्ट्र के विकास के बजाय गुजरात के व्यापारियों को लाभ पहुंचा रहे हैं।
क्या यह रैली सामाजिक आंदोलन है?
आदित्य ठाकरे ने इसे राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन बताया है जो महाराष्ट्र की संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास है।
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